
संवाद 24 फर्रुखाबाद। जिले में शुक्रवार और शनिवार को हुई तेज बारिश ने शहर से गांव तक जनजीवन प्रभावित कर दिया। अमृतपुर तहसील क्षेत्र में दो दिनों के दौरान करीब 250 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड होने से सड़कों पर पानी भर गया। कई स्थानों पर नदी-नालों का पानी तेज बहाव के साथ सड़कों तक पहुंच गया। आवागमन प्रभावित होने के साथ लोगों के दैनिक कामकाज पर भी असर पड़ा। बारिश के साथ चली तेज हवाओं ने किसानों की चिंता और बढ़ा दी। खेतों में खड़ी धान की फसल बड़े पैमाने पर जमीन पर गिर गई। कई खेतों में गिरी फसल के बीच पानी भर जाने से उसके खराब होने की आशंका है। किसानों के मुताबिक यदि हल्की बारिश और बूंदाबांदी होती रहती तो धान की फसल के लिए यह फायदेमंद होती, लेकिन तेज बारिश और हवा ने तैयार होती फसल को नुकसान पहुंचा दिया।
बाढ़ के बाद बारिश ने बढ़ाई किसानों की मुश्किल
गंगा और रामगंगा का जलस्तर बढ़ने के कारण पहले से ही जिले के कई क्षेत्रों में हजारों बीघा कृषि भूमि बाढ़ के पानी में डूबी हुई है। इससे किसान पहले ही फसलों के नुकसान का सामना कर रहे हैं। बाढ़ के पानी से जो खेत बचे थे, उनमें किसानों ने धान के अलावा तिली, चारा और अन्य फसलें बोई थीं। अब तेज बारिश ने इन खेतों में खड़ी फसलों को भी प्रभावित किया है। बाढ़ से बची कृषि भूमि में पानी जमा होने और तेज हवा चलने के कारण फसलों के गिरने से किसानों के सामने नई परेशानी खड़ी हो गई है।
बाली आई धान की फसल जमीन पर गिरी
जोरदार बारिश के साथ चली हवाओं का सबसे अधिक असर धान की फसल पर दिखाई दिया। सैकड़ों बीघा क्षेत्र में धान की फसल जमीन पर गिर गई है। जिन खेतों में धान की बालियां आ चुकी थीं, वहां फसल गिरने के बाद पानी भर गया। किसानों का कहना है कि इस अवस्था में फसल गिरने से उत्पादन प्रभावित होने के साथ दाने खराब होने का खतरा भी बढ़ जाता है। यदि खेतों में पानी लंबे समय तक जमा रहा तो नुकसान और बढ़ सकता है।
किसानों ने की नुकसान का आकलन कर मुआवजे की मांग
किसानों के मुताबिक लगातार बारिश और तेज हवा से उन्हें उम्मीद से अधिक नुकसान हुआ है। उनका कहना है कि बाढ़ के बाद बारिश ने बची हुई फसलों को भी प्रभावित कर दिया है। ऐसे में प्रशासन को गांव-गांव जाकर फसलों का सर्वे कर वास्तविक नुकसान का आकलन करना चाहिए। किसानों ने मुख्यमंत्री से फसल क्षति का सर्वे कराकर प्रभावित किसानों को नियमानुसार मुआवजा दिलाने की मांग की है। किसानों का कहना है कि प्राकृतिक आपदा से हुए नुकसान की भरपाई के लिए समय पर राहत मिलना जरूरी है।
97 प्रतिशत तक पहुंची नमी, बारिश के आसार
मौसम विभाग के अनुसार रविवार को अमृतपुर तहसील क्षेत्र में अधिकतम तापमान करीब 25 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वातावरण में नमी करीब 97 प्रतिशत तक रही। अधिक नमी के कारण मौसम में बदलाव और बारिश की संभावना बनी हुई है। हवा की गति करीब 5 से 7 किलोमीटर प्रति घंटे रहने का अनुमान है। यदि आगे भी बारिश का दौर जारी रहता है तो जलभराव के साथ खेतों में खड़ी और गिरी फसलों को लेकर किसानों की चिंता बढ़ सकती है।
बारिश से जहां सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ है, वहीं बाढ़ से पहले ही जूझ रहे किसानों के लिए तेज बारिश और हवा ने मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। अब किसानों की नजर प्रशासन की ओर है कि फसल क्षति का सर्वे कब शुरू होता है और प्रभावित किसानों को राहत कब मिलती है।






