
कन्नौज/उमर्दा। इटावा में आगरा-कानपुर नेशनल हाईवे पर गुरुवार देर रात हुए भीषण सड़क हादसे में कन्नौज जिले की तिर्वा तहसील क्षेत्र के उमर्दा ग्राम पंचायत निवासी डीसीएम चालक शरद शुक्ला उर्फ कल्लू की मौत हो गई। हादसे की सूचना जैसे ही उनके परिजनों और ग्रामीणों को मिली, घर में चीख-पुकार मच गई और पूरे गांव में शोक का माहौल बन गया।
करीब 10-12 वर्षों से वाहन चलाकर परिवार का कर रहे थे भरण-पोषण
बताया गया कि शरद शुक्ला पिछले करीब 10 से 12 वर्षों से वाहन चलाने का काम करते थे। शुरुआती दौर में उन्होंने ट्रक चलाया और वर्तमान में डीसीएम चालक के रूप में कार्यरत थे। इसी सिलसिले में वह गुरुवार रात इटावा की ओर जा रहे थे।
रात करीब एक बजे हुई आमने-सामने की टक्कर
जानकारी के मुताबिक, गुरुवार रात करीब एक बजे इटावा के फ्रेंड्स कॉलोनी थाना क्षेत्र में भगवान अड्डा के पास शरद की डीसीएम की सामने से आ रहे दूसरे वाहन से जोरदार टक्कर हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि डीसीएम का अगला हिस्सा और चेचिस बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया।
पुलिस ने शव मोर्चरी में रखवाया
हादसे के बाद मार्ग से गुजर रहे लोगों ने पुलिस को सूचना दी। जानकारी मिलने पर फ्रेंड्स कॉलोनी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और दुर्घटनाग्रस्त वाहनों का निरीक्षण किया। पुलिस ने आवश्यक कार्रवाई के बाद शरद शुक्ला के शव को मोर्चरी में रखवा दिया। मामले में पुलिस की ओर से आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
खबर पहुंचते ही उमर्दा में मचा कोहराम
शरद की मौत की सूचना उमर्दा स्थित उनके घर पहुंचते ही परिवार में मातम छा गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। परिवार के सदस्य नन्हे शुक्ला के अनुसार, घटना की जानकारी मिलने के बाद शरद के छोटे भाई और कुछ पड़ोसी इटावा के लिए रवाना हो गए।
मिलनसार स्वभाव के लिए ग्रामीणों के बीच थे पहचान
शरद शुक्ला की अचानक हुई मौत की खबर फैलने के बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण उनके घर पहुंचने लगे। ग्रामीणों के अनुसार, शरद सरल स्वभाव के थे और लोगों से मिलनसार तरीके से बातचीत करते थे। कम उम्र में हुई उनकी आकस्मिक मौत ने परिवार के साथ-साथ परिचितों और ग्रामीणों को भी गहरे सदमे में डाल दिया है।
सड़क सुरक्षा को लेकर फिर उठे सवाल
आगरा-कानपुर नेशनल हाईवे पर लगातार सामने आने वाले गंभीर हादसे सड़क सुरक्षा को लेकर चिंता का विषय बने हुए हैं। हाल के महीनों में इटावा और आसपास के हाईवे क्षेत्रों में बस, ट्रक और अन्य भारी वाहनों से जुड़े कई हादसे सामने आए हैं।






