कमांड चेन टूटी? एयर स्ट्राइक में वरिष्ठ अधिकारी ढेर, तनाव चरम पर
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संवाद 24 नई दिल्ली । हाल ही में मध्य पूर्व में तनाव चरम पर पहुंच गया है जब इजरायल और अमेरिका की वायु सेनाओं ने संयुक्त रूप से ईरान के खिलाफ बड़े पैमाने पर हवाई हमले शुरू कर दिए। इजरायली वायु सेना और अमेरिकी बलों द्वारा मिली जानकारी के अनुसार यह हमला अब तक की सबसे व्यापक और रणनीतिक कार्रवाई माना जा रहा है, जिसने ईरानी सैन्य ढांचे को गहरा झटका दिया है। इस व्यापक ऑपरेशन को कथित तौर पर ‘ऑपरेशन रोरिंग लायन’ नाम दिया गया है, जिसमें करीब 200 से अधिक लड़ाकू विमानों और 500 से अधिक सैन्य लक्ष्य – जैसे मिसाइल लॉन्चिंग साइट, बैलिस्टिक मिसाइल ठिकाने और वायु रक्षा प्रतिष्ठान – को निशाना बनाया गया। यह हमला इजरायली वायु सेना के इतिहास में सबसे बड़ा बताया जा रहा है।
शीर्ष नेता और वरिष्ठ कमांडरों की मौत का दावा
आधिकारिक बयान में कहा गया है कि इस हमले में ईरान के सात शीर्ष सैन्य और सुरक्षा अधिकारी मारे गए हैं, जिनमें ईरानी रक्षा मंत्री अजीज नसीरजादेह, IRGC के कमांडर इन चीफ मोहम्मद पाकपुर तथा अन्य उच्च-स्तरीय अधिकारियों के नाम शामिल हैं। इजरायल के अनुसार इन नेताओं को लक्षित किया गया था क्योंकि वे देश की सैन्य और रणनीतिक क्षमताओं के मुख्य केंद्र थे। हमले की पुष्टि करते हुए इजरायल रक्षा बल (IDF) ने कहा कि इस कार्रवाई का उद्देश्य उन प्रमुख पदाधिकारियों को निशाना बनाकर ईरान की रणनीतिक क्षमता और युद्ध नेतृत्व प्रणाली को कमजोर करना था।
तेहरान में भारी विस्फोट और इंटरनेट ब्लैकआउट
तेहरान सहित कई ईरानी शहरों में अशांति और विस्फोटों की खबरें सोशल मीडिया पर सामने आई हैं, जिससे स्पष्ट होता है कि बड़े पैमाने पर बमबारी की जा रही है। इसी बीच ईरान में इंटरनेट की कनेक्टिविटी लगभग 100% से घटकर मात्र 4% रह गई है, जिससे देश के नागरिक पूरी दुनिया से लगभग कट गये हैं। इस लगभग पूर्ण ब्लैकआउट ने आम लोगों की आवाज़ और सूचना आदान-प्रदान को गंभीर रूप से प्रभावित किया है।
दुनिया भर में तनाव और प्रतिक्रियाएँ
इस हमले के बाद वैश्विक स्तर पर गंभीर प्रतिक्रियाएँ सामने आई हैं। कुछ देशों ने इसे क्षमता को तोड़ने वाला कदम बताया है, वहीं कुछ ने इसे एक संप्रभु देश के खिलाफ अकारण सशस्त्र आक्रमण करार दिया है। रूस समेत कई देशों ने संयुक्त राष्ट्र स्तर पर इस कार्रवाई की कड़ी निंदा की है और इसका जल्द से जल्द बंद होना चाहिए, ऐसा कहा है। इसके अलावा, अमेरिका और इजरायल के इस मिलीजुली सैद्धांतिक कार्रवाई ने आंतरिक ईरानी राजनीति में भी भूचाल ला दिया है। अनेक रिपोर्टें यह भी साझा करती हैं कि ईरान की ओर से जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी जा रही है, जिससे क्षेत्रीय सुरक्षा समीकरण और भी जटिल हुए हैं।
परिणाम: उड़ानों का रद्द होना और सामान्य जीवन पर प्रभाव
इज़राइल-ईरान टकराव के कारण ग्लोबल विमान सेवाओं में भी भारी प्रभाव पड़ा है। मुंबई समेत अन्य प्रमुख एयरपोर्टों से कई अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को सुरक्षा कारणों से रद्द कर दिया गया, जिससे यात्रियों को व्यापक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।






