
संवाद 24 संवाददाता। कन्नौज कलेक्ट्रेट परिसर में आयोजित संवाद कार्यक्रम के दौरान शहर के व्यापारियों ने अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के समक्ष स्थानीय समस्याओं को प्रमुखता से उठाया। बैठक में व्यापारिक गतिविधियों पर पड़ रहे प्रभाव और बुनियादी सुविधाओं की कमी को लेकर विस्तार से चर्चा की गई।
सबसे पहले सरायमीरा बस स्टैंड क्षेत्र में बढ़ते अतिक्रमण और जाम की समस्या का मुद्दा सामने आया। व्यापारियों ने बताया कि बस स्टैंड के आसपास फुटपाथ पूरी तरह समाप्त हो चुके हैं। सड़क किनारे बसों और ऑटो के खड़े होने से यातायात व्यवस्था प्रभावित रहती है। दुकानों के सामने अवैध रूप से ऑटो खड़े रहने के कारण ग्राहकों को वाहन खड़ा करने की जगह नहीं मिलती, जिससे व्यापार पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है।
व्यापारी प्रतिनिधियों ने कहा कि यदि प्रशासन नियमित रूप से अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाए और बसों व ऑटो के लिए निर्धारित स्थान सुनिश्चित करे तो जाम की समस्या काफी हद तक कम हो सकती है। उन्होंने नगर क्षेत्र में सुव्यवस्थित पार्किंग व्यवस्था विकसित करने की भी मांग की।
बैठक में मकरंदनगर स्थित लगभग 45 वर्ष पुराने औद्योगिक क्षेत्र के विस्तार का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। व्यापारियों ने कहा कि लंबे समय से औद्योगिक क्षेत्र का विस्तार नहीं किया गया है, जिससे नए उद्यमियों को अवसर नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने औद्योगिक विकास को गति देने के लिए नई भूमि चिन्हित करने की मांग की।
इसके साथ ही फ्रैगरेंस एंड फ्लॉवर डेवलपमेंट सेंटर में प्रशिक्षण कार्यक्रमों के साथ शोध गतिविधियों को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया। व्यापारियों का कहना था कि कन्नौज की इत्र उद्योग की पहचान को मजबूत करने के लिए आधुनिक तकनीक और अनुसंधान को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
कार्यक्रम में मौजूद जिले की प्रभारी मंत्री रजनी तिवारी ने जिलाधिकारी आशुतोष मोहन अग्निहोत्री को निर्देश दिए कि जनपद स्तर पर हल की जा सकने वाली समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान सुनिश्चित किया जाए। साथ ही जिन मामलों में शासन स्तर पर निर्णय आवश्यक है, उनका प्रस्ताव तैयार कर शीघ्र प्रेषित किया जाए।
संवाद कार्यक्रम में प्रशासन और व्यापारियों के बीच सकारात्मक वार्ता हुई। अधिकारियों ने समस्याओं के समाधान के लिए आवश्यक कार्यवाही का आश्वासन दिया।





