
इटावा निवासी मौलाना जरजिस द्वारा भगवान शिव और ब्रह्माजी को लेकर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी के बाद शुरू हुए विवाद पर कन्नौज के पूर्व भाजपा सांसद सुब्रत पाठक ने प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि किसी भी धर्म के आराध्यों के संबंध में अपमानजनक टिप्पणी सामाजिक सौहार्द के लिए उचित नहीं है और ऐसे मामलों में कानून के अनुसार कार्रवाई होनी चाहिए।
धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाले बयानों पर जताई आपत्ति
पूर्व सांसद सुब्रत पाठक ने कहा कि किसी भी धर्म की आस्था का सम्मान लोकतांत्रिक और सामाजिक व्यवस्था की मूल भावना है। उनका कहना था कि धार्मिक प्रतीकों और आराध्यों पर की जाने वाली विवादित टिप्पणियां समाज में तनाव उत्पन्न कर सकती हैं, इसलिए ऐसे मामलों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए।
मुस्लिम समाज और धर्मगुरुओं से की अपील
सुब्रत पाठक ने मुस्लिम समाज एवं इस्लामिक विद्वानों से अपील करते हुए कहा कि वे समाज में सौहार्द बनाए रखने के लिए ऐसे विवादित बयानों का सार्वजनिक रूप से विरोध करें। उन्होंने कहा कि सभी समुदायों के जिम्मेदार लोगों को सामाजिक सद्भाव बनाए रखने में सकारात्मक भूमिका निभानी चाहिए।
मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की मांग
पूर्व सांसद ने संबंधित मामले में मौलाना जरजिस के विरुद्ध विधिक कार्रवाई की मांग की। उनका कहना है कि कानून के अनुसार निष्पक्ष जांच और आवश्यक कार्रवाई होने से भविष्य में इस प्रकार के विवादों की पुनरावृत्ति रोकने में मदद मिलेगी।
सामाजिक सौहार्द बनाए रखने पर दिया जोर
सुब्रत पाठक ने कहा कि भारत विविध आस्थाओं और परंपराओं वाला देश है, जहां प्रत्येक धर्म और उसके अनुयायियों का सम्मान किया जाना चाहिए। उन्होंने सभी पक्षों से संयम बरतने और ऐसी किसी भी टिप्पणी से बचने की अपील की, जिससे धार्मिक भावनाएं आहत हों या सामाजिक सद्भाव प्रभावित हो।






