
संवाद 24, फर्रूखाबाद।
यूक्रेन ने रूस के काला सागर बेड़े को एक बड़ा झटका देते हुए समुद्री युद्ध में नई मिसाल कायम की है। यूक्रेनी सुरक्षा एजेंसी (SBU) ने अंडरवॉटर ड्रोन की मदद से रूसी नौसेना की किलो क्लास डीज़ल-इलेक्ट्रिक अटैक पनडुब्बी को निशाना बनाकर निष्क्रिय कर दिया। यह कार्रवाई काला सागर के रणनीतिक रूप से अहम नोवोरोस्सिय्स्क नौसैनिक बंदरगाह पर की गई, जहां रूस ने अपने कई युद्धपोतों और पनडुब्बियों को दोबारा तैनात किया था।
यूक्रेनी अधिकारियों के अनुसार, इस ऑपरेशन में SBU के विशेष ‘सब सी बेबी’ अंडरवॉटर ड्रोन का इस्तेमाल किया गया। एजेंसी ने हमले का वीडियो फुटेज भी जारी किया है, जिसमें बंदरगाह क्षेत्र के पास तेज धमाका और वहां खड़े नौसैनिक जहाज दिखाई दे रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने बंदरगाह के लेआउट और तटरेखा के आधार पर वीडियो की लोकेशन की पुष्टि की है।
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की के सलाहकार अलेक्जेंडर कामिशिन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर दावा किया कि यह इतिहास में पहली बार है जब किसी अंडरवॉटर ड्रोन ने दुश्मन की पनडुब्बी को सफलतापूर्वक निष्क्रिय किया है। रूस की ओर से इस हमले पर फिलहाल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
गौरतलब है कि यूक्रेन के पास पारंपरिक नौसैनिक बेड़ा लगभग समाप्त हो चुका है, लेकिन बीते महीनों में उसने समुद्री ड्रोन और मिसाइल तकनीक के जरिए रूसी काला सागर बेड़े पर लगातार दबाव बनाया है। इन्हीं हमलों के चलते रूस को कब्जे वाले क्रीमिया के सेवेस्तोपोल बंदरगाह से अपने कई जहाज हटाकर दक्षिणी रूस के नोवोरोस्सिय्स्क में तैनात करने पड़े थे।
यूक्रेनी सुरक्षा एजेंसी का कहना है कि जिस पनडुब्बी को निशाना बनाया गया, वह उन्हीं जहाजों में शामिल थी जिन्हें हालिया हमलों के बाद क्रीमिया से स्थानांतरित किया गया था। इस ताजा कार्रवाई को काला सागर में रूस की सैन्य रणनीति के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है।






