
जिले में मिशन शक्ति अभियान के तहत बालिका सशक्तीकरण की एक प्रेरणादायक पहल सामने आई है। उच्च प्राथमिक विद्यालय पिपरगांव की कक्षा छह की छात्रा पायल दीक्षित को एक दिन के लिए प्रतीकात्मक जिलाधिकारी बनाया गया। जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर के निर्देशन में आयोजित इस पहल के दौरान पायल ने कलेक्ट्रेट में जनसुनवाई की और छह फरियादियों की समस्याएं सुनीं। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को शिकायतों की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए। इस पहल का उद्देश्य बालिकाओं में आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और प्रशासनिक कार्यप्रणाली की समझ विकसित करना है।
जिलाधिकारी की कुर्सी पर बैठते ही सुनीं जनसमस्याएं
कलेक्ट्रेट पहुंचने पर छात्रा पायल दीक्षित का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया गया। इसके बाद उन्होंने प्रतीकात्मक जिलाधिकारी की भूमिका निभाते हुए जनसुनवाई में आए लोगों की शिकायतें ध्यानपूर्वक सुनीं। विभिन्न मामलों में जमीन पर अवैध कब्जे, अतिक्रमण, जाम, कृषि भूमि विवाद, सरकारी भूमि पर अवैध निर्माण और आवास उपलब्ध न होने जैसी समस्याएं सामने आईं। पायल ने संबंधित अधिकारियों को प्रत्येक प्रकरण में तथ्यों के आधार पर जांच और आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
जमीन पर कब्जे और अतिक्रमण की शिकायतों पर कार्रवाई के निर्देश
जनसुनवाई के दौरान सदर तहसील क्षेत्र में भूमि पर अवैध कब्जे की शिकायत के मामले में उप जिलाधिकारी सदर को जांच कर नियमानुसार कार्रवाई करने के लिए कहा गया। वहीं, फतेहगढ़ में पुलमंडी से छोटी जेल चौराहे तक अतिक्रमण के कारण लगने वाले जाम की समस्या पर नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी को आवश्यक कदम उठाने और सड़क किनारे रेलिंग लगवाने के निर्देश दिए गए।
मोहम्मदाबाद क्षेत्र में कृषि भूमि पर कब्जे से संबंधित शिकायत पर उप जिलाधिकारी और क्षेत्राधिकारी सदर को भूमि की पैमाइश कराकर नियमानुसार पत्थरगढ़ी की कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया। शहर में सरकारी जमीन पर अवैध निर्माण की शिकायत के संबंध में नगर मजिस्ट्रेट को जांच कर विधिसम्मत कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।
छेड़खानी के मामले में निष्पक्ष जांच, आवास की शिकायत पर भी कार्रवाई
जनसुनवाई में सदर तहसील के कोतवाली क्षेत्र से जुड़ी एक शिकायत भी सामने आई, जिसमें एक व्यक्ति ने छेड़खानी के झूठे मामले में फंसाए जाने का आरोप लगाया। इस प्रकरण में संबंधित कोतवाली प्रभारी को निष्पक्ष जांच कर तथ्यों के आधार पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।
इसी तरह राजेपुर विकासखंड क्षेत्र में आवास नहीं मिलने की शिकायत पर मुख्य विकास अधिकारी को प्रकरण की जांच करने और पात्रता व संबंधित अभिलेखों के आधार पर नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया। इस प्रकार छह शिकायतों के माध्यम से छात्रा को भूमि विवाद, शहरी अतिक्रमण और सरकारी योजनाओं से जुड़ी जनसमस्याओं के समाधान की प्रशासनिक प्रक्रिया समझने का अवसर मिला।
डीएम डॉ. अंकुर लाठर ने पौधा भेंटकर किया सम्मानित
जनसुनवाई पूरी होने के बाद जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर ने पायल दीक्षित को पौधा भेंटकर सम्मानित किया। उन्होंने मिशन शक्ति के तहत बालिकाओं को प्रशासनिक जिम्मेदारियों से परिचित कराने और उन्हें आगे बढ़ने के अवसर देने के महत्व पर जोर दिया। इस तरह की पहल से छात्राओं को निर्णय लेने की प्रक्रिया, जनसुनवाई की व्यवस्था और अधिकारियों की जिम्मेदारियों को करीब से समझने का अवसर मिलता है।
बालिकाओं में नेतृत्व क्षमता विकसित करने की पहल
मिशन शक्ति अभियान के अंतर्गत छात्राओं को प्रतीकात्मक रूप से प्रशासनिक पदों की जिम्मेदारी सौंपने का उद्देश्य उन्हें आत्मविश्वास के साथ अपने लक्ष्य की ओर बढ़ने के लिए प्रेरित करना है। पायल दीक्षित के लिए एक दिन की जिलाधिकारी बनने का अनुभव प्रशासनिक व्यवस्था और जनसेवा की भूमिका को समझने का अवसर बना। यह पहल संदेश देती है कि उचित अवसर और प्रोत्साहन मिलने पर बालिकाएं भी नेतृत्व की भूमिका निभाने और समाज में सकारात्मक योगदान देने की दिशा में आगे बढ़ सकती हैं।






