
आचार्य मधुसूदन अग्निहोत्री (वैदिक ज्योतिष, कर्मकांड एवं धर्मनिर्णय विशेषज्ञ)।
वैदिक पंचांग
अंग्रेजी दिनांक – 22 मई 2026, शुक्रवार
कालगणना
सृष्टि संवत् – 1,95,58,85,127
युगाब्द – 5128
विक्रम संवत् – 2083 (रौद्र संवत्सर)
शक संवत् – 1948
सम्वत्सर – रौद्र
अयन – उत्तरायण
ऋतु – ग्रीष्म
मास, पक्ष एवं वार विवरण
मास – ज्येष्ठ
पक्ष – शुक्ल
तिथि – षष्ठी प्रातः 06:25 तक, तत्पश्चात् सप्तमी
वार – शुक्रवार
नक्षत्र, योग एवं करण
नक्षत्र – अश्लेषा (पूरा दिन)
योग – सिद्ध दोपहर 01:15 तक, तत्पश्चात् साध्य
करण – वणिज प्रातः 06:25 तक, तत्पश्चात् विष्टि (भद्रा) सायं 05:40 तक, फिर बव
चंद्र गोचर
चन्द्रमा – कर्क राशि में (पूरा दिन)
सूर्य, काल एवं मुहूर्त (फर्रुखाबाद स्थानीय समय)
सूर्योदय – 05:30
सूर्यास्त – 07:22
अभिजित मुहूर्त – दोपहर 11:58 से 12:44 तक
राहुकाल – प्रातः 10:30 से 12:00 तक
दिशाशूल – पश्चिम दिशा में (शुक्रवार होने के कारण)
व्रत-पर्व एवं विशेष योग
- भद्रा: आज प्रातः 06:25 से सायं 05:40 तक भद्रा का प्रभाव रहेगा। इस अवधि में शुभ व मांगलिक कार्यों का आरंभ वर्जित रहेगा।
- अश्लेषा नक्षत्र (गंडमूल): आज अश्लेषा नक्षत्र पूरा दिन व्याप्त रहेगा। यह गंडमूल श्रेणी का नक्षत्र है, अतः आज जन्मे जातकों के लिए २७वें दिन नक्षत्र शांति (मूल शांति) कराना अनिवार्य होगा।
विशेष जानकारी
आज चन्द्रमा अपनी स्वराशि कर्क में और बुध के नक्षत्र अश्लेषा में गोचर करेंगे। शुक्रवार के दिन “सिद्ध” और “साध्य” योग का होना तंत्र-मंत्र साधना, मां दुर्गा की उपासना और बौद्धिक विमर्श के लिए उत्तम है। अश्लेषा नक्षत्र का स्वभाव तीक्ष्ण है, इसलिए आज कूटनीतिक वार्ताओं, अदालती मामलों और शत्रुओं को परास्त करने की योजनाओं के लिए समय अनुकूल रहेगा। शाम के समय देवी मंदिर में घी का दीपक जलाना और अर्गला स्तोत्र का पाठ करना सुख-समृद्धि प्रदायक रहेगा।

आज का राशिफल: 22 मई 2026, शुक्रवार
मेष(चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, अ)
आज प्रॉपर्टी या वाहन संबंधी सौदों में थोड़ी सावधानी रखें, भद्रा काल के बाद निर्णय लेना उचित रहेगा। माता के स्वास्थ्य को लेकर चिंता रह सकती है। कार्यक्षेत्र में अधिक मेहनत के बाद ही सफलता मिलेगी। वाणी पर नियंत्रण रखें।
उपाय – शिवलिंग पर जल में थोड़ा कच्चा दूध मिलाकर अर्पित करें।
वृषभ(ई, ऊ, ए, )वा, वी, वू, वे, वो)
आपके पराक्रम में वृद्धि होगी। व्यावसायिक क्षेत्र में सहकर्मियों का पूरा सहयोग मिलेगा। छोटी दूरी की यात्राएं लाभप्रद रहेंगी। अश्लेषा नक्षत्र के प्रभाव से कूटनीतिक प्रयासों में सफलता मिलेगी। पुराने मित्रों से भेंट सुखद रहेगी।
उपाय – मां दुर्गा को सफेद पुष्प अर्पित करें और मिश्री का भोग लगाएं।
मिथुन(का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, ह)
आर्थिक रूप से दिन अच्छा है, लेकिन किसी को उधार देने से बचें। वाणी के प्रभाव से अटके हुए कार्य पूरे होंगे। परिवार में किसी बात पर वैचारिक मतभेद हो सकता है, अतः शांत रहें। खान-पान पर संयम रखना आवश्यक है।
उपाय – भगवान गणेश को दूर्वा चढ़ाएं और ‘ॐ बुं बुधाय नमः’ का जप करें।
कर्क(ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो)
चन्द्रमा आपकी ही राशि में गोचर कर रहे हैं, जिससे मानसिक संवेदनशीलता बढ़ी रहेगी। विचारों में उतार-चढ़ाव आ सकता है। व्यापार में नई योजनाएं बनेंगी लेकिन क्रियान्वयन सोच-समझकर करें। वैवाहिक जीवन में सामंजस्य बना रहेगा।
