नवंबर में सड़क हादसों ने बढ़ाई चिंता, 27 लोगों की मौत पर सांसद सख्त
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संवाद 24 फर्रुखाबाद। जनपद में लगातार बढ़ रही सड़क दुर्घटनाओं को लेकर कलेक्ट्रेट सभागार में सांसद मुकेश राजपूत की अध्यक्षता में सड़क सुरक्षा समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में सामने आए आंकड़ों ने सभी को चिंतित कर दिया। बताया गया कि केवल नवंबर माह में ही 44 सड़क दुर्घटनाएं हुईं, जिनमें 27 लोगों की जान चली गई और 34 लोग घायल हुए।
एआरटीओ प्रवर्तन सुभाष राजपूत ने बैठक में विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि नवंबर 2025 तक फर्रुखाबाद जनपद में कुल 439 सड़क दुर्घटनाएं दर्ज की गई हैं। इन हादसों में 253 लोगों की मृत्यु हुई है, जबकि 346 लोग घायल हुए हैं। उन्होंने बताया कि कुल दुर्घटनाओं में से 287 मामलों में कम से कम एक दोपहिया वाहन शामिल रहा, जिनमें 163 दोपहिया सवारों की मौत हुई और 201 घायल हुए।

आंकड़ों के अनुसार 75 दुर्घटनाएं ऐसी रहीं, जिनमें दोनों वाहन दोपहिया थे। इन हादसों में 27 लोगों की जान गई और 46 लोग घायल हुए। वहीं हिट एंड रन की घटनाओं में भी चिंताजनक बढ़ोतरी दर्ज की गई है। वर्ष 2025 में नवंबर तक 95 हिट एंड रन दुर्घटनाएं हुईं, जिनमें 79 लोगों की मौत और 74 लोगों के घायल होने की जानकारी दी गई। जबकि वर्ष 2024 की समान अवधि में 66 हिट एंड रन मामलों में 43 लोगों की मृत्यु हुई थी।
बैठक में यह भी बताया गया कि जिले में कुल 11 ब्लैक स्पॉट चिह्नित किए गए हैं, जिनमें से 8 ब्लैक स्पॉट राष्ट्रीय राजमार्ग 730C पर स्थित हैं। रोहिला चौराहा, बृहमहत्त स्मारक और मसेनी चौराहा पर जंक्शन डेवलपमेंट का कार्य अभी तक अधूरा है, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बना हुआ है।
सांसद मुकेश राजपूत ने राष्ट्रीय राजमार्ग 730C के निर्माण में हो रही देरी और सड़क सुरक्षा मानकों की अनदेखी पर नाराजगी जताई। उन्होंने बताया कि इस हाईवे का निर्माण कार्य 23 नवंबर 2024 तक पूरा होना था, लेकिन वर्ष 2025 की समाप्ति के करीब पहुंचने के बावजूद सड़क अधूरी है। बढ़ती दुर्घटनाओं को देखते हुए सांसद ने एनएचएआई अधिकारियों को निर्देश दिए कि नेशनल हाईवे को शीघ्र दुरुस्त किया जाए और आवश्यक स्थानों पर रिफ्लेक्टिव टेप व सुरक्षा संकेतक लगाए जाएं।
इसके साथ ही सांसद ने शुकरूल्लापुर रेलवे ओवरब्रिज पर लगी लाइटों को जल्द से जल्द चालू कराने के निर्देश भी दिए, ताकि रात के समय दुर्घटनाओं की आशंका को कम किया जा सके। बैठक में सड़क सुरक्षा को लेकर सभी संबंधित विभागों को समन्वय के साथ ठोस कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।






