
आचार्य मधुसूदन अग्निहोत्री
वैदिक ज्योतिष, धर्मनिर्णय एवं कर्मकांड विशेषज्ञ
वैदिक पंचांग
अंग्रेजी दिनांक – 12 जून 2026, शुक्रवार
कालगणना
सृष्टि संवत् – 1,95,58,85,127
युगाब्द – 5128
विक्रम संवत् – 2083 (अधिक ज्येष्ठ – रौद्र संवत्सर)
शक संवत् – 1948
सम्वत्सर – रौद्र
अयन – उत्तरायण
ऋतु – ग्रीष्म
मास, पक्ष एवं वार विवरण
मास – अधिक ज्येष्ठ
पक्ष – कृष्ण
तिथि – द्वादशी सायं 06:14 तक, तत्पश्चात् त्रियोदशी (प्रदोष काल प्रारंभ)
वार – शुक्रवार
नक्षत्र, योग एवं करण
नक्षत्र – भरणी रात्रि 01:45 तक, तत्पश्चात् कृत्तिका
योग – सुकर्मा रात्रि 10:48 तक, तत्पश्चात् धृति
करण – कौलव प्रातः 06:22 तक, तत्पश्चात् तैतिल सायं 06:14 तक
चंद्र गोचर
चन्द्रमा – मेष राशि में रात्रि 07:56 तक, तत्पश्चात् वृषभ राशि में प्रवेश करेंगे।
सूर्य, काल एवं मुहूर्त (फर्रुखाबाद स्थानीय समय)
सूर्योदय – 05:25
सूर्यास्त – 07:35
अभिजित मुहूर्त – दोपहर 11:59 से 12:47 तक
राहुकाल – प्रातः 10:30 से 12:00 तक
दिशाशूल – पश्चिम दिशा में (शुक्रवार होने के कारण)
व्रत-पर्व एवं विशेष योग
- प्रदोष व्रत (अधिक मास प्रदोष): आज सायं काल के बाद त्रियोदशी तिथि लगने से ‘शुक्र प्रदोष व्रत’ का मान रहेगा। अधिक मास में शिव और शक्ति की आराधना का यह संयोग संकटों का निवारण करने वाला और अखंड सौभाग्य प्रदान करने वाला माना गया है।
- सुकर्मा योग: आज रात्रि तक ‘सुकर्मा योग’ रहेगा। यह योग सामाजिक कार्यों, नए पद को ग्रहण करने, रत्नों के क्रय-विक्रय और विलासिता की वस्तुओं की खरीददारी के लिए अत्यंत उत्तम फलदायी है।
विशेष जानकारी
आज चन्द्रमा रात्रि 07:56 तक मंगल की राशि मेष में और शुक्र के नक्षत्र भरणी में गोचर करेंगे, जिसके बाद वे अपनी उच्च राशि वृषभ में प्रवेश कर जाएंगे। शुक्रवार के दिन भरणी नक्षत्र और सुकर्मा योग का यह सुंदर प्रभाव ऐश्वर्य वृद्धि, स्त्री पक्ष से लाभ और कला जगत से जुड़े जातकों के लिए विशेष उन्नति कारक है। आज के दिन मां महालक्ष्मी के सम्मुख कनकधारा स्तोत्र का पाठ करना आर्थिक समृद्धि के द्वार खोलता है।

आज का राशिफल: 12 जून 2026, शुक्रवार
मेष(चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, अ)
रात्रि तक चन्द्रमा आपकी ही राशि में गोचर करेंगे, जिससे आपका प्रभाव और आकर्षण बना रहेगा। सुकर्मा योग के प्रभाव से आज कार्यक्षेत्र में आपकी योजनाओं को सराहना मिलेगी। रत्न और वस्त्र व्यवसाय से जुड़े जातकों के लिए आज का दिन विशेष प्रगतिकारक सिद्ध होगा।
उपाय – मां लक्ष्मी को मिश्री और सफेद पुष्प अर्पित करें।
वृषभ(ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो)
रात्रि तक चन्द्रमा द्वादश भाव में रहेंगे, जिससे सुख-सुविधाओं और विलासिता की वस्तुओं पर धन व्यय हो सकता है। सुदूर व्यापार से जुड़े लोगों को उत्तम लाभ होगा। रात्रि में चन्द्रमा के आपकी राशि में आते ही मानसिक प्रसन्नता और नए उत्साह का अनुभव करेंगे।
उपाय – मस्तक पर सफेद चंदन का तिलक लगाएं और लक्ष्मी चालीसा का पाठ करें।
मिथुन(का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, ह)
एकादश भाव का चन्द्रमा आज आपकी आर्थिक स्थिति को अत्यंत सुदृढ़ बनाएगा। आभूषणों के क्रय-विक्रय या किसी पुराने निवेश से आज मनमुताबिक लाभ होने के प्रबल योग हैं। मित्रों और वरिष्ठ सलाहकारों का भरपूर सहयोग मिलेगा।
उपाय – भगवान गणेश को दूर्वा अंकुर चढ़ाएं और श्रीसूक्त का पाठ करें।
कर्क(ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो)
