नारे पाकिस्तान के, रोटी भारत से – 50 हजार टन चावल के आगे झुकी यूनुस सरकार
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संवाद 24 डेस्क। भारत विरोधी सुरों और राजनीतिक अस्थिरता के बीच बांग्लादेश की हकीकत एक बार फिर सामने आ गई है। पेट की आग ने सियासत के नारों को पछाड़ दिया है। मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार ने भारत से 50,000 टन गैर-बासमती चावल खरीदने का फैसला किया है।
खरीद मामलों पर बनी सलाहकार समिति की बैठक में यह निर्णय लिया गया कि भारत की एक निजी कंपनी से 355.77 डॉलर प्रति टन की दर से चावल मंगाया जाएगा। यह फैसला ऐसे समय लिया गया है, जब बांग्लादेश गंