
कन्नौज। आलू उत्पादन के लिए प्रदेश में प्रमुख पहचान रखने वाले कन्नौज में इस बार बंपर पैदावार के बीच किसानों के सामने फसल के उचित मूल्य को लेकर चिंता खड़ी हो गई है। स्थानीय मंडियों में कीमतों पर दबाव बढ़ने और किसानों को मजबूरी में कम दाम पर आलू बेचने की स्थिति से बचाने के लिए कन्नौज सदर विधायक एवं उत्तर प्रदेश सरकार के समाज कल्याण मंत्री असीम अरुण ने प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही को पत्र भेजकर तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।
किसानों को संकटग्रस्त बिक्री से बचाने की मांग
मंत्री ने पत्र में कहा है कि आलू की बंपर पैदावार के कारण बाजार में आपूर्ति बढ़ने से किसानों को कम कीमत पर फसल बेचने का जोखिम है। ऐसे समय में सरकारी स्तर पर प्रभावी हस्तक्षेप जरूरी है, ताकि किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिल सके और उत्पादन लागत के मुकाबले होने वाले संभावित नुकसान को कम किया जा सके।
MIS और MIP लागू करने का प्रस्ताव
असीम अरुण ने कृषि मंत्री के समक्ष मार्केट इंटरवेंशन स्कीम (MIS) को तत्काल अधिसूचित करने और आलू के लिए न्यायसंगत न्यूनतम हस्तक्षेप मूल्य (MIP) घोषित करने की मांग रखी है। इसका उद्देश्य बाजार भाव में तेज गिरावट की स्थिति में किसानों को राहत देना और सरकारी हस्तक्षेप के जरिए कीमतों को संतुलित करना है।
सरकारी एजेंसियों से सीधे आलू खरीदने का सुझाव
पत्र में भामाशाह भाव स्थिरता कोष के माध्यम से अधिकृत क्रय एजेंसियों द्वारा किसानों से सीधे आलू खरीदने का सुझाव भी दिया गया है। इससे किसानों को बिचौलियों पर निर्भरता कम करने और संकट के समय अपनी फसल के लिए एक वैकल्पिक बाजार उपलब्ध कराने में मदद मिल सकती है।
उत्तर प्रदेश में पहले भी भामाशाह भाव स्थिरता कोष के जरिए आलू, टमाटर और प्याज जैसी फसलों के लिए न्यूनतम मूल्य सुनिश्चित करने की नीति का उल्लेख किया जा चुका है।
PDS और राशन दुकानों से सस्ता आलू उपलब्ध कराने की योजना
मंत्री ने सरकारी एजेंसियों द्वारा खरीदे गए आलू को सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS), मॉडल फेयर प्राइस शॉप्स और मोबाइल वैन के माध्यम से रियायती दर पर आम लोगों तक पहुंचाने का सुझाव दिया है। इससे एक ओर किसानों को बाजार उपलब्ध हो सकता है, वहीं दूसरी ओर उपभोक्ताओं को भी अपेक्षाकृत कम कीमत पर आलू मिल सकेगा।
कोल्ड स्टोरेज और परिवहन पर भी राहत की मांग
किसानों को तत्काल राहत देने के साथ-साथ भंडारण और बाजार विस्तार पर भी जोर दिया गया है। पत्र में कोल्ड स्टोरेज में आलू भंडारण के लिए प्राथमिकता देने तथा दूसरे राज्यों में परिवहन और निर्यात के लिए Freight Subsidy यानी भाड़ा अनुदान उपलब्ध कराने का सुझाव दिया गया है।
कन्नौज की आलू अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण पहल
कन्नौज में आलू की खेती और उससे जुड़े व्यापार का स्थानीय अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण स्थान है। हाल ही में ठठिया की विशिष्ट आलू मंडी में भी किसानों और व्यापारियों ने बाजार से जुड़ी समस्याएं मंत्री असीम अरुण के सामने रखी थीं। वहीं आलू प्रसंस्करण, सेंटर ऑफ एक्सीलेंस और बेहतर बाजार उपलब्ध कराने जैसी पहलों को लेकर भी जिले में चर्चा होती रही है।अब MIS, MIP, सरकारी खरीद, भंडारण और परिवहन सहायता को लेकर मंत्री की ओर से उठाई गई मांग पर कृषि विभाग और सरकार की ओर से क्या निर्णय लिया जाता है, इस पर कन्नौज के हजारों आलू किसानों की नजर रहेगी।