उपाय – मस्तक पर सफेद चंदन का तिलक लगाएं और शिव चालीसा का पाठ करें।
सिंह(मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे)
आज खर्चों की अधिकता से मन थोड़ा खिन्न रह सकता है। विलासिता और यात्राओं पर धन व्यय होने के योग हैं। गुप्त शत्रु सक्रिय हो सकते हैं, इसलिए अपनी योजनाओं को गोपनीय रखें। दोपहर के बाद मानसिक स्थिति में सुधार होगा।
उपाय – आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करें और पक्षियों को दाना डालें।
कन्या(टो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो)
आर्थिक लाभ के लिए दिन उत्तम है। पुराने किए गए निवेश या व्यापारिक सौदों से अच्छा मुनाफा होगा। मित्रों और बड़े भाई-बहनों का सहयोग आपको आगे बढ़ने में मदद करेगा। संतान पक्ष से सुखद समाचार प्राप्त होगा।
उपाय – श्रीसूक्त का पाठ करें और जरूरतमंदों को हरी मूंग का दान करें।
तुला(रा, री, रू, रे, रो, ता, टी, तू, ते)
कार्यक्षेत्र में आपकी स्थिति मजबूत होगी। उच्च अधिकारियों का मार्गदर्शन और सहयोग प्राप्त होगा। व्यापार में कुछ नए अनुबंध हो सकते हैं जो भविष्य में बड़ा लाभ देंगे। सामाजिक मान-प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी।
उपाय – मां लक्ष्मी के सम्मुख घी का दीपक जलाएं और कनकधारा स्तोत्र का पाठ करें।
वृश्चिक(तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू)
भाग्य का साथ मिलने से रुके हुए कार्यों में गति आएगी। धार्मिक और आध्यात्मिक कार्यों में रुचि बढ़ेगी। किसी लंबी दूरी की यात्रा या तीर्थाटन की योजना बन सकती है। उच्च शिक्षा से जुड़े विद्यार्थियों को शुभ परिणाम मिलेंगे।
उपाय – हनुमान चालीसा का पाठ करें और मंदिर में लाल फल चढ़ाएं।
धनु(ये, यो, भा, भी, भू, ध, फा, ढा, भे)
आज का दिन थोड़ा सावधानी बरतने का है। अष्टम चन्द्रमा और अश्लेषा नक्षत्र के कारण स्वास्थ्य में थोड़ी शिथिलता रह सकती है। वाहन चलाते समय विशेष सतर्कता रखें। जोखिम भरे निवेश से दूर रहें। शाम के बाद स्थितियां अनुकूल होंगी।
उपाय – भगवान विष्णु की आराधना करें और मस्तक पर केसर का तिलक लगाएं।
मकर(भो, जा, जी, खी, खू, खा, खो, गा, गी)
दाम्पत्य जीवन में मधुरता रहेगी। व्यापारिक साझेदारों के साथ संबंध मजबूत होंगे। नए व्यापार की रूपरेखा बनाने के लिए दिन अच्छा है, परंतु भद्रा काल का ध्यान रखें। समाज में आपकी सक्रियता और सम्मान बढ़ेगा।
उपाय – शनि चालीसा का पाठ करें और पीपल के वृक्ष के पास दीप दान करें।
कुंभ(गु, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा)
शत्रुओं और विरोधियों पर आपकी विजय सुनिश्चित है। कानूनी मामलों या कोर्ट-कचहरी के विवादों में पक्ष मजबूत होगा। नौकरीपेशा जातकों को सहकर्मियों का सहयोग मिलेगा। स्वास्थ्य के प्रति लापरवाही न बरतें।
उपाय – बजरंग बाण का पाठ करें और असहायों की मदद करें।
मीन(दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची)
विद्यार्थियों के लिए बौद्धिक क्षमता का प्रदर्शन करने का दिन है। संतान की ओर से मन प्रसन्न रहेगा। प्रेम संबंधों में प्रगाढ़ता आएगी। आकस्मिक धन लाभ के योग बने हुए हैं। कला और साहित्य के क्षेत्र से जुड़े लोगों को नई पहचान मिलेगी।
उपाय – गुरुदेव का आशीर्वाद लें और शिवलिंग पर पीले पुष्प अर्पित करें।
शुभम भवतु।

