
संवाद 24 डेस्क। हर महीने एक निश्चित रकम बचाकर धीरे-धीरे बड़ा कोष तैयार करने वालों के बीच आवर्ती जमा यानी Recurring Deposit (RD) एक लोकप्रिय विकल्प है। शेयर बाजार या म्यूचुअल फंड की तरह इसमें बाजार के उतार-चढ़ाव का सीधा असर नहीं पड़ता। यही वजह है कि नियमित और अपेक्षाकृत निश्चित रिटर्न चाहने वाले निवेशक पोस्ट ऑफिस और बैंक आरडी की तुलना करते हैं।
अगर कोई व्यक्ति हर महीने ₹10,000 आरडी में जमा करता है और लक्ष्य 10 साल का है, तो सवाल उठता है कि पोस्ट ऑफिस आरडी और भारतीय स्टेट बैंक (SBI) आरडी में से किसमें कितनी रकम बन सकती है? मौजूदा ब्याज दरों और उपलब्ध नियमों के आधार पर गणना करने पर दोनों के बीच अंतर दिखाई देता है। हालांकि, इस तुलना को समझते समय एक महत्वपूर्ण बात ध्यान में रखनी होगी—पोस्ट ऑफिस आरडी की ब्याज दर सरकार समय-समय पर तय करती है, जबकि SBI में आरडी की दर संबंधित बैंक की जमा दरों से जुड़ी होती है।
पोस्ट ऑफिस आरडी पर अभी कितना ब्याज मिल रहा है?
वर्तमान में 1 जुलाई से 30 सितंबर 2026 की तिमाही के लिए पोस्ट ऑफिस की 5 वर्षीय राष्ट्रीय बचत आवर्ती जमा यानी National Savings Recurring Deposit पर ब्याज दर 6.7 प्रतिशत सालाना है। वित्त मंत्रालय की छोटी बचत योजनाओं की दरों में 5 वर्षीय आरडी की दर 6.7 प्रतिशत पर बरकरार है।
पोस्ट ऑफिस आरडी की मूल अवधि पांच वर्ष होती है। इसे नियमों के तहत आगे पांच वर्ष के लिए बढ़ाया जा सकता है। इसलिए 10 वर्ष की अवधि का उदाहरण बनाते समय पहले पांच वर्ष की आरडी और उसके बाद पांच वर्ष के विस्तार को ध्यान में रखना पड़ता है।
यहां सबसे जरूरी सावधानी यह है कि 6.7 प्रतिशत की दर को पूरे 10 वर्षों के लिए आज से निश्चित मान लेना सही नहीं होगा। छोटी बचत योजनाओं की ब्याज दरों की सरकार तिमाही आधार पर समीक्षा करती है। इसलिए नीचे दी गई 10 साल की पोस्ट ऑफिस गणना को मौजूदा 6.7 प्रतिशत दर के आधार पर एक अनुमानित गणना के रूप में देखना चाहिए।
₹10,000 महीने जमा करने पर 5 साल में कितनी रकम?
मान लीजिए निवेशक हर महीने ₹10,000 पोस्ट ऑफिस आरडी में जमा करता है। पांच वर्षों में उसकी कुल जमा राशि होगी—
₹10,000 × 60 महीने = ₹6,00,000
मौजूदा 6.7 प्रतिशत ब्याज दर के आधार पर पांच साल की अनुमानित परिपक्वता राशि करीब ₹7.14 लाख बैठती है। इसमें लगभग ₹1.14 लाख ब्याज का हिस्सा है। उपलब्ध आरडी गणनाओं में ₹10,000 मासिक जमा पर 6.7 प्रतिशत की दर से पांच साल में करीब ₹7,13,658 की परिपक्वता राशि बताई गई है।
इसके बाद यदि खाते को नियमों के अनुसार अगले पांच साल के लिए बढ़ाया जाए और हर महीने ₹10,000 का निवेश जारी रखा जाए, तो 10 साल में कुल जमा राशि ₹12 लाख हो जाएगी।
10 साल में पोस्ट ऑफिस आरडी से करीब ₹17 लाख का आंकड़ा
मौजूदा 6.7 प्रतिशत ब्याज दर पूरे 10 वर्ष की अवधि में समान रहने की धारणा पर की गई गणना के अनुसार, ₹10,000 मासिक निवेश से 10 साल बाद लगभग ₹17,08,546 की राशि बन सकती है। इसमें ₹12 लाख आपकी कुल जमा राशि और करीब ₹5,08,546 ब्याज शामिल होगा। इसी तरह की गणना 2026 में प्रकाशित वित्तीय रिपोर्टों में भी दी गई है।
लेकिन यहां दोबारा यह समझना जरूरी है कि यह मौजूदा दर को पूरे 10 वर्ष तक बनाए रखने की अनुमानित गणना है। भविष्य की तिमाहियों में यदि पोस्ट ऑफिस आरडी की दर कम या अधिक होती है, तो वास्तविक परिपक्वता राशि भी बदल सकती है।
अब SBI आरडी की बारी, यहां क्या है गणित?
