Geeta Singh

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श्राद्ध, तर्पण और पितृ ऋण: ब्रह्म पुराण में बताए गए गहरे आध्यात्मिक रहस्य।

संवाद 24 डेस्क। सनातन धर्म में मनुष्य को केवल अपने वर्तमान जीवन तक सीमित नहीं माना गया है, बल्कि उसे तीन प्रमुख ऋणों—देव ऋण, ऋषि ऋण और पितृ ऋण—से बंधा हुआ बताया गया है। इनमें पितृ ऋण का विशेष महत्व…

कलियुग में धर्म की रक्षा कैसे करें? ब्रह्म पुराण की व्यावहारिक शिक्षाएँ और आधुनिक जीवन में उनकी प्रासंगिकता (भाग-3)

संवाद 24 डेस्क। ब्रह्म पुराण के अनुसार कलियुग का सबसे बड़ा संघर्ष बाहरी परिस्थितियों से अधिक मनुष्य के भीतर चलने वाला संघर्ष है। काम, क्रोध, लोभ, मोह, मद और मत्सर जैसे दोष व्यक्ति की विवेक शक्ति को कमजोर कर देते…

कलियुग में मुक्ति का मार्ग क्या है? ब्रह्म पुराण में भक्ति, दान और सदाचार का महत्व (भाग-2)

संवाद 24 डेस्क। ब्रह्म पुराण कलियुग के अनेक दोषों का वर्णन करता है, लेकिन साथ ही यह भी स्पष्ट करता है कि यह युग केवल पतन का प्रतीक नहीं है। यदि मनुष्य सच्ची श्रद्धा, सत्कर्म और ईश्वर के प्रति समर्पण…

कलियुग पर ब्रह्म पुराण की चेतावनी: क्या सचमुच धर्म, सत्य और संस्कारों का होगा क्षय?(भाग 1)

संवाद 24 डेस्क। सनातन धर्म के अठारह महापुराण केवल धार्मिक आख्यानों का संग्रह नहीं हैं, बल्कि वे मानव जीवन, समाज, धर्म, प्रकृति और आध्यात्मिकता के गहन सिद्धांतों को भी प्रस्तुत करते हैं। इन्हीं में ब्रह्म पुराण का विशेष स्थान माना…

क्या रनर्स की दुनिया बदलने आ रही है Garmin ने लॉन्च की नई Forerunner स्मार्टवॉच, जानिए क्या है इसकी सबसे बड़ी खासियत!

संवाद 24 डेस्क। प्रीमियम वियरेबल्स की दुनिया के दिग्गज ब्रैंड गार्मिन (Garmin) ने भारतीय फिटनेस मार्केट में एक बड़ा दांव खेला है। कंपनी ने खास तौर पर रनर्स और एथलीट्स की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए अपनी लोकप्रिय फोररनर…

ब्रह्म पुराण में दान का महत्व: कौन-सा दान सबसे श्रेष्ठ माना गया है? जानिए धर्म, पुण्य और लोककल्याण का रहस्य (भाग-2)

संवाद 24 डेस्क। ब्रह्म पुराण में दान के अनेक स्वरूपों का उल्लेख मिलता है। अन्न, जल, गौ, भूमि, वस्त्र, स्वर्ण तथा अन्य उपयोगी वस्तुओं के दान को धर्म का अंग बताया गया है। यद्यपि पुराण में प्रत्येक दान का अपना…

ब्रह्म पुराण में दान का महत्व: क्यों कहा गया है कि दान से बढ़कर कोई पुण्य नहीं? जानिए कौन-सा दान माना गया सबसे श्रेष्ठ (भाग-1)

संवाद 24 डेस्क। सनातन धर्म के अठारह महापुराणों में ब्रह्म पुराण का विशेष स्थान माना जाता है। यह पुराण केवल सृष्टि की उत्पत्ति, देवताओं की महिमा और तीर्थों का ही वर्णन नहीं करता, बल्कि मानव जीवन को धर्म, सदाचार और…

ब्रह्म पुराण में वर्णित पवित्र तीर्थों का संदेश: आस्था, आत्मशुद्धि और भारतीय संस्कृति का सनातन आधार(भाग-3)

संवाद 24 डेस्क। ब्रह्म पुराण में वर्णित तीर्थ केवल धार्मिक मान्यताओं का संग्रह नहीं हैं, बल्कि वे भारतीय संस्कृति, आध्यात्मिक चिंतन और सामाजिक जीवन के ऐसे केंद्र हैं जिन्होंने हजारों वर्षों से सनातन परंपरा को जीवंत बनाए रखा है। इस…

ब्रह्म पुराण में वर्णित पवित्र तीर्थ: जहां स्नान, दर्शन और श्रद्धा से मोक्ष की कामना की गई (भाग-2)

संवाद 24 डेस्क। ब्रह्म पुराण केवल तीर्थों के नामों का उल्लेख नहीं करता, बल्कि प्रत्येक तीर्थ के धार्मिक, आध्यात्मिक और सांस्कृतिक महत्व का विस्तार से वर्णन करता है। इन तीर्थों को ऐसी भूमि बताया गया है, जहां देवताओं, ऋषियों और…

जानिए भारत की सनातन आस्था का दिव्य तीर्थ मानचित्र ब्रह्म पुराण की दृष्टि में तीर्थों का आध्यात्मिक वैभव। (भाग-1 )

संवाद 24 डेस्क। सनातन धर्म के अठारह महापुराणों में ब्रह्म पुराण का विशेष स्थान माना जाता है। इसे कई परंपराओं में आदि पुराण भी कहा गया है, क्योंकि यह महापुराणों की सूची में प्रथम स्थान पर आता है। यद्यपि इसके…