दशम भाव (कर्म भाव) का चन्द्रमा करियर में अनुकूलता लेकर आया है। नौकरीपेशा जातकों को कार्यस्थल पर उच्च पद या नई जिम्मेदारी मिल सकती है। शुक्रवार के दिन भरणी नक्षत्र का प्रभाव आपके रचनात्मक कौशल को निखारेगा।
उपाय – शिवलिंग पर शहद मिश्रित जल चढ़ाएं और शिव चालीसा का पाठ करें।
सिंह(मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे)
भाग्य भाव का चन्द्रमा आज आपके सभी सोचे हुए कार्यों को गति प्रदान करेगा। अधिक मास के प्रभाव से धार्मिक और परोपकार के कार्यों में आपकी रुचि बढ़ेगी। व्यापारिक दृष्टिकोण से की गई लघु यात्राएं आज दूरगामी लाभ का मार्ग प्रशस्त करेंगी।
उपाय – आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करें और गायत्री मंत्र का जप करें।
कन्या(टो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो)
रात्रि तक अष्टम भाव का चन्द्रमा होने से दिन के पूर्वार्ध में कार्यों में कुछ रुकावटें आ सकती हैं। धन के बड़े लेन-देन में सावधानी बरतें और वाणी पर संयम रखें। सायं काल के बाद प्रदोष व्रत के पुण्यकाल में मानसिक शांति का अनुभव होगा।
उपाय – श्री गणपति अथर्वशीर्ष का पाठ करें और जरूरतमंदों को फल दान करें।
तुला(रा, री, रू, रे, रो, ता, टी, तू, ते)
सप्तम भाव का चन्द्रमा दाम्पत्य जीवन और व्यावसायिक साझेदारी में अद्भुत मधुरता लाएगा। भरणी नक्षत्र के प्रभाव से रत्न और आभूषणों के व्यवसाय में आज कोई बड़ा और लाभदायक सौदा फाइनल हो सकता है। सामाजिक साख मजबूत होगी।
उपाय – कनकधारा स्तोत्र का पाठ करें और लक्ष्मी नारायण मंदिर में दीप दान करें।
वृश्चिक(तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू)
छठे भाव का चन्द्रमा शत्रुओं और गुप्त विरोधियों को पूरी तरह शांत रखेगा। यदि बैंक लोन या कोर्ट-कचहरी से जुड़ा कोई मामला चल रहा था, तो आज सुकर्मा योग में स्थिति आपके पक्ष में मुड़ती हुई दिखाई देगी। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा।
उपाय – हनुमान चालीसा का पाठ करें और बजरंग बली को बूंदी का भोग लगाएं।
धनु(ये, यो, भा, भी, भू, ध, फा, ढा,भे)
पंचम भाव का चन्द्रमा विद्यार्थियों और शोधार्थियों के लिए उत्तम बौद्धिक विकास लेकर आया है। संतान पक्ष से जुड़ा कोई सुखद समाचार प्राप्त होगा। ज्योतिष, परामर्श (Consultancy) और तकनीकी क्षेत्रों से जुड़े लोगों को आज उत्तम धन लाभ का योग है।
उपाय – मस्तक पर केसर का तिलक लगाएं और भगवान विष्णु को पीले पुष्प अर्पित करें।
मकर(भो, जा, जी, खी, खू, खा, खो, गा, गी)
चतुर्थ भाव का चन्द्रमा भूमि, भवन और पारिवारिक सुख-साधनों के मामलों में सफलता दिलाएगा। माता का पूर्ण सानिध्य और स्नेह प्राप्त होगा। कार्यक्षेत्र में आज व्यस्तता अधिक रहेगी, लेकिन आपकी निर्णय क्षमता सटीक रहेगी।
उपाय – शनि देव के सम्मुख सरसों के तेल का दीपक जलाएं और हनुमान बाण का पाठ करें।
कुंभ(गु, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा)
आपके पराक्रम, साहस और पुरुषार्थ की समाज में सराहना होगी। छोटे भाई-बहनों का पूर्ण सहयोग आपके व्यापार को नई ऊंचाइयां देगा। संचार, मीडिया और तकनीकी लेखन से जुड़े जातकों के लिए आज का दिन विशेष ख्याति प्रदायक सिद्ध होगा।
उपाय – पक्षियों को सात प्रकार का अनाज डालें और ॐ नमः शिवाय का जप करें।
मीन(दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची)
द्वितीय भाव (धन भाव) का चन्द्रमा आज संचित धन और बैंक-बैलेंस में बड़ी वृद्धि का संकेत दे रहा है। आपकी सौम्य वाणी के प्रभाव से आज कठिन व्यावसायिक सौदे भी आसानी से तय हो जाएंगे। परिवार में धार्मिक और सौहार्दपूर्ण माहौल रहेगा।
उपाय – नारायण कवच का पाठ करें और किसी बुजुर्ग विद्वान का आशीर्वाद लें।
शुभम भवतु।