SBI की आरडी योजना में ब्याज दर संबंधित अवधि के लिए बैंक की टर्म डिपॉजिट दरों के अनुसार लागू होती है। SBI की आधिकारिक जानकारी के अनुसार आरडी पर सार्वजनिक ग्राहकों और वरिष्ठ नागरिकों के लिए लागू दरें टर्म डिपॉजिट दरों से जुड़ी होती हैं।
SBI की मौजूदा खुदरा जमा दरों में 5 वर्ष से लेकर 10 वर्ष तक की अवधि के लिए सामान्य ग्राहकों की दर 6.05 प्रतिशत सालाना है। वरिष्ठ नागरिकों के लिए इसी अवधि में 7.05 प्रतिशत की दर दिखाई गई है, जिसमें SBI की अतिरिक्त वरिष्ठ नागरिक सुविधा शामिल है।
इसलिए सामान्य ग्राहक के उदाहरण में ₹10,000 मासिक आरडी और 10 साल की अवधि के लिए 6.05 प्रतिशत ब्याज दर को आधार बनाया जा सकता है।
₹10,000 मासिक SBI RD से 10 साल में कितना पैसा?
10 वर्षों में निवेशक की कुल जमा राशि यहां भी होगी—
₹10,000 × 120 महीने = ₹12,00,000
6.05 प्रतिशत की दर के आधार पर 10 साल में अनुमानित परिपक्वता राशि करीब ₹16,48,781 बैठती है। इसमें कुल ₹12 लाख जमा और लगभग ₹4,48,781 ब्याज शामिल है। 2026 में प्रकाशित स्वतंत्र गणनाओं में भी ₹10,000 मासिक निवेश और 6.05 प्रतिशत की दर पर 10 साल की आरडी का अनुमान लगभग ₹16.49 लाख दिया गया है।
दोनों का सीधा मुकाबला करें तो कितना अंतर?
