पुष्प वर्षा से महका फर्रुखाबाद, निकली विशाल कांवड़ यात्रा, 10 किलोमीटर पैदल चलकर पहुंचे पांडेश्वर नाथ मंदिर

संवाद 24 फर्रुखाबाद। श्रावण मास और भगवान शिव के प्रति आस्था के वातावरण के बीच रविवार को फर्रुखाबाद शहर में भक्ति और उत्साह का रंग देखने को मिला। अखिल भारत हिंदू महासभा और जय भोले बाबा कमेटी के तत्वावधान में आयोजित विशाल कांवड़ यात्रा में 280 से अधिक कांवड़ शामिल हुईं। पांचाल घाट क्षेत्र से शुरू हुई यह यात्रा शहर के विभिन्न मार्गों से गुजरते हुए करीब 10 किलोमीटर की पैदल दूरी तय कर रेलवे रोड स्थित श्री पांडेश्वर नाथ मंदिर पहुंची, जहां भगवान शिव का स्मरण करते हुए यात्रा का समापन हुआ। इसके बाद श्रद्धालुओं के लिए भंडारे का आयोजन किया गया।

कांवड़ यात्रा में किशोर-किशोरियों के साथ महिलाओं और पुरुषों ने भी बड़ी संख्या में भाग लिया। हाथों में सजी हुई कांवड़ और मन में भोलेनाथ के प्रति श्रद्धा लिए श्रद्धालु शहर की सड़कों पर आगे बढ़ते रहे। यात्रा के दौरान डीजे पर बजते भगवान शिव के भजनों ने धार्मिक माहौल को और अधिक जीवंत बना दिया। जगह-जगह लोगों ने यात्रा का स्वागत किया और कांवड़ियों पर पुष्प वर्षा कर अपनी श्रद्धा प्रकट की।

पूजन के साथ हुआ कांवड़ यात्रा का शुभारंभ

विशाल कांवड़ यात्रा का शुभारंभ पांचाल घाट स्थित श्री दुर्वासा ऋषि आश्रम से धार्मिक विधि-विधान और पूजन के साथ किया गया। आश्रम के महंत ईश्वर दास महाराज और शिव शक्ति अखाड़ा के प्रमुख मधुराम जी ने पूजन-अर्चन कर यात्रा को रवाना किया।पूजन के बाद श्रद्धालुओं का जत्था भगवान शिव के जयकारों के बीच आगे बढ़ा। यात्रा में सबसे आगे डीजे वाहन पर शिव भजन बज रहे थे, जबकि उसके पीछे बड़ी संख्या में श्रद्धालु अपनी-अपनी कांवड़ लेकर पैदल चल रहे थे। धार्मिक गीतों और जयकारों के बीच निकली यात्रा को देखने के लिए रास्ते में लोगों की भीड़ भी दिखाई दी। यात्रा का स्वरूप केवल किसी एक आयु वर्ग तक सीमित नहीं रहा। इसमें युवा, किशोर, महिलाएं और अन्य श्रद्धालु भी शामिल हुए। कई श्रद्धालु पूरे रास्ते पैदल चलते हुए भगवान शिव के प्रति अपनी आस्था प्रकट करते रहे। करीब 10 किलोमीटर की दूरी तय करने के दौरान यात्रा का उत्साह लगातार बना रहा।

