
आचार्य मधुसूदन अग्निहोत्री (वैदिक ज्योतिष, कर्मकांड एवं धर्मनिर्णय विशेषज्ञ)।
वैदिक पंचांग
अंग्रेजी दिनांक – 15 जून 2026, सोमवार
कालगणना
सृष्टि संवत् – 1,95,58,85,127
युगाब्द – 5128
विक्रम संवत् – 2083
शक संवत् – 1948
सम्वत्सर – रौद्र
अयन – उत्तरायण
ऋतु – ग्रीष्म
मास, पक्ष एवं वार विवरण
मास – अधिक ज्येष्ठ
पक्ष – कृष्ण
तिथि – अमावस्या प्रातः 09:16 तक, तत्पश्चात् शुक्ल प्रतिपदा
वार – सोमवार
नक्षत्र, योग एवं करण
नक्षत्र – मृगशिरा रात्रि 09:09 तक, तत्पश्चात् आर्द्रा
योग – शूल पूर्वाह्न 10:39 तक, तत्पश्चात् गण्ड
करण – नाग प्रातः 09:16 तक, तत्पश्चात् किंस्तुघ्न
सूर्य, काल एवं मुहूर्त (फर्रुखाबाद स्थानीय समय)
सूर्योदय – 05:20
सूर्यास्त – 07:16
अभिजित मुहूर्त – 11:57 से 12:45 तक
विजय मुहूर्त – 02:18 से 03:12 तक
अशुभ काल
राहुकाल – 07:30 से 09:00 तक
यमगण्ड – 10:30 से 12:00 तक
गुलिक काल – 01:30 से 03:00 तक
शुभ चौघड़िया
लाभ – 05:20 से 06:55 तक
अमृत – 08:30 से 10:05 तक
शुभ – 11:40 से 01:15 तक
चर – 04:25 से 06:00 तक
दिशाशूल एवं यात्रा विचार
दिशाशूल – पूर्व
यात्रा उपाय – दर्पण देखकर अथवा दूध पीकर प्रस्थान करें।
व्रत-पर्व एवं विशेष योग
सोमवती अमावस्या
आज सोमवती अमावस्या का विशेष पुण्यकाल है। सोमवार और अमावस्या का संयोग अत्यंत दुर्लभ एवं फलदायी माना गया है। पितरों के निमित्त तर्पण, दान एवं भगवान शिव की आराधना करने से विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है। पीपल वृक्ष की पूजा तथा परिक्रमा भी शुभ फलदायक मानी गई है।
आर्द्रा नक्षत्र एवं मानसिक संतुलन का महत्व
मृगशिरा से आर्द्रा नक्षत्र में प्रवेश के कारण मन में चंचलता एवं भावनात्मक उतार-चढ़ाव की स्थिति बन सकती है। महत्वपूर्ण निर्णय धैर्य और विवेक से लें। क्रोध और आवेश से बचना हितकारी रहेगा।
अमावस्या का आध्यात्मिक महत्व
अमावस्या आत्मचिंतन, साधना, ध्यान एवं पितृ तर्पण के लिए विशेष मानी जाती है। आज दान, जप, तप और सेवा कार्यों का अक्षय फल प्राप्त होता है। पितरों के निमित्त तिल, जल एवं अन्न का दान शुभ रहेगा।
विशेष ज्योतिषीय विश्लेषण
सोमवती अमावस्या, शूल योग तथा आर्द्रा नक्षत्र का संयोग व्यक्ति को आत्मविश्लेषण और आध्यात्मिक चिंतन की ओर प्रेरित करेगा। दिन के प्रारंभ में मानसिक अस्थिरता रह सकती है, किन्तु धैर्य और शिव उपासना से परिस्थितियां अनुकूल होती जाएंगी। नए कार्यों की अपेक्षा पुराने कार्यों को पूर्ण करना अधिक लाभकारी रहेगा।
आज का मंत्र
ॐ नमः शिवाय॥
आज का दान
काला तिल, सफेद वस्त्र, चावल एवं गुड़।
आयुर्वेदिक सुझाव
ग्रीष्म ऋतु में अधिक जल का सेवन करें। छाछ, बेल का शरबत, नारियल पानी एवं मौसमी फलों का सेवन शरीर को शीतलता प्रदान करेगा।

आज का राशिफल – 15 जून 2026 सोमवार
मेष(चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, अ)
आज आत्मविश्वास में वृद्धि होगी। कार्यक्षेत्र में आपकी मेहनत रंग लाएगी। आर्थिक मामलों में सुधार होगा। परिवार का सहयोग प्राप्त होगा।
उपाय – भगवान शिव को जल अर्पित करें।
वृषभ(ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो)
धन लाभ के अवसर प्राप्त होंगे। व्यापार में प्रगति होगी। परिवार में सुखद वातावरण बना रहेगा।
उपाय – सफेद मिठाई का दान करें।
मिथुन(का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, ह)
सामाजिक प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। मित्रों का सहयोग मिलेगा। विद्यार्थियों के लिए समय अनुकूल रहेगा।
उपाय – गणेश जी को दूर्वा अर्पित करें।
कर्क(ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो)
मानसिक तनाव से बचें। खर्चों पर नियंत्रण रखें। परिवार का सहयोग मिलेगा।
उपाय – शिव चालीसा का पाठ करें।
सिंह(मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे)
आय में वृद्धि के संकेत हैं। सामाजिक कार्यों में सम्मान प्राप्त होगा। मित्रों का सहयोग मिलेगा।
उपाय – सूर्यदेव को अर्घ्य दें।
कन्या(टो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो)
कार्यक्षेत्र में सफलता मिलेगी। अधिकारी वर्ग आपके कार्यों से प्रसन्न रहेगा।
उपाय – हरी मूंग का दान करें।
तुला(रा, री, रू, रे, रो, ता, टी, तू, ते)
भाग्य का सहयोग मिलेगा। धार्मिक कार्यों में रुचि बढ़ेगी। यात्रा शुभ रहेगी।
उपाय – शिव मंदिर में दीपक जलाएं।
वृश्चिक(तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू)
स्वास्थ्य का ध्यान रखें। वाहन चलाते समय सावधानी बरतें। आर्थिक निर्णय सोच-समझकर लें।
उपाय – काले तिल का दान करें।
धनु(ये, यो, भा, भी, भू, ध, फा, ढा, भे)
दाम्पत्य जीवन सुखद रहेगा। साझेदारी के कार्यों में लाभ होगा।
उपाय – भगवान शिव को बेलपत्र अर्पित करें।
मकर(भो, जा, जी, खी, खू, खा, खो, गा, गी)
प्रतिस्पर्धा में सफलता मिलेगी। नौकरी में नई जिम्मेदारी मिल सकती है।
उपाय – गरीबों को अन्न दान करें।
कुंभ(गु, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा)
रचनात्मक कार्यों में सफलता मिलेगी। विद्यार्थियों को लाभ होगा।
उपाय – शनिदेव का स्मरण करें।
मीन(दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची)
पारिवारिक सुख में वृद्धि होगी। संपत्ति संबंधी मामलों में लाभ मिलने के संकेत हैं।
उपाय – गौसेवा करें।
शुभम भवतु।

