
दिल्ली के बल्लभगढ़ में ट्रेन की चपेट में आने से कन्नौज के ठठिया थाना क्षेत्र के पुरानी ठठिया गांव निवासी एक युवक की दर्दनाक मौत हो गई। हादसा उस समय हुआ, जब युवक ड्यूटी के लिए जा रहा था। घटना की जानकारी मिलने के बाद परिवार में कोहराम मच गया। पोस्टमार्टम के बाद परिजन मंगलवार को शव लेकर गांव पहुंचे, जहां गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार किया गया।
डेढ़ साल पहले हुई थी शादी
मृतक की पहचान पुरानी ठठिया गांव निवासी गुरुगोबिंद उर्फ रिंकू, पुत्र राम सिंह के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार, गुरुगोबिंद की शादी करीब डेढ़ साल पहले रचना से हुई थी। शादी के बाद परिवार की जिम्मेदारियां बढ़ीं तो उन्होंने रोजगार के लिए दिल्ली जाने का फैसला किया था।
रक्षाबंधन के बाद पत्नी को दिल्ली बुलाने की थी तैयारी
बताया गया कि गुरुगोबिंद ने अपनी पत्नी रचना से बातचीत के दौरान दिल्ली में कमरा तलाशने की बात कही थी। उन्होंने कहा था कि कमरा मिलने के बाद रक्षाबंधन के बाद पत्नी को भी दिल्ली बुला लेंगे। परिवार को क्या पता था कि यह सपना पूरा होने से पहले ही हादसा उनकी जिंदगी बदल देगा।
रेलवे क्रॉसिंग पार करते समय हुआ हादसा
जानकारी के मुताबिक, 9 जुलाई की रात गुरुगोबिंद ड्यूटी के लिए जा रहे थे। इसी दौरान रेलवे क्रॉसिंग पार करते समय वह ट्रेन की चपेट में आ गए। हादसा इतना गंभीर था कि उनकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना की सूचना मिलने पर रेलवे पुलिस और स्थानीय पुलिस ने शव की पहचान कर परिजनों को जानकारी दी।
शव गांव पहुंचते ही मचा कोहराम
सूचना मिलते ही परिजन दिल्ली पहुंचे। आवश्यक कार्रवाई और पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। मंगलवार को शव पुरानी ठठिया गांव पहुंचा तो परिवार में चीख-पुकार मच गई। पत्नी रचना समेत माता कमला और पिता राम सिंह का रो-रोकर बुरा हाल रहा। बाद में हिंदू रीति-रिवाज के अनुसार युवक का अंतिम संस्कार किया गया।
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
गुरुगोबिंद की असामयिक मौत से परिवार गहरे सदमे में है। शादी के महज डेढ़ साल बाद ही पत्नी रचना के जीवन में यह दुखद घटना घट गई। गांव में भी घटना को लेकर शोक का माहौल है।






