
समान कार्य के लिए समान वेतन और नियमितीकरण की मांग को लेकर राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों का आंदोलन तेज होता जा रहा है। गुरुवार को फर्रुखाबाद स्थित मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) कार्यालय परिसर में धरना दे रहे कर्मचारियों ने थाली, कटोरी और शंख बजाकर विरोध प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक उनका अनिश्चितकालीन धरना जारी रहेगा। धरना स्थल पर सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर पुलिस बल भी तैनात रहा।
थाली और शंख बजाकर जताया विरोध, मांगों पर कार्रवाई का इंतजार
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन संविदा कर्मचारी संघ के बैनर तले जिलेभर के संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी सीएमओ कार्यालय परिसर में एकत्र होकर अपनी मांगों को लेकर आवाज उठा रहे हैं। कर्मचारियों के अनुसार, धरना सुबह करीब 10:30 बजे शुरू होकर शाम चार बजे तक चलता है। गुरुवार दोपहर करीब एक बजे कर्मचारियों ने थाली और कटोरी बजाकर विरोध दर्ज कराया। इस दौरान कुछ कर्मचारियों ने शंख भी बजाया। प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों का कहना है कि वे लंबे समय से अपनी मांगें उठा रहे हैं, लेकिन अब तक अपेक्षित समाधान नहीं मिला है। इसी कारण उन्हें आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा है। कर्मचारियों ने एकजुटता दिखाते हुए मांगें पूरी होने तक पीछे नहीं हटने की बात कही।
5 अक्टूबर से शुरू हुआ आंदोलन, अब अनिश्चितकालीन धरना
संघ के जिलाध्यक्ष राज आर्यन अग्निहोत्री के मुताबिक, आंदोलन की शुरुआत पांच अक्टूबर से हुई थी। पांच से सात अक्टूबर तक कर्मचारियों ने काली पट्टी बांधकर विरोध जताया। इसके बाद आठ से दस अक्टूबर तक जिला मुख्यालय पर धरना-प्रदर्शन किया गया। उन्होंने बताया कि 12 अक्टूबर को कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर लखनऊ जा रहे थे। इस दौरान कुछ कर्मचारियों को रास्ते में रोक लिया गया, जबकि कुछ कर्मचारी लखनऊ पहुंचने में सफल रहे। जिलाध्यक्ष ने कहा कि मांगों का समाधान होने तक आंदोलन जारी रखा जाएगा।
दो प्रमुख मांगें, नियमितीकरण और समान वेतन पर जोर
धरने पर बैठीं शाहिना बानो ने बताया कि कर्मचारियों की दो प्रमुख मांगें हैं। पहली, समान कार्य के लिए समान वेतन दिया जाए और दूसरी, लंबे समय से संविदा पर कार्यरत कर्मचारियों को नियमित किया जाए। उनका कहना है कि कर्मचारी पहले भी लखनऊ में अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर चुके हैं और जरूरत पड़ने पर दोबारा राजधानी जाकर आंदोलन करेंगे। कर्मचारियों का कहना है कि वे स्वास्थ्य सेवाओं में लगातार योगदान दे रहे हैं, लेकिन सेवा की स्थायी सुरक्षा और वेतन संबंधी मांगों का समाधान नहीं हो पाया है। इसी मुद्दे को लेकर संघ प्रदेश स्तर पर भी अपनी आवाज उठा रहा है।
इमरजेंसी सेवाओं पर भी पड़ सकता है असर
आंदोलन के दौरान कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर सुनवाई नहीं हुई तो आने वाले दिनों में इमरजेंसी स्वास्थ्य सेवाओं से भी पीछे हटने का निर्णय लिया जा सकता है। कर्मचारियों के मुताबिक, फिलहाल वे आपातकालीन सेवाओं में भी योगदान दे रहे हैं, लेकिन आंदोलन को आगे बढ़ाने के लिए कठोर कदम उठाने पर विचार किया जा सकता है। हालांकि, इमरजेंसी सेवाओं को लेकर किसी अंतिम निर्णय की जानकारी सामने नहीं आई है। ऐसे में आगे की स्थिति कर्मचारियों के संगठन और संबंधित अधिकारियों के बीच होने वाली बातचीत तथा मांगों पर कार्रवाई पर निर्भर करेगी।
धरने में बड़ी संख्या में कर्मचारी शामिल
सीएमओ कार्यालय परिसर में चल रहे धरना-प्रदर्शन में कर्मचारी संघ के जिला महामंत्री राखी शाहिद समेत बड़ी संख्या में संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी मौजूद रहे। कर्मचारियों ने अपनी मांगों के समर्थन में नारेबाजी करते हुए आंदोलन जारी रखने की बात कही। अब निगाहें प्रशासन और शासन के रुख पर हैं। कर्मचारियों की प्रमुख मांगें समान वेतन और नियमितीकरण हैं। फिलहाल उपलब्ध जानकारी में इन मांगों पर किसी अंतिम निर्णय या आधिकारिक समाधान की पुष्टि नहीं हुई है। आने वाले दिनों में आंदोलन किस दिशा में आगे बढ़ेगा, यह संबंधित पक्षों की बातचीत और शासन की कार्रवाई से स्पष्ट होगा।






