
कन्नौज के मेहंदी घाट पर गुरुवार शाम उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब समाज कल्याण मंत्री असीम अरुण के कार्यक्रम के दौरान एक युवक ने गंगा नदी में छलांग लगाकर आत्महत्या का प्रयास किया। मौके पर मौजूद गोताखोरों ने तत्काल नदी में उतरकर युवक को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। घटना के बाद पुलिस ने युवक से पूछताछ कर मामले की जानकारी जुटाई।
भूमि विवाद में न्याय न मिलने से था परेशान
जानकारी के अनुसार सदर कोतवाली क्षेत्र के चौराचांदपुर गांव निवासी मेवाराम का आरोप है कि उसकी जमीन पर कुछ लोगों द्वारा कब्जे का प्रयास किया जा रहा है। उसने बताया कि पिछले करीब दो महीनों से वह राजस्व एवं प्रशासनिक अधिकारियों के चक्कर लगा रहा है, लेकिन उसकी शिकायत पर कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। युवक का कहना है कि उसे लगातार धमकियां भी मिल रही हैं।
मंत्री को सौंपा प्रार्थना पत्र, सुनवाई न होने पर उठाया आत्मघाती कदम
मेवाराम को जानकारी मिली कि समाज कल्याण मंत्री असीम अरुण मेहंदी घाट पर भूमि पूजन कार्यक्रम में शामिल होने आ रहे हैं। वह परिजनों के साथ वहां पहुंचा और मंत्री को अपना प्रार्थना पत्र सौंपा। युवक का आरोप है कि वह अपनी बात विस्तार से रखना चाहता था, लेकिन मंत्री कार्यक्रम में व्यस्त हो गए। इसी बीच उसने गंगा में छलांग लगा दी, जिससे कार्यक्रम स्थल पर मौजूद लोगों में हड़कंप मच गया।
लेखपाल और कानूनगो पर लगाए गंभीर आरोप
बचाए जाने के बाद युवक ने पुलिस और मीडिया के सामने आरोप लगाया कि उसकी जमीन के मामले में संबंधित लेखपाल और कानूनगो की भूमिका संदिग्ध है तथा उनकी मिलीभगत के कारण कार्रवाई नहीं हो रही। उसने इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। युवक का कहना है कि यदि समय रहते उसकी शिकायत पर कार्रवाई होती तो उसे ऐसा कदम उठाने की नौबत नहीं आती।
पुलिस ने शुरू की जांच, प्रशासन पर उठे सवाल
घटना के बाद पुलिस ने युवक से पूछताछ कर मामले की जानकारी ली। फिलहाल प्रशासन पूरे प्रकरण की जांच में जुटा है। वहीं भूमि विवाद और शिकायतों के निस्तारण को लेकर स्थानीय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं। मामले में प्रशासन की ओर से विस्तृत आधिकारिक बयान का इंतजार है।






