
एक देसी गाय, प्राकृतिक संसाधन और आत्मनिर्भर किसान, रसायनों से नहीं, प्रकृति से समृद्ध होगा किसान: दुर्वासा आश्रम से गोपाल उपाध्याय का आह्वान
संवाद 24, फर्रुखाबाद। “यदि किसान प्रकृति के नियमों के अनुरूप खेती करेगा तो उसकी लागत घटेगी, भूमि की उर्वरता बढ़ेगी, भोजन विषमुक्त होगा और आने वाली पीढ़ियों को स्वस्थ जीवन मिलेगा। प्राकृतिक खेती कोई नया प्रयोग नहीं, बल्कि भारत की…




