
फर्रुखाबाद। जनपद के ऐतिहासिक पांचाल घाट पर शुक्रवार सुबह उस समय हड़कंप मच गया, जब गंगा नदी में बड़ी संख्या में मछलियां मृत अवस्था में उतराती दिखाई दीं। दुर्वासा ऋषि आश्रम के सामने नदी में फैली मृत मछलियों को देखकर गंगा स्नान के लिए पहुंचे श्रद्धालु और स्थानीय लोग हैरान रह गए। देखते ही देखते मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई और घटना की जानकारी प्रशासन तक पहुंचाई गई।
गंगा स्नान के लिए आए श्रद्धालुओं ने बताया कि घाट पर पहुंचते ही नदी में दर्जनों नहीं बल्कि सैकड़ों मछलियां मृत अवस्था में तैरती नजर आईं। कई लोगों ने इस दृश्य का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर साझा किया, जिसके बाद मामला तेजी से चर्चा का विषय बन गया। स्थानीय गंगा पुत्रों और आसपास के लोगों ने भी मौके का निरीक्षण किया।
फिलहाल मछलियों की मौत का कारण स्पष्ट नहीं हो सका है। प्रशासन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। स्थानीय स्तर पर अलग-अलग आशंकाएं जताई जा रही हैं। कुछ लोगों का कहना है कि गंगा किनारे बने एक बड़े गड्ढे में पानी का बहाव रुक जाने से मछलियां फंस गई होंगी, जिससे ऑक्सीजन की कमी के कारण उनकी मौत हुई हो सकती है। हालांकि, इस संभावना की किसी सक्षम विभाग ने पुष्टि नहीं की है।
विशेषज्ञों के अनुसार, किसी नदी में बड़ी संख्या में मछलियों की मौत के पीछे जल में घुलित ऑक्सीजन (Dissolved Oxygen) की कमी, प्रदूषण, रासायनिक अपशिष्ट, जल प्रवाह का रुकना या अन्य पर्यावरणीय कारण हो सकते हैं। हालांकि, किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले पानी और मृत मछलियों के नमूनों की वैज्ञानिक जांच आवश्यक होती है। पूर्व में भी फर्रुखाबाद के अन्य घाटों पर जल प्रवाह और प्रदूषण से जुड़ी परिस्थितियों में मछलियों की मौत की घटनाएं सामने आ चुकी हैं।
पांचाल घाट धार्मिक आस्था का प्रमुख केंद्र है, जहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु गंगा स्नान के लिए पहुंचते हैं और मछलियों को दाना डालने की परंपरा भी निभाई जाती है। ऐसे में गंगा में मछलियों की सामूहिक मौत ने श्रद्धालुओं के साथ-साथ स्थानीय लोगों की चिंता भी बढ़ा दी है। अब सभी की निगाहें प्रशासन और संबंधित विभागों की जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं, जिससे इस घटना की वास्तविक वजह सामने आ सके।






