कन्नौज में SIR पर सियासी संग्राम: मतदाता सूची संशोधन बना विवाद का केंद्र

कन्नौज जिले में हाल ही में सम्पन्न हुई विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया के बाद प्रकाशित अंतिम मतदाता सूची ने राजनीतिक माहौल को गरमा दिया है। प्रशासनिक आंकड़ों के अनुसार इस प्रक्रिया में कुल 2,21,888 मतदाता सूची से बाहर हो गए, जिसके बाद सत्तारूढ़ दल और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं।

शुद्ध मतदाता सूची से बढ़ेगा लोकतंत्र का भरोसा” – असीम अरुण

कन्नौज सदर विधायक एवं समाज कल्याण मंत्री असीम अरुण ने SIR प्रक्रिया को आवश्यक और समयोचित बताते हुए कहा कि यह कदम लगभग दो दशकों बाद उठाया गया है। उनके अनुसार, वर्षों से मतदाता सूची में मृत, स्थानांतरित या अनुपस्थित लोगों के नाम बने रहने से मतदान प्रतिशत प्रभावित होता था।उन्होंने तर्क दिया कि अन्य राज्यों—जैसे असम और केरल—में उच्च मतदान प्रतिशत इसी तरह की शुद्ध मतदाता सूची का परिणाम है। मंत्री के मुताबिक, अब सूची अधिक पारदर्शी और वास्तविक होगी, जिससे भविष्य के चुनावों में गड़बड़ी की संभावना लगभग समाप्त हो जाएगी।

जाति विशेष के वोट काटने की साजिश” – विजय द्विवेदी

वहीं, समाजवादी पार्टी के जिला प्रवक्ता विजय द्विवेदी ने इस प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि यह पूरी कवायद एक राजनीतिक रणनीति के तहत की गई है, जिसका उद्देश्य खास वर्गों के मतदाताओं को सूची से बाहर करना है।द्विवेदी ने कहा कि नाम या जाति में मामूली अंतर होने पर भी नोटिस जारी किए गए, जिससे कई पात्र मतदाता सूची से बाहर हो गए। उन्होंने इसे “लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर करने की कोशिश” बताया और चुनाव आयोग की भूमिका पर भी प्रश्न खड़े किए।

प्रशासनिक प्रक्रिया या राजनीतिक विवाद?

SIR प्रक्रिया का मूल उद्देश्य मतदाता सूची को अद्यतन और त्रुटिरहित बनाना होता है, ताकि केवल पात्र नागरिक ही मतदान कर सकें। हालांकि, कन्नौज में बड़ी संख्या में नाम कटने के बाद यह प्रक्रिया राजनीतिक बहस का विषय बन गई है।एक ओर जहां इसे चुनावी पारदर्शिता की दिशा में बड़ा कदम बताया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर विपक्ष इसे मताधिकार पर चोट मान रहा है।

आगे क्या?

आगामी चुनावों से पहले मतदाता सूची को लेकर यह विवाद और गहराने की संभावना है। अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या प्रभावित मतदाता पुनः सूची में जुड़ पाते हैं और क्या इस मुद्दे का असर चुनावी परिणामों पर पड़ेगा।

Shivpratap Singh
Shivpratap Singh

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