
संवाद 24 कन्नौज। कन्नौज में भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने शनिवार को मौलाना जरजिस अंसारी के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए उनका पुतला दहन किया। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि मौलाना द्वारा भगवान शिव और भगवान श्रीकृष्ण को लेकर की गई कथित आपत्तिजनक टिप्पणी से धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं। उन्होंने प्रशासन से मामले में सख्त कानूनी कार्रवाई करते हुए राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) के तहत कार्रवाई की मांग की।
फूलमती चौराहे पर हुआ प्रदर्शन
शनिवार दोपहर भाजपा नेता छोटू यादव के नेतृत्व में भाजयुमो कार्यकर्ता शहर के फूलमती चौराहे पर एकत्र हुए। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने मौलाना जरजिस अंसारी के खिलाफ नारेबाजी की और उनका पुतला फूंककर विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शन में नीतीश तिवारी, जग्गू अवस्थी, अबी गिहार, कुलदीप पंडित, अनुज गुप्ता, अमन मिश्रा, सूरज राजपूत, अर्पित यादव, लालू प्रजापति, धीरू कुशवाहा, अमित तिवारी, छोटू कनौजिया, छोटू तिवारी सहित अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।
भाजयुमो ने लगाए गंभीर आरोप
प्रदर्शन के दौरान भाजपा नेता छोटू यादव ने आरोप लगाया कि मौलाना जरजिस अंसारी पूर्व में भी हिंदू देवी-देवताओं के संबंध में विवादित बयान देते रहे हैं। उनका कहना था कि किसी भी धर्म या आस्था के प्रतीकों के संबंध में आपत्तिजनक टिप्पणी सामाजिक सौहार्द और आपसी भाईचारे को प्रभावित करती है। उन्होंने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी पाए जाने पर कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग की।
रासुका लगाने की उठी मांग
भाजयुमो कार्यकर्ताओं ने प्रशासन से मांग की कि यदि आरोपों की पुष्टि होती है तो मौलाना के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) सहित कठोर कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाए। उनका कहना था कि धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाले मामलों में कानून के अनुसार सख्त कदम उठाए जाने चाहिए।
‘कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन तेज होगा’
भाजयुमो नेता धीरू कुशवाहा ने आरोप लगाया कि मौलाना पहले से एक आपराधिक मामले में आरोपी रहे हैं और वर्तमान में जमानत पर हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ने समय रहते प्रभावी कार्रवाई नहीं की तो संगठन व्यापक स्तर पर आंदोलन करेगा।
समाचार लिखे जाने तक प्रदर्शन को लेकर मौलाना जरजिस अंसारी की ओर से भी भाजपा नेताओं द्वारा लगाए गए आरोपों पर कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी। इस समाचार में मौलाना जरजिस अंसारी के संबंध में लगाए गए आरोप प्रदर्शनकारी पक्ष के दावों पर आधारित हैं।






