इंडिगो पर GST का बड़ा शिकंजा, ₹458 करोड़ से ज्यादा का जुर्माना; एयरलाइन ने दी कानूनी चुनौती की चेतावनी
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संवाद 24 नई दिल्ली। देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो पर जीएसटी विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए ₹458 करोड़ से अधिक का जुर्माना लगाया है। दिल्ली साउथ कमिश्नरेट के CGST के अतिरिक्त आयुक्त ने यह आदेश केंद्रीय वस्तु एवं सेवा कर (CGST) अधिनियम, 2017 की धारा 74 के तहत जारी किया है। यह मामला वित्त वर्ष 2018-19 से 2022-23 की असेसमेंट अवधि से जुड़ा हुआ है।
इंडिगो की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, कुल GST डिमांड ₹458,26,16,980 तय की गई है। जीएसटी विभाग ने विदेशी सप्लायर से मिली क्षतिपूर्ति (कंपनसेशन) पर टैक्स, ब्याज और पेनल्टी लगाई है, साथ ही इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) को भी खारिज कर दिया गया है।
एयरलाइन का कहना है कि बाहरी टैक्स सलाहकारों से परामर्श के बाद उसने इस आदेश को गलत और कानून के विपरीत पाया है। कंपनी ने साफ किया है कि वह इस फैसले को न्यायिक मंच पर चुनौती देगी। इंडिगो ने यह भी दावा किया कि इस आदेश का उसके वित्तीय नतीजों, संचालन या दैनिक गतिविधियों पर कोई बड़ा प्रभाव नहीं पड़ेगा।
यह पहला मौका नहीं है जब इंडिगो टैक्स विवादों में घिरी हो। इससे पहले 30 मार्च को इनकम टैक्स विभाग ने 2021-22 के असेसमेंट ईयर से जुड़े एक मामले में ₹944.20 करोड़ का पेनल्टी ऑर्डर जारी किया था। इंडिगो ने उस आदेश को भी “गलत और निराधार” बताते हुए चुनौती देने की बात कही थी। इसी दौरान चेन्नई के संयुक्त आयुक्त द्वारा ₹2.84 करोड़ की अतिरिक्त पेनल्टी भी लगाई गई थी, जो 2018 से 2020 के वित्तीय रिकॉर्ड में विसंगतियों और ITC नामंजूर किए जाने से जुड़ी थी।
बीते महीनों में कस्टम और GST विभाग भी इंडिगो पर कई छोटे-बड़े जुर्माने लगा चुके हैं। 6 जनवरी को एयरक्राफ्ट पार्ट्स के आयात पर शुल्क छूट अस्वीकार करते हुए ₹2.17 करोड़ का जुर्माना लगाया गया था। 5 फरवरी को ₹116 करोड़ का GST डिमांड नोटिस भेजा गया, जबकि 15 जनवरी को जेट फ्यूल ड्यूटी से जुड़े मामले में ₹25 लाख से अधिक की पेनल्टी लगाई गई। इसके अलावा लखनऊ के जॉइंट कमिश्नर कार्यालय ने वित्त वर्ष 2021-22 के लिए ₹14.59 लाख का जुर्माना लगाया था।
टैक्स विवादों के बीच इंडिगो को हाल के महीनों में परिचालन संकट का भी सामना करना पड़ा है। DGCA द्वारा नए फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिट (FDTL) नियम लागू किए जाने के बाद क्रू मैनेजमेंट में गड़बड़ी सामने आई, जिसके चलते नवंबर के अंत और दिसंबर की शुरुआत में करीब 5,000 उड़ानें रद्द या देरी से संचालित हुईं। इसके बाद DGCA ने इंडिगो के विंटर शेड्यूल में 10% की कटौती के निर्देश दिए थे।
हालांकि चुनौतियों के बावजूद देश में हवाई यात्रियों की संख्या लगातार बढ़ रही है। नवंबर महीने में 1.53 करोड़ यात्रियों ने घरेलू उड़ानों में सफर किया, जो पिछले साल की तुलना में लगभग 7% अधिक है। वहीं जनवरी से नवंबर 2025 के बीच कुल 1,526 लाख यात्रियों ने हवाई यात्रा की, जो सालाना आधार पर 4.26% की वृद्धि को दर्शाता है।
रेटिंग एजेंसी मूडीज ने चेतावनी दी है कि लगातार उड़ान रद्द होने, रिफंड और संभावित पेनल्टी के चलते इंडिगो को वित्तीय नुकसान उठाना पड़ सकता है। बावजूद इसके, 63% मार्केट शेयर के साथ इंडिगो अभी भी देश की सबसे बड़ी एयरलाइन बनी हुई है, हालांकि उसकी सेवाओं और प्रबंधन को लेकर सवाल लगातार खड़े हो रहे हैं।