पांचाल घाट से शहर के रास्तों पर फैली शिवभक्ति की छटा

श्री दुर्वासा ऋषि आश्रम गंगा क्षेत्र से शुरू हुई कांवड़ यात्रा पांचाल घाट से आगे बढ़ते हुए शहर के विभिन्न प्रमुख मार्गों से गुजरी। रास्ते भर कांवड़ियों का उत्साह और शिवभक्ति का माहौल देखने को मिला। डीजे पर बज रहे भजनों के साथ श्रद्धालु आगे बढ़ते रहे और अनेक स्थानों पर लोगों ने जयकारों के साथ उनका अभिनंदन किया। कांवड़ यात्रा धार्मिक आस्था के साथ-साथ सामूहिक सहभागिता का भी उदाहरण बनी। यात्रा में शामिल लोग अलग-अलग स्थानों और आयु वर्गों से थे, लेकिन सभी का उद्देश्य भगवान शिव के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त करना था। कांवड़ कंधे और हाथों में संभालकर चल रहे श्रद्धालुओं ने लंबी दूरी पैदल तय की। शहर के रास्तों से गुजरते समय कई लोग यात्रा को देखने के लिए अपने घरों और प्रतिष्ठानों के बाहर भी पहुंचे। धार्मिक यात्रा के दौरान शिवभक्ति से जुड़े गीतों और जयकारों ने माहौल को पूरी तरह भक्तिमय बना दिया।

जगह-जगह हुआ स्वागत, श्रद्धालुओं पर बरसाए गए फूल

कांवड़ यात्रा के मार्ग में स्थानीय लोगों और विभिन्न स्थानों पर मौजूद श्रद्धालुओं ने यात्रा का स्वागत किया। कई जगहों पर कांवड़ियों पर पुष्प वर्षा की गई। स्वागत करने वालों ने यात्रा में शामिल श्रद्धालुओं का उत्साह बढ़ाया और उन्हें जलपान भी कराया। कादरी गेट के निकट स्थित शनि मंदिर के पास कांवड़ यात्रा में शामिल लोगों को पानी पिलाया गया। इसके बाद यात्रा आगे बढ़ी तो लाल गेट क्षेत्र में भी श्रद्धालुओं का स्वागत किया गया। यहां कांवड़ियों पर पुष्प वर्षा की गई और उन्हें पानी की बोतलों के साथ फ्रूटी का वितरण किया गया। लंबी पैदल यात्रा के दौरान जगह-जगह जलपान की व्यवस्था से श्रद्धालुओं को राहत मिली। बड़ी संख्या में शामिल कांवड़ियों के लिए स्थानीय स्तर पर लोगों ने अपनी भागीदारी निभाई। पुष्प वर्षा और पेयजल वितरण ने यात्रा के स्वागत को विशेष बना दिया।

डीजे पर शिव भजन, जयकारों के बीच आगे बढ़ता रहा जत्था

यात्रा की शुरुआत से लेकर उसके अंतिम पड़ाव तक शिवभक्ति का वातावरण बना रहा। डीजे पर भगवान शिव से जुड़े भजन बजते रहे और श्रद्धालु जयकारों के साथ आगे बढ़ते रहे। आगे डीजे वाहन और उसके पीछे कांवड़ लेकर चल रहे लोगों की लंबी कतार यात्रा का प्रमुख दृश्य रही। धार्मिक यात्राओं में संगीत और भजनों की अपनी विशेष भूमिका होती है। इस कांवड़ यात्रा में भी शिव भजनों ने श्रद्धालुओं के उत्साह को बनाए रखा। यात्रा में शामिल किशोर और युवा विशेष उत्साह के साथ नजर आए, वहीं महिलाओं की भागीदारी ने भी आयोजन को व्यापक स्वरूप दिया।कांवड़ लेकर पैदल चलना श्रद्धालुओं के लिए आस्था और संकल्प का प्रतीक माना जाता है। पांचाल घाट से शुरू होकर पांडेश्वर नाथ मंदिर तक पहुंची इस यात्रा में भी श्रद्धालुओं ने लगभग 10 किलोमीटर का सफर पैदल पूरा किया।

