
गुरु-परंपरा की ऐतिहासिक यात्रा और गुरु पूर्णिमा का सांस्कृतिक और तांत्रिक महत्व
डॉ. धरवेश कठेरिया।“गुरुर्ब्रह्मा गुरुर्विष्णुः गुरुर्देवो महेश्वरः।गुरुः साक्षात् परं ब्रह्म तस्मै श्रीगुरवे नमः॥”अर्थ: गुरु को ब्रह्मा, विष्णु और महेश के समान माना गया है। वे ही परब्रह्म का साक्षात् स्वरूप हैं। ऐसे श्रीगुरु को नमस्कार है। गुरु पूर्णिमा 2026: तिथि और…





