अमृतपुर थाने की कमान अब दारोगा रक्षा सिंह के हाथों में
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संवाद 24 संवाददाता। पुलिस प्रशासन में एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक फेरबदल किया गया है। पुलिस अधीक्षक आरती सिंह ने अमृतपुर थाने के प्रभारी निरीक्षक पद पर दारोगा रक्षा सिंह की तैनाती कर दी है। अब तक वह महिला थाने की प्रभारी के रूप में कार्यभार संभाल रही थीं। वहीं, अमृतपुर थानाध्यक्ष रहे मोनू शाक्या को महिला थाने का दायित्व सौंपा गया है।
जनपद में कानून-व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने और पुलिसिंग को संवेदनशील व जवाबदेह बनाने के उद्देश्य से यह तबादला किया गया माना जा रहा है। अमृतपुर थाना क्षेत्र भौगोलिक रूप से बड़ा होने के साथ-साथ आपराधिक गतिविधियों, जमीनी विवादों और सामाजिक तनाव की घटनाओं के कारण प्रशासनिक दृष्टि से चुनौतीपूर्ण माना जाता है। ऐसे में यहां अनुभवी और सक्रिय अधिकारी की तैनाती को अहम कदम माना जा रहा है।
रक्षा सिंह महिला थाने में अपने कार्यकाल के दौरान महिला संबंधी मामलों घरेलू हिंसा, उत्पीड़न और पारिवारिक विवाद के निस्तारण में सक्रिय भूमिका के लिए जानी जाती रही हैं। पीड़ितों से संवाद स्थापित कर त्वरित कार्रवाई और समझौता-समाधान की कार्यशैली ने उन्हें प्रशासनिक स्तर पर भरोसेमंद अधिकारी के रूप में स्थापित किया। अब अमृतपुर जैसे संवेदनशील थाने की जिम्मेदारी मिलने के बाद उनसे कानून-व्यवस्था को लेकर और अधिक सक्रिय पुलिसिंग की अपेक्षा की जा रही है।
दूसरी ओर, अमृतपुर में तैनाती के दौरान मोनू शाक्या कई बार विवादों में भी रहे। विभागीय स्तर पर लगातार मिल रही शिकायतों और स्थानीय स्तर पर बनी परिस्थितियों को देखते हुए उन्हें महिला थाने की जिम्मेदारी दी गई है। महिला थाना अपेक्षाकृत अलग प्रकृति का थाना है, जहां अधिकतर पारिवारिक और महिला सुरक्षा से जुड़े मामलों का निस्तारण किया जाता है। पुलिस प्रशासन को उम्मीद है कि यहां उनकी कार्यशैली बेहतर समन्वय स्थापित करेगी।
स्थानीय लोगों का कहना है कि अमृतपुर क्षेत्र में भूमि विवाद, आपसी रंजिश और मारपीट जैसी घटनाएं अक्सर सामने आती रही हैं। ऐसे में नए थानाध्यक्ष से निष्पक्ष कार्रवाई, नियमित गश्त और पीड़ितों की सुनवाई की उम्मीदें बढ़ गई हैं। खासकर ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को थाना स्तर पर त्वरित न्याय और पुलिस की उपलब्धता की आवश्यकता लंबे समय से महसूस की जा रही है।
प्रशासनिक फेरबदल को पुलिस विभाग की कार्यसंस्कृति सुधारने और जवाबदेही बढ़ाने की रणनीति के रूप में भी देखा जा रहा है। अधिकारियों का मानना है कि समय-समय पर जिम्मेदारियों में बदलाव से कार्यकुशलता बढ़ती है और क्षेत्रीय पुलिसिंग में नई ऊर्जा आती है।
अमृतपुर थाने में नई तैनाती के बाद अब देखना होगा कि बदलते नेतृत्व में कानून-व्यवस्था की स्थिति किस तरह प्रभावित होती है और जनता का भरोसा किस हद तक मजबूत हो पाता है।






