
ऐतिहासिक बौद्ध तीर्थस्थल संकिसा में मंगलवार को केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू पहुंचे। उन्होंने बौद्ध स्तूप पर पहुंचकर पूजा-अर्चना की और परिक्रमा कर श्रद्धा व्यक्त की। इस दौरान उन्होंने कहा कि यहां आकर उन्हें बहुत अच्छा लगा। बौद्ध महोत्सव के समापन के अगले दिन केंद्रीय मंत्री के संकिसा पहुंचने को लेकर स्थानीय बौद्ध अनुयायियों और आयोजकों में उत्साह रहा।
पहले होटल पहुंचे, फिर बौद्ध स्तूप पर की पूजा
मंगलवार दोपहर करीब डेढ़ बजे संकिसा पहुंचे केंद्रीय मंत्री सबसे पहले रॉयल रेजिडेंसी होटल गए। यहां जलपान करने के बाद वह ऐतिहासिक बौद्ध स्तूप पहुंचे। स्तूप परिसर में उन्होंने वाईवीएस प्रमुख सुरेश बौद्ध के साथ परिक्रमा की। इसके बाद मोमबत्ती और अगरबत्ती जलाकर पूजा-अर्चना की।
सुरेश बौद्ध ने बताई स्तूप की ऐतिहासिक महत्ता
पूजा के दौरान वाईवीएस प्रमुख सुरेश बौद्ध ने केंद्रीय मंत्री को बौद्ध स्तूप के इतिहास और धार्मिक महत्त्व की जानकारी दी। इस दौरान स्तूप के निर्माण से जुड़ी ऐतिहासिक मान्यताओं पर भी चर्चा हुई। प्राप्त जानकारी के अनुसार, केंद्रीय मंत्री ने यहां पहुंचने पर प्रसन्नता व्यक्त की और संकिसा के धार्मिक वातावरण की सराहना की।
बौद्ध विरासत के लिए खास पहचान रखता है संकिसा
फर्रुखाबाद जिले का संकिसा बौद्ध धर्म के प्रमुख तीर्थस्थलों में गिना जाता है। बौद्ध परंपरा के अनुसार, भगवान बुद्ध से जुड़ी महत्वपूर्ण घटनाओं के कारण इस स्थान का विशेष धार्मिक महत्त्व है। यहां मौजूद प्राचीन स्तूप और अशोककालीन विरासत के अवशेष इस क्षेत्र को ऐतिहासिक पहचान देते हैं। भारत सरकार के पर्यटन पोर्टल पर भी संकिसा का उल्लेख एक महत्वपूर्ण आध्यात्मिक स्थल के रूप में किया गया है।
सांसद और विधायक समेत कई लोग रहे मौजूद
केंद्रीय मंत्री के संकिसा दौरे के दौरान भाजपा सांसद मुकेश राजपूत, कायमगंज विधायक डॉ. सुरभि, नगर पंचायत संकिसा-बसंतपुर के प्रतिनिधि राहुल राजपूत सहित अन्य लोग मौजूद रहे। पूजा-अर्चना और स्तूप की परिक्रमा के बाद किरेन रिजिजू मैनपुरी जिले के राजघाट स्थित सुरेश बौद्ध के वाईवीएस सेंटर के लिए रवाना हो गए।






