
संवाद 24 संवाददाता। उत्तर प्रदेश स्थापना दिवस के अवसर पर श्रीरामनगरिया मेला परिसर में आयोजित अखिल भारतीय कवि सम्मेलन के दौरान साहित्य जगत से जुड़ा एक महत्वपूर्ण आयोजन देखने को मिला। राष्ट्रीय पुरस्कृत शिक्षिका एवं प्रतिष्ठित साहित्यकार श्रीमती भारती मिश्रा के नवीनतम उपन्यास ‘लौ’ का विधिवत लोकार्पण किया गया।
यह उपन्यास उनके रचनात्मक साहित्यिक सफर का आठवां उपन्यास है।
कार्यक्रम के दौरान उपन्यास का लोकार्पण राष्ट्रीय ख्यातिलब्ध वरिष्ठ साहित्यकार शिवओम अम्बर, अपर जिलाधिकारी फर्रुखाबाद सहित देश के विभिन्न हिस्सों से आए प्रतिष्ठित कवि एवं साहित्यकारों द्वारा संयुक्त रूप से किया गया।
इस अवसर पर राष्ट्रीय स्तर के कवि प्रताप फौजदार, शम्भू शिखर, डॉ. कीर्ति काले (दिल्ली), गजेन्द्र प्रियांशु (बाराबंकी), गौरव चौहान (इटावा), अभय प्रताप सिंह (लखनऊ), बृजकिशोर सिंह ‘किशोर’ तथा महेश पाल सिंह की गरिमामयी उपस्थिति रही।
लोकार्पण समारोह में वक्ताओं ने उपन्यास ‘लौ’ की विषयवस्तु, भाषा और सामाजिक सरोकारों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भारती मिश्रा का लेखन समकालीन समाज की जटिलताओं को संवेदनशीलता के साथ प्रस्तुत करता है। उनका साहित्य स्त्री विमर्श, सामाजिक संघर्ष और मानवीय भावनाओं को प्रभावशाली ढंग से अभिव्यक्त करता रहा है।
गौरतलब है कि इससे पूर्व भारती मिश्रा की माँईं, डाह, दमन, थपेड़े, मरीचिका, श्राप, गर्विता सहित कुल तेरह पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं, जो पाठकों और साहित्य समीक्षकों के बीच विशेष रूप से चर्चित रही हैं। उनके साहित्यिक योगदान को हिंदी साहित्य में एक सशक्त पहचान के रूप में देखा जाता है।
कार्यक्रम में जनपद के साहित्यकारों और साहित्य प्रेमियों ने भारती मिश्रा को उनकी निरंतर साहित्य साधना के लिए शुभकामनाएं दीं। कवि सम्मेलन में गीतकार उत्कर्ष अग्निहोत्री, वैभव सोमवंशी, प्रियांशु पाण्डेय, राममोहन शुक्ला और विशाल सहित अनेक रचनाकार उपस्थित रहे, जिससे आयोजन साहित्यिक ऊर्जा और रचनात्मक संवाद से सराबोर नजर आया।