पांडेश्वर नाथ मंदिर पहुंचकर हुआ यात्रा का समापन

लंबी पैदल यात्रा के बाद श्रद्धालुओं का जत्था रेलवे रोड स्थित श्री पांडेश्वर नाथ मंदिर पहुंचा। मंदिर पहुंचने के साथ ही कांवड़ यात्रा का औपचारिक समापन हुआ। यहां श्रद्धालुओं ने भगवान शिव के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त की। यात्रा के समापन के बाद श्रद्धालुओं के लिए भंडारे का आयोजन किया गया। इसमें बड़ी संख्या में लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया। दिनभर चली यात्रा के बाद भंडारा आयोजन का अंतिम प्रमुख चरण रहा। आयोजकों के अनुसार यात्रा का उद्देश्य भगवान शिव के प्रति आस्था को सामूहिक रूप से अभिव्यक्त करना और धार्मिक परंपराओं के प्रति लोगों की भागीदारी को बढ़ाना था। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की मौजूदगी ने आयोजन को विशेष बना दिया।

सुरक्षा व्यवस्था को लेकर आयोजकों ने जताई चिंता

कांवड़ यात्रा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर आयोजकों ने नाराजगी भी व्यक्त की। जय भोले बाबा कमेटी के अध्यक्ष प्रमोद द्विवेदी उर्फ भोले और अखिल भारत हिंदू महासभा के युवा प्रदेश अध्यक्ष विमलेश मिश्रा ने यात्रा मार्ग पर सुरक्षा इंतजामों को लेकर चिंता जताई। आयोजकों का कहना था कि श्री दुर्वासा ऋषि आश्रम से पांचाल घाट चौकी तक सुरक्षा की दृष्टि से केवल एक पुलिसकर्मी की तैनाती की गई थी। उनका मानना था कि बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने वाली यात्रा को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था अधिक व्यापक होनी चाहिए थी।

सुरक्षा व्यवस्था के संबंध में पुलिस प्रशासन की ओर से इस समाचार के लिए कोई अलग प्रतिक्रिया उपलब्ध नहीं हो सकी है। प्रशासनिक पक्ष सामने आने पर उसे भी समाचार में शामिल किया जा सकता है।

युवाओं से लेकर महिलाओं तक रही व्यापक भागीदारी

इस कांवड़ यात्रा की एक प्रमुख विशेषता विभिन्न आयु वर्गों की भागीदारी रही। किशोरों और युवाओं के साथ महिलाओं और पुरुषों ने भी कांवड़ उठाकर यात्रा में हिस्सा लिया। 280 से अधिक कांवड़ के साथ निकली यात्रा ने शहर में धार्मिक आस्था का दृश्य प्रस्तुत किया। श्रद्धालुओं का कहना था कि भगवान शिव के प्रति उनकी आस्था ही उन्हें इस तरह की धार्मिक यात्रा में शामिल होने के लिए प्रेरित करती है। कई लोगों ने पूरे रास्ते पैदल चलकर यात्रा पूरी की। मार्ग में स्वागत और जलपान की व्यवस्था ने श्रद्धालुओं का उत्साह बढ़ाया। धार्मिक आयोजनों में युवाओं की बढ़ती भागीदारी भी इस यात्रा में स्पष्ट दिखाई दी। डीजे पर शिव भजनों के साथ युवा उत्साह से यात्रा में शामिल रहे, जबकि महिलाएं और अन्य श्रद्धालु भी कांवड़ लेकर आगे बढ़ते रहे।

कांवड़ यात्रा के आयोजन और संचालन में जय भोले बाबा कमेटी के अध्यक्ष प्रमोद द्विवेदी उर्फ भोले, अखिल भारत हिंदू महासभा के युवा प्रदेश अध्यक्ष विमलेश मिश्रा, अतुल पांडे, जितेंद्र बाजपेई, अविरल, राघवेंद्र मिश्रा और आर्यन समेत अन्य लोग मौजूद रहे।इसके अलावा बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और कार्यकर्ताओं ने यात्रा में सहभागिता की। आयोजकों और सहयोगियों ने यात्रा को व्यवस्थित रूप से संपन्न कराने में अपनी भूमिका निभाई।

Samvad 24 Office
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