
संवाद 24 महाराष्ट्र। पालघर जिले से एक हृदयविदारक सड़क दुर्घटना की खबर सामने आई है। जवाहर तालुका स्थित एक सरकारी सहायता प्राप्त आश्रम स्कूल के पांच छात्र आधी रात को हॉस्टल प्रशासन को बिना बताए पास के गांव में आयोजित मेले में शामिल होने गए थे। लौटते वक्त छात्रों की तेज रफ्तार मोटरसाइकिल अनियंत्रित होकर सड़क किनारे बने गहरे गड्ढे में गिर गई। इस भीषण सड़क हादसे में दो नाबालिग छात्रों की मौके व अस्पताल ले जाते समय मौत हो गई, जबकि तीन अन्य छात्र गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद सामने आई गंभीर प्रशासनिक और सुरक्षा खामियों को देखते हुए स्कूल के प्रधानाध्यापक, हॉस्टल वार्डन और रात्रि चौकीदार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
आधी रात को हॉस्टल से बिना बताए निकले थे छात्र
जवाहर पुलिस थाने के अधिकारियों के अनुसार, यह दर्दनाक घटना 19 अक्टूबर की तड़के करीब 2:30 से 3:00 बजे के बीच घटित हुई। जवाहर तालुका के हिरदपाड़ा स्थित गगनगिरी आश्रम स्कूल में पढ़ने वाले पांच छात्र पास के सरसून गांव में आयोजित नवरात्रि उत्सव और मेले में शामिल होने का मन बनाकर निकले थे। हॉस्टल के नियमों और सुरक्षा पहरे को धता बताते हुए ये पांचों छात्र चुपके से बाहर निकल आए। हैरानी की बात यह है कि पांचों छात्र एक ही मोटरसाइकिल पर सवार होकर मेले के लिए रवाना हुए थे। देर रात तक उत्सव देखने के बाद जब वे उसी बाइक से वापस हॉस्टल लौट रहे थे, तभी कोंगड़ी घाट के घुमावदार और ढलान वाले रास्ते पर उनकी बाइक का संतुलन बिगड़ गया। तेज गति और अंधेरे के कारण मोटरसाइकिल फिसलकर सड़क किनारे स्थित एक गहरे गड्ढे में जा गिरी।
दो छात्रों ने तोड़ा दम, तीन की हालत नाजुक
हादसा इतना भीषण था कि मोटरसाइकिल के परखच्चे उड़ गए और पांचों छात्र बुरी तरह लहूलुहान होकर खाईनुमा गड्ढे में फंस गए। हादसे में जान गंवाने वाले छात्रों की पहचान सुमित मोतीराम भिंगल (उम्र 18 वर्ष, 12वीं कक्षा का छात्र) और प्रीतम गणेश पोटिंडा (उम्र 15 वर्ष, 9वीं कक्षा का छात्र) के रूप में हुई है। पालघर जिला प्रशासन के अनुसार, एक छात्र ने मौके पर ही दम तोड़ दिया था, जबकि दूसरे छात्र की मौत जवाहर के पतंगशाह कुटीर अस्पताल में इलाज के दौरान हुई। सड़क से गुजर रहे एक अन्य वाहन चालक ने दुर्घटनाग्रस्त बाइक और घायल छात्रों को देखकर तुरंत जवाहर पुलिस को सूचना दी। पुलिस टीम ने स्थानीय लोगों की मदद से सभी घायलों को बाहर निकाला। हादसे में घायल बाकी तीन छात्रों में कक्षा 9, कक्षा 10 और कक्षा 12 के छात्र शामिल हैं। प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए बेहतर चिकित्सा सुविधा के लिए नासिक के जिला अस्पताल में रेफर कर दिया गया। डॉक्टरों के अनुसार, उनकी हालत अब स्थिर बनी हुई है और वे निगरानी में हैं।
सुरक्षा व्यवस्था की खुली पोल: सीसीटीवी कैमरे मिले खराब
इस दुखद घटना ने आवासीय आश्रम स्कूलों में छात्रों की सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आधी रात के वक्त पांच छात्र हॉस्टल से एक ही बाइक पर सवार होकर बाहर निकल गए और वहां मौजूद सुरक्षाकर्मियों और प्रबंधन को इसकी भनक तक नहीं लगी। घटना के फौरन बाद एकीकृत जनजाति विकास परियोजना (ITDP) की एक विशेष जांच समिति ने आश्रम स्कूल का मुआयना किया। जांच रिपोर्ट में सुरक्षा के मोर्चे पर घोर लापरवाही उजागर हुई। रिपोर्ट के अनुसार, परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरे लंबे समय से खराब पड़े थे और पूर्व चेतावनियों के बावजूद प्रबंधन ने उन्हें ठीक कराने की जहमत नहीं उठाई थी। इसके अलावा हॉस्टल परिसर में बाहरी और गैर-आवासीय छात्रों की बेरोकटोक आवाजाही की अनुमति भी दी जा रही थी।
प्रशासनिक कार्रवाई और कानूनी शिकंजा कसने की तैयारी
हादसे और सुरक्षा रिपोर्ट का कड़ा संज्ञान लेते हुए आईटीडीपी (ITDP) के परियोजना अधिकारी और जवाहर के सहायक कलेक्टर सिद्धार्थ रामकुमार ने स्कूल प्रबंधन, प्रधानाध्यापक, वार्डन और सुरक्षा चौकीदार को कारण बताओ नोटिस जारी किया। ग्रामीणों और छात्र संगठनों के बढ़ते आक्रोश व प्रदर्शन को देखते हुए संबंधित स्कूल प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से प्रधानाध्यापक, वार्डन और रात्रि चौकीदार को निलंबित कर दिया है। उधर, स्थानीय संगठनों ने इसे केवल प्रशासनिक चूक मानने से इनकार करते हुए स्कूल प्रबंधन, ट्रस्टियों और जिम्मेदार कर्मचारियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं के तहत आपराधिक मामला दर्ज करने की मांग की है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आधी रात को छात्रों के पास मोटरसाइकिल कैसे पहुंची और सुरक्षा द्वार पर लापरवाही की असली वजह क्या थी।






