
श्राद्ध, तर्पण और पितृ ऋण: ब्रह्म पुराण में बताए गए गहरे आध्यात्मिक रहस्य।
संवाद 24 डेस्क। सनातन धर्म में मनुष्य को केवल अपने वर्तमान जीवन तक सीमित नहीं माना गया है, बल्कि उसे तीन प्रमुख ऋणों—देव ऋण, ऋषि ऋण और पितृ ऋण—से बंधा हुआ बताया गया है। इनमें पितृ ऋण का विशेष महत्व…









