
आचार्य मधुसूदन अग्निहोत्री(वैदिक ज्योतिष, कर्मकांड एवं धर्मनिर्णय विशेषज्ञ)
वैदिक पंचांग
अंग्रेजी दिनांक – 19 जून 2026, शुक्रवार
कालगणना
सृष्टि संवत् –1,95,58,85,129
युगाब्द – 5128
विक्रम संवत् – 2083
शक संवत् – 1948
सम्वत्सर – रौद्र
अयन – उत्तरायण
ऋतु – ग्रीष्म
मास, पक्ष एवं वार विवरण
मास – ज्येष्ठ
पक्ष – शुक्ल
तिथि – पंचमी रात्रि तक, तत्पश्चात् षष्ठी
वार – शुक्रवार
नक्षत्र, योग एवं करण
नक्षत्र – आश्लेषा प्रातः तक, तत्पश्चात् मघा
योग – हर्षण
करण – बव, तत्पश्चात् बालव
सूर्य, काल एवं मुहूर्त (फर्रुखाबाद स्थानीय समय)
सूर्योदय – 05:22
सूर्यास्त – 07:18
अभिजित मुहूर्त – 11:57 से 12:45 तक
विजय मुहूर्त – 02:18 से 03:12 तक
विशेष शुभ कार्य
विवाह वार्ता, गृह प्रवेश की तैयारी, व्यापार आरम्भ, वाहन क्रय, शिक्षा सम्बन्धी कार्य, धार्मिक अनुष्ठान, देव पूजन एवं नवीन योजनाओं के शुभारम्भ हेतु दिन अनुकूल है।
अशुभ काल
राहुकाल – 10:30 से 12:00 तक
यमगण्ड – 03:00 से 04:30 तक
गुलिक काल – 07:30 से 09:00 तक
दिशाशूल एवं यात्रा विचार
- दिशाशूल – पश्चिम
- यात्रा उपाय – दही अथवा मिश्री ग्रहण कर प्रस्थान करें।
व्रत-पर्व एवं विशेष योग
स्कन्द षष्ठी व्रत (तिथि अनुसार)
माता लक्ष्मी एवं शुक्र ग्रह की कृपा प्राप्ति हेतु विशेष दिन
शुक्रवार का दिन माता लक्ष्मी की उपासना के लिए विशेष फलदायी माना गया है। इस दिन श्रद्धापूर्वक पूजन करने से धन, वैभव, सुख-समृद्धि एवं पारिवारिक सौहार्द में वृद्धि होती है।
विशेष ज्योतिषीय विश्लेषण
आज पंचमी तिथि तथा आश्लेषा-मघा नक्षत्र का संयोग आत्मबल और निर्णय क्षमता को बढ़ाने वाला रहेगा। कार्यक्षेत्र में नई योजनाओं पर कार्य प्रारम्भ करने के लिए समय अनुकूल है। आर्थिक मामलों में सावधानी के साथ किया गया निवेश भविष्य में लाभदायक सिद्ध हो सकता है। पारिवारिक संबंधों में मधुरता बनी रहेगी तथा वरिष्ठजनों का सहयोग प्राप्त होगा। सायंकाल के पश्चात् मघा नक्षत्र का प्रभाव सम्मान, प्रतिष्ठा एवं नेतृत्व क्षमता में वृद्धि करने वाला रहेगा।

आज का राशिफल – 19 जून 2026 (शुक्रवार)
मेष (चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, अ)
आज कार्यक्षेत्र में आपके प्रयासों को सराहना मिलेगी। आर्थिक मामलों में लाभ के योग बन रहे हैं। परिवार के साथ समय सुखद व्यतीत होगा। आत्मविश्वास में वृद्धि होगी।
उपाय – माता लक्ष्मी को लाल पुष्प अर्पित करें।
वृषभ (ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो)
धन संबंधी मामलों में सफलता मिलने की संभावना है। व्यापार में लाभ होगा और परिवार में आनंद का वातावरण बना रहेगा। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा।
उपाय – सफेद मिठाई का दान करें।
मिथुन (का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, ह)
सामाजिक प्रतिष्ठा बढ़ेगी। नए संपर्क भविष्य में लाभदायक सिद्ध होंगे। विद्यार्थियों और नौकरीपेशा लोगों के लिए दिन शुभ रहेगा।
उपाय – श्रीसूक्त का पाठ करें।
कर्क (ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो)
अनावश्यक चिंताओं से दूर रहें। खर्चों पर नियंत्रण रखें। परिवार का सहयोग मिलेगा और किसी समस्या का समाधान निकल सकता है।
उपाय – चावल का दान करें।
सिंह (मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे)
आय में वृद्धि के संकेत हैं। मित्रों का सहयोग मिलेगा। सामाजिक कार्यों में सम्मान प्राप्त होगा। प्रेम संबंधों में मधुरता बनी रहेगी।
उपाय – सूर्यदेव को जल अर्पित करें।
कन्या (टो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो)
कार्यक्षेत्र में उन्नति के योग हैं। अधिकारी वर्ग आपके कार्यों से संतुष्ट रहेगा। विद्यार्थियों को पढ़ाई में सफलता मिलेगी।
उपाय – हरी मूंग का दान करें।
तुला (रा, री, रू, रे, रो, ता, टी, तू, ते)
भाग्य का सहयोग मिलेगा। धार्मिक कार्यों में रुचि बढ़ेगी। यात्रा के योग बन सकते हैं। परिवार में शुभ समाचार प्राप्त हो सकता है।
उपाय – लक्ष्मी मंदिर में दीपक जलाएं।
वृश्चिक (तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू)
स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखें। आर्थिक मामलों में जल्दबाजी से बचें। धैर्य और विवेक से लिए गए निर्णय लाभ देंगे।
उपाय – “ॐ श्रीं महालक्ष्म्यै नमः” मंत्र का जप करें।
धनु (ये, यो, भा, भी, भू, ध, फा, ढा, भे)
दाम्पत्य जीवन सुखद रहेगा। व्यापारिक साझेदारी में लाभ मिलेगा। सामाजिक सम्मान बढ़ेगा और नए अवसर प्राप्त हो सकते हैं।
उपाय – पीले पुष्प भगवान विष्णु को अर्पित करें।
मकर (भो, जा, जी, खी, खू, खा, खो, गा, गी)
प्रतिस्पर्धा में सफलता प्राप्त होगी। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। नौकरीपेशा लोगों को नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं।
उपाय – जरूरतमंदों को अन्न का दान करें।
कुंभ (गु, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा)
रचनात्मक कार्यों में सफलता मिलेगी। विद्यार्थियों और कलाकारों के लिए समय अनुकूल है। प्रेम संबंधों में विश्वास बढ़ेगा।
उपाय – माता लक्ष्मी को कमल पुष्प अर्पित करें।
मीन (दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची)
घर-परिवार में सुख-शांति बनी रहेगी। संपत्ति संबंधी मामलों में लाभ के संकेत हैं। माता-पिता का सहयोग एवं आशीर्वाद प्राप्त होगा।
उपाय – गौसेवा करें।
॥ शुभम भवतु ॥

