बिलंदपुर में श्रीमद्भागवत कथा का चौथा दिन: राम जन्मोत्सव की भक्ति में सराबोर हुए श्रद्धालु

हसेरन विकासखंड के बिलंदपुर गांव में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के चौथे दिन धार्मिक आस्था और भक्ति का अनुपम संगम देखने को मिला। कथा के दौरान भगवान श्रीराम के जन्मोत्सव का उल्लासपूर्ण आयोजन किया गया, वहीं भक्त प्रह्लाद के अटूट विश्वास और भगवान के प्रति समर्पण की प्रेरणादायक कथा ने श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे और पूरे पंडाल में भक्तिमय वातावरण बना रहा।

कथा व्यास ने बताया—सच्ची भक्ति कभी व्यर्थ नहीं जाती

नैमिषारण्य से पधारे कथा व्यास पंडित आशुतोष मिश्र ने प्रवचन में कहा कि भक्ति का मार्ग सरल नहीं होता, लेकिन जो साधक हर परिस्थिति में ईश्वर के प्रति अडिग विश्वास बनाए रखता है, उस पर अंततः प्रभु की कृपा अवश्य होती है। उन्होंने भक्त प्रह्लाद के जीवन प्रसंग के माध्यम से श्रद्धालुओं को धैर्य, विश्वास और सत्य के मार्ग पर चलने का संदेश दिया।

ठुमक चलत रामचंद्र…’ भजन पर झूम उठा पंडाल

भगवान श्रीराम के जन्म प्रसंग का भावपूर्ण वर्णन करते हुए कथा व्यास ने जब प्रसिद्ध भजन “ठुमक चलत रामचंद्र बाजत पैजनियां” प्रस्तुत किया, तो पूरा पंडाल जय श्रीराम के उद्घोष और भक्ति रस से गूंज उठा। श्रद्धालु भजनों पर भावविभोर होकर झूमते नजर आए।

रामायण के प्रमुख प्रसंगों का किया गया विस्तृत वर्णन

कथा के दौरान महर्षि विश्वामित्र द्वारा श्रीराम और लक्ष्मण को यज्ञ रक्षा के लिए साथ ले जाने, ताड़का वध, राक्षसों के संहार, अहिल्या उद्धार, धनुष यज्ञ, श्रीराम-सीता विवाह, वनगमन, महाराज दशरथ के निधन, केवट प्रसंग तथा चित्रकूट प्रवास सहित रामायण के अनेक महत्वपूर्ण प्रसंगों का विस्तार से वर्णन किया गया।

महामंत्र संकीर्तन से भक्तिमय हुआ वातावरण

कथा के समापन पर श्रद्धालुओं ने सामूहिक रूप से “हरे राम हरे राम, राम राम हरे हरे… हरे कृष्ण हरे कृष्ण, कृष्ण कृष्ण हरे हरे…” महामंत्र का संकीर्तन किया। भक्ति और श्रद्धा से ओत-प्रोत इस संकीर्तन ने पूरे वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया।

वैदिक मंत्रोच्चार के साथ संपन्न हुई पूजा-अर्चना

यज्ञ के यजमान शीलेन्द्र सिंह पाल एवं उनकी धर्मपत्नी रीमान देवी का आचार्य सुधीर कुमार चतुर्वेदी ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ विधिवत पूजन एवं आरती संपन्न कराई। इस अवसर पर पूर्व प्रधान जगपाल सिंह, प्रधान प्रतिनिधि रक्षपाल सिंह पाल, भरत पाल सिंह, सत्यपाल सिंह, दीपेंद्र सिंह, रामवीर बाथम, रामप्रताप सिंह, अवनीश कुमार पाल, सुधीर कुमार पाल सहित क्षेत्र के अनेक गणमान्य नागरिक एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे।

Shivpratap Singh
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