
कन्नौज जिले के ठठिया थाना क्षेत्र में बिना अनुमति प्रतिबंधित एवं संरक्षित श्रेणी के पेड़ों की कटाई का मामला सामने आया है। सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और कटे हुए पेड़ों की लकड़ी जब्त कर कार्रवाई शुरू कर दी। विभाग ने संबंधित व्यक्ति से पेड़ कटान की अनुमति मांगी, लेकिन वैध अनुमति पत्र प्रस्तुत नहीं किए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई। उत्तर प्रदेश में पेड़ों की कटाई के लिए निर्धारित परिस्थितियों में सक्षम प्राधिकारी से पूर्व अनुमति आवश्यक होती है।
100 वर्ष से अधिक पुराने पाकड़ सहित कई पेड़ों की कटाई
प्राप्त जानकारी के अनुसार, ठठिया क्षेत्र के छपट्टी मोहल्ला निवासी एक व्यक्ति द्वारा मजदूरों की सहायता से लगभग 100 वर्ष पुराने विशालकाय पाकड़ के पेड़ सहित शीशम, बेल एवं अन्य पेड़ों की कटाई कराई गई। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची, जहां कटे हुए पेड़ों के बड़े-बड़े लट्ठे बरामद किए गए। हालांकि कार्रवाई की भनक लगते ही लकड़ी काटने वाले मजदूर मौके से फरार हो गए।
अनुमति पत्र नहीं दिखा सके पेड़ मालिक
वन विभाग के अधिकारियों ने मौके पर मौजूद पेड़ स्वामी से कटान की अनुमति का दस्तावेज मांगा, लेकिन वह कोई वैध अनुमति पत्र प्रस्तुत नहीं कर सके। प्रारंभिक पूछताछ में बिना अनुमति पेड़ कटवाने की बात सामने आने पर विभाग ने जुर्माना जमा कराने के निर्देश दिए। अधिकारियों का कहना है कि नियमानुसार अनुमति के बिना पेड़ों की कटाई दंडनीय है।
जुर्माना नहीं भरने पर दर्ज होगा मुकदमा
वन विभाग के अनुसार पूरे प्रकरण की रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेज दी गई है। वन दरोगा सूर्य प्रताप ने बताया कि यदि निर्धारित जुर्माना जमा नहीं किया जाता है तो संबंधित व्यक्ति के विरुद्ध विधिक कार्रवाई करते हुए मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। साथ ही जब्त की गई लकड़ी को विभागीय अभिरक्षा में ले लिया गया है और मामले की विस्तृत जांच जारी है।






