25 फरवरी से कन्नौज में शुरू होगी ‘संवाद सेतु’ व्यवस्था, अधिकारियों से संपर्क होगा आसान
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संवाद 24 संवाददाता। कन्नौज सहित प्रदेश के तीन जनपदों में 25 फरवरी से ‘संवाद सेतु’ व्यवस्था लागू की जा रही है। यह पहल जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच संवाद को अधिक सुगम, पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के उद्देश्य से शुरू की जा रही है। पायलट प्रोजेक्ट के रूप में इसकी शुरुआत कन्नौज, गाजियाबाद और हरदोई में की जा रही है।
प्रदेश सरकार की इस नई व्यवस्था के तहत कन्नौज को पायलट जनपदों में शामिल किया गया है। इसके साथ ही गाजियाबाद और हरदोई में भी 25 फरवरी से यह प्रणाली प्रभावी हो जाएगी। शासन स्तर पर इसकी समयबद्ध तैयारियों के निर्देश संबंधित जिलाधिकारियों को जारी कर दिए गए हैं, ताकि व्यवस्था सुचारु रूप से लागू हो सके।
‘संवाद सेतु’ के अंतर्गत प्रत्येक चयनित जनपद में जिला संपर्क एवं कमांड सेंटर (DCCC) स्थापित किया जाएगा। इस सेंटर का मुख्य उद्देश्य जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के बीच संवाद की निरंतरता सुनिश्चित करना है। यदि किसी अधिकारी द्वारा जनप्रतिनिधि का फोन रिसीव नहीं किया जाता या 10 मिनट के भीतर कॉल बैक नहीं किया जाता है, तो संबंधित जनप्रतिनिधि कमांड सेंटर को इसकी सूचना दे सकेंगे।
कमांड सेंटर सूचना मिलते ही संबंधित अधिकारी को तत्काल कॉल बैक के निर्देश देगा और दोनों पक्षों के बीच संवाद स्थापित कराएगा। इससे ‘फोन न उठने’ की शिकायतों पर प्रभावी नियंत्रण होने की उम्मीद जताई जा रही है। शासन का मानना है कि इससे प्रशासनिक कार्यों में तेजी और जवाबदेही दोनों बढ़ेंगी।
यह व्यवस्था केवल कार्य दिवसों और कार्यालय समय में ही लागू होगी। संपर्क केवल सरकारी सीयूजी (Closed User Group) नंबरों पर ही मान्य होगा। बेहतर संवाद और त्वरित प्रतिक्रिया देने वाले अधिकारियों को प्रोत्साहित किया जाएगा, जबकि लापरवाही की स्थिति में रिपोर्ट शासन को प्रेषित की जाएगी।
जानकारी के अनुसार, जनप्रतिनिधियों द्वारा अधिकारियों से संपर्क में आ रही कठिनाइयों का मुद्दा विधानसभा में उठाया गया था। इसके बाद शासन स्तर पर इस व्यवस्था को लागू करने का निर्णय लिया गया। यदि पायलट प्रोजेक्ट सफल रहता है, तो इसे प्रदेश के अन्य जनपदों में भी विस्तारित किया जाएगा।






