
संवाद 24 संवाददाता। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के तहत कार्यरत कर्मचारियों ने बुधवार को कन्नौज कलेक्ट्रेट परिसर में अपनी 9 सूत्रीय मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में महिला कर्मचारी भी मौजूद रहीं, जिनमें से कुछ अपने बच्चों को साथ लेकर पहुंचीं। कर्मचारियों ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर मांगों के शीघ्र समाधान की अपील की।
यह प्रदर्शन भारतीय मजदूर संघ के बैनर तले संयुक्त राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन कर्मचारी संघ द्वारा आयोजित किया गया। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि लंबे समय से उनकी मांगें लंबित हैं, जिन पर अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है। कर्मचारियों ने प्रशासन से सकारात्मक हस्तक्षेप की अपेक्षा जताई।
ज्ञापन में कर्मचारियों ने वेतन भुगतान को डीबीटी प्रणाली से अलग रखने की मांग की है। उनका कहना है कि तकनीकी अड़चनों के कारण समय पर वेतन नहीं मिल पाता। साथ ही प्रत्येक माह की तीन तारीख से पहले वेतन एवं प्रोत्साहन राशि का भुगतान सुनिश्चित करने की भी मांग की गई है।
इसके अतिरिक्त प्रदेश के कुल बजट का 9 से 10 प्रतिशत हिस्सा स्वास्थ्य सेवाओं के लिए आवंटित करने की मांग उठाई गई। कर्मचारियों ने भारत सरकार के आईपीएचएस मानकों के अनुरूप आबादी के आधार पर नए पद सृजित करने का आग्रह भी किया।
प्रदर्शनकारियों ने 10 वर्ष से अधिक समय से सेवा दे रहे कर्मियों के नियमितीकरण की मांग प्रमुखता से उठाई। उनका कहना है कि लंबे समय से संविदा पर कार्य करने वाले कर्मचारियों को स्थायित्व दिया जाना चाहिए। साथ ही दीर्घकालीन सेवा देने वाले कर्मियों के वार्षिक वेतन में वृद्धि की प्रक्रिया लागू करने की भी अपील की गई।
संघ के जिलाध्यक्ष रवि प्रताप सिंह के नेतृत्व में आयोजित प्रदर्शन में महामंत्री अजय भदौरिया, संयोजक प्रांजुल तिवारी, अंकित बघेल, विपिन पाल, रिंकू गौतम, डॉ. सौरभ सिंह, प्रियंका मिश्रा, डॉ. प्रेमचंद और अजय कुमार सहित कई कर्मचारी शामिल रहे।
सभी कर्मचारियों ने एकजुट होकर जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा और मांगों पर शीघ्र कार्रवाई की अपेक्षा जताई। प्रशासन की ओर से ज्ञापन पर नियमानुसार कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है।






