दिल्ली को दुल्हन बनाने की धमकी: लश्कर कमांडर रऊफ का भड़काऊ वीडियो वायरल, भारत को दी खुली चेतावनी
Share your love

संवाद 24, नई दिल्ली। पाकिस्तान में बैठे लश्कर-ए-तैयबा के कुख्यात आतंकी कमांडर हाफिज अब्दुल रऊफ का एक भड़काऊ वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो नवंबर का बताया जा रहा है, लेकिन इसके सामने आने के बाद भारत की सुरक्षा एजेंसियों में सतर्कता बढ़ गई है। वीडियो में रऊफ खुले तौर पर दिल्ली पर कब्जे, गजवा-ए-हिंद और भारत में शरिया लागू करने जैसी कट्टरपंथी बातें करता नजर आ रहा है।
वीडियो में रऊफ कहता है कि “हम दिल्ली को दुल्हन बनाएंगे, यह होकर रहेगा। गजवा-ए-हिंद होकर रहेगा और इस मुल्क का निजाम बदलेगा।” उसने दावा किया कि भारत, पाकिस्तान के खिलाफ अगले 50 साल तक हमला करने की हिम्मत नहीं करेगा और भारतीय वायुसेना पाकिस्तानी हवाई क्षेत्र में घुसने से डरती है।
कश्मीर को लेकर भी उकसाया
रऊफ ने जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद के कमजोर पड़ने के दावों को खारिज करते हुए कहा कि कश्मीर की लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई है। उसने चेतावनी दी कि जो लोग ऐसा सोचते हैं, वे भ्रम में हैं। साथ ही उसने भारत की सैन्य ताकत पर सवाल उठाते हुए राफेल, एस-400 और ड्रोन को “बेअसर” बताया।
अमेरिका की प्रतिबंध सूची में नाम
अब्दुल रऊफ लश्कर-ए-तैयबा सरगना हाफिज सईद का करीबी सहयोगी है और उस पर अमेरिका पहले से ही प्रतिबंध लगा चुका है। वह फलाह-ए-इंसानियत फाउंडेशन से भी जुड़ा रहा है। दिलचस्प बात यह है कि जब रऊफ आतंकी जनाजों में नजर आया था, तब पाकिस्तानी सेना ने उसे “आम नागरिक” बताकर बचाने की कोशिश की थी।
ऑपरेशन सिंदूर के बाद बौखलाहट
भारत ने पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में 6-7 मई की रात पाकिस्तान और पीओके में एयर स्ट्राइक कर 9 आतंकी ठिकानों को तबाह किया था। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ में 100 से ज्यादा आतंकियों के मारे जाने का दावा किया गया। इसी कार्रवाई के बाद से आतंकी संगठनों की बौखलाहट खुलकर सामने आने लगी है।
पहले भी दी जा चुकी हैं धमकियां
इससे पहले लश्कर आतंकी सैफुल्लाह कसूरी भी भारत और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को खुलेआम धमकी दे चुका है। उसने पाकिस्तान के आर्मी चीफ से भारत को “सबक सिखाने” की अपील की थी और हिंसा को और तेज करने की बात कही थी।
सुरक्षा एजेंसियां सतर्क
रऊफ के ताजा बयान को भारत विरोधी प्रोपेगेंडा और आतंकी मनोबल बढ़ाने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। सुरक्षा एजेंसियां वीडियो की जांच कर रही हैं और इसे पाकिस्तान में आतंकवाद को मिल रहे संरक्षण का एक और सबूत मान रही हैं।






