ठठिया में खाद दुकानों पर अचानक पहुंचे कृषक समृद्धि आयोग के सदस्य, मचा हड़कंप

कन्नौज के ठठिया कस्बे में शनिवार देर शाम उस समय खाद विक्रेताओं में अफरा-तफरी की स्थिति बन गई, जब कृषक समृद्धि आयोग के सदस्य कुलजीत सिंह अचानक खाद की दुकानों के निरीक्षण के लिए पहुंच गए। उनके पहुंचने की सूचना मिलते ही कुछ खाद विक्रेता अपनी दुकानें बंद कर मौके से चले गए। निरीक्षण के दौरान खुली दुकानों और खाद गोदामों में उपलब्ध स्टॉक का भौतिक सत्यापन किया गया।

अचानक निरीक्षण से कई दुकानदार दुकानें बंद कर चले गए

कुलजीत सिंह के अचानक पहुंचने की सूचना मिलते ही कुछ खाद विक्रेताओं में हलचल मच गई। उपलब्ध जानकारी के अनुसार कई दुकानदार अपनी दुकानें बंद कर मौके से चले गए, जबकि कुछ दुकानें खुली मिलीं। निरीक्षण टीम ने खुली दुकानों पर खाद की उपलब्धता, स्टॉक और बिक्री से संबंधित जानकारी जुटाई।

राजीव कटियार की खाद दुकान से शुरू हुआ निरीक्षण

कुलजीत सिंह ने सबसे पहले ठठिया थाना के सामने स्थित राजीव कटियार की खाद की दुकान का निरीक्षण किया। उन्होंने दुकान के अभिलेखों की जांच की और खाद की बिक्री तथा उपलब्ध स्टॉक के संबंध में जानकारी ली। इस दौरान दुकान पर मौजूद एक किसान से खाद की कीमत के बारे में भी पूछताछ की गई। किसान ने बताया कि उसे खाद सरकारी निर्धारित दर पर मिल रही है।

दुकानों और गोदामों में स्टॉक का किया सत्यापन

इसके बाद आयोग के सदस्य ने क्षेत्र की अन्य खाद दुकानों और गोदामों का भी निरीक्षण किया। उन्होंने दुकानदारों से उपलब्ध खाद के स्टॉक की जानकारी ली और गोदामों में रखी खाद का भौतिक सत्यापन किया। निरीक्षण के दौरान अधिकांश दुकानों पर खाद उपलब्ध पाई गई।

निर्धारित दर से अधिक वसूली पर कार्रवाई की चेतावनी

निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने खाद विक्रेताओं को किसानों को निर्धारित सरकारी दर पर ही खाद उपलब्ध कराने, बिक्री का उचित रिकॉर्ड रखने और स्टॉक से संबंधित अभिलेख दुरुस्त रखने के निर्देश दिए। आयोग के सदस्य कुलजीत सिंह ने स्पष्ट किया कि किसानों को खाद के लिए किसी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए। निर्धारित सरकारी दर से अधिक कीमत वसूलने अथवा खाद की कालाबाजारी की शिकायत मिलने पर संबंधित विक्रेता के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

खाद की उपलब्धता और बिक्री व्यवस्था पर प्रशासन की नजर

कन्नौज में खरीफ सीजन के दौरान खाद की मांग को देखते हुए प्रशासन पहले से ही उर्वरक की उपलब्धता और बिक्री व्यवस्था की निगरानी कर रहा है। हाल ही में कृषि विभाग ने भी स्पष्ट किया था कि निर्धारित मूल्य से अधिक वसूली, जमाखोरी अथवा बिक्री में अनियमितता मिलने पर संबंधित विक्रेताओं के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इससे पहले जिले में खाद विक्रेताओं के लाइसेंस निलंबित किए जाने की कार्रवाई भी सामने आ चुकी है।

किसानों को राहत देने पर जोर

कृषक समृद्धि आयोग के सदस्य कुलजीत सिंह ने कहा कि किसानों को खाद की उपलब्धता को लेकर किसी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए। निरीक्षण का उद्देश्य खाद की उपलब्धता, निर्धारित मूल्य पर बिक्री और वितरण व्यवस्था की वास्तविक स्थिति की जानकारी लेना है। खाद की दुकानों पर स्टॉक और बिक्री व्यवस्था की निगरानी आगे भी जारी रहने के संकेत हैं।

Shivpratap Singh
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