सातनपुर मंडी में आलू की कीमतों में गिरावट: बढ़ी आवक, किसानों की बढ़ी चिंता
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संवाद 24 संवाददाता। जनपद की प्रमुख कृषि उपज मंडियों में शामिल सातनपुर मंडी में मंगलवार को आलू के भाव में अचानक नरमी दर्ज की गई। पिछले कारोबारी दिवस की तुलना में आलू करीब 50 रुपये प्रति कुंतल सस्ता बिकने से किसानों के चेहरे पर मायूसी दिखी, जबकि व्यापारियों ने इसे आवक-मांग के सामान्य संतुलन का परिणाम बताया।
मंडी में विभिन्न किस्मों के आलू निम्न भाव पर बिके
गड्ड आलू: 301–401 रुपये प्रति कुंतल
सामान्य छट्ठा: 411–511 रुपये प्रति कुंतल
सुपर छट्ठा: 511–581 रुपये प्रति कुंतल
हालैंड किस्म: 701–821 रुपये प्रति कुंतल
व्यापारियों के अनुसार मंगलवार को मंडी में लगभग 200 मोटर (ट्रक/लोडर) आलू की आवक दर्ज की गई, जो हाल के दिनों में सबसे अधिक मानी जा रही है। अधिक मात्रा में माल पहुंचने से बाजार में आपूर्ति बढ़ी और खरीद की रफ्तार धीमी पड़ने के कारण दामों पर दबाव बन गया।
मंडी आढ़तियों का कहना है कि फिलहाल थोक खरीदार सीमित मात्रा में ही खरीद कर रहे हैं। कोल्ड स्टोरेजों में पहले से भंडारित आलू और नई खुदाई के साथ बढ़ती आवक ने बाजार को दबाव में ला दिया है। यही कारण रहा कि सुबह की बोली में ही भाव टूट गए और दिनभर नरमी बनी रही।
आलू उत्पादक किसानों के लिए यह गिरावट चिंता का विषय बनती जा रही है। खेती की लागतबीज, खाद, मजदूरी और सिंचाईलगातार बढ़ने के बीच मौजूदा भाव लागत निकालने के लिए भी चुनौती बन रहे हैं। कई किसानों का कहना है कि यदि यही स्थिति बनी रही तो उन्हें माल रोककर कोल्ड स्टोरेज में रखने या कम दाम पर बेचने जैसे कठिन विकल्प चुनने पड़ेंगे।
व्यापारियों के मुताबिक बाजार पूरी तरह मांग और आवक पर निर्भर है। यदि बाहरी राज्यों से खरीद बढ़ती है या निर्यात की स्थिति सुधरती है तो कीमतों में सुधार संभव है, अन्यथा अधिक आपूर्ति के चलते कुछ दिन तक दबाव बना रह सकता है।
कृषि जानकारों का मानना है कि फरवरी-मार्च में खुदाई का पीक सीजन होने से मंडियों में आवक बढ़ना स्वाभाविक है। आने वाले दिनों में मौसम, भंडारण क्षमता और बाहरी बाजारों की मांग ही आलू के भाव की दिशा तय करेगी। फिलहाल सातनपुर मंडी में गिरते दाम किसानों के लिए चिंता और उपभोक्ताओं के लिए राहत का संकेत दे रहे हैं।