अब दोनों विकल्पों को एक साथ रखकर समझिए—
विवरण
पोस्ट ऑफिस आरडी*
SBI आरडी
मासिक जमा
₹10,000
₹10,000
अवधि
10 वर्ष
10 वर्ष
कुल जमा
₹12,00,000
₹12,00,000
गणना में इस्तेमाल दर
6.70%
6.05%
अनुमानित परिपक्वता राशि
₹17,08,546
₹16,48,781
अनुमानित ब्याज
₹5,08,546
₹4,48,781
अंतर
करीब ₹59,765 अधिक
—
*पोस्ट ऑफिस की राशि इस धारणा पर है कि 6.7 प्रतिशत की मौजूदा दर पूरी 10 साल की अवधि में समान रहती है।
इस अनुमान में पोस्ट ऑफिस आरडी की परिपक्वता राशि SBI से करीब ₹59,765 अधिक दिखाई देती है। इसका मुख्य कारण गणना में इस्तेमाल ब्याज दर का अंतर है—6.7 प्रतिशत बनाम 6.05 प्रतिशत।
लेकिन 10 साल की तुलना में सबसे बड़ा पेंच यहीं है
ऊपर की तालिका देखकर सीधे यह निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा कि पोस्ट ऑफिस में आज ₹10,000 की आरडी खोलने पर 10 साल बाद निश्चित रूप से ₹17.08 लाख ही मिलेंगे। इसकी वजह ब्याज दरों की प्रकृति है।
पोस्ट ऑफिस आरडी की घोषित दर छोटी बचत योजनाओं के लिए सरकार द्वारा तिमाही आधार पर तय की जाती है। वर्तमान तिमाही में यह 6.7 प्रतिशत है, लेकिन अगले वर्षों की दर अभी तय नहीं है। वित्त मंत्रालय की आधिकारिक व्यवस्था में छोटी बचत योजनाओं की दरों की अलग-अलग तिमाहियों के लिए घोषणा होती है।
दूसरी ओर, SBI आरडी में जिस अवधि के लिए खाता खोला जाता है, उसके लिए लागू बैंक की दर महत्वपूर्ण होती है। SBI की आधिकारिक आरडी जानकारी के अनुसार ब्याज दर टर्म डिपॉजिट की लागू दरों के अनुरूप होती है।
वरिष्ठ नागरिकों के लिए तस्वीर बदल सकती है
अगर निवेशक वरिष्ठ नागरिक है तो तुलना अलग हो सकती है। SBI की 5 से 10 वर्ष की जमा अवधि के लिए वरिष्ठ नागरिकों को सामान्य दर से अतिरिक्त ब्याज मिलता है और वर्तमान आधिकारिक तालिका में यह दर 7.05 प्रतिशत दिखाई गई है।
वहीं पोस्ट ऑफिस आरडी की मौजूदा 6.7 प्रतिशत दर सामान्य और वरिष्ठ नागरिकों के लिए अलग दर वाली योजना के रूप में नहीं दिखाई जाती। इसलिए किसी वरिष्ठ नागरिक के लिए सिर्फ सामान्य दरों वाली तुलना करना पूरी तस्वीर नहीं देगा।
निवेश से पहले इन बातों को जरूर समझें
आरडी में सबसे महत्वपूर्ण बात नियमित किस्त जमा करना है। SBI की जानकारी के अनुसार किस्त में देरी होने पर निर्धारित दंड लगाया जा सकता है और लगातार कई किस्तों के भुगतान में चूक होने पर खाते पर अतिरिक्त प्रभाव पड़ सकता है।
इसके अलावा आरडी से मिलने वाला ब्याज कर नियमों के अधीन हो सकता है। इसलिए केवल परिपक्वता राशि देखकर किसी योजना की तुलना पूरी नहीं मानी जानी चाहिए। निवेशक को अपनी कर श्रेणी, धन की जरूरत, समय अवधि, समय से पहले निकासी के नियम और ब्याज दर में संभावित बदलाव को भी ध्यान में रखना चाहिए।
कैलकुलेशन क्या कहता है?
₹10,000 की मासिक बचत के 10 साल के उदाहरण में, मौजूदा दरों को पूरे समय स्थिर मानने पर पोस्ट ऑफिस आरडी लगभग ₹17.09 लाख और SBI आरडी करीब ₹16.49 लाख तक पहुंच सकती है। यानी इस अनुमान में पोस्ट ऑफिस का आंकड़ा लगभग ₹59,765 अधिक है।
लेकिन यह अंतर भविष्य की ब्याज दरों पर निर्भर करेगा। पोस्ट ऑफिस की मौजूदा 6.7 प्रतिशत दर को 10 वर्षों तक स्थिर मानना केवल गणना की सुविधा के लिए है, कोई भविष्य की गारंटी नहीं। इसलिए निवेशक को खाता खोलने के समय लागू दर, विस्तार के समय की दर और अपनी वित्तीय जरूरतों को देखकर फैसला करना चाहिए। आरडी का मूल उद्देश्य नियमित बचत और अपेक्षाकृत निश्चित रिटर्न है; अंतिम चुनाव निवेशक की अपनी परिस्थितियों पर निर्भर करता है।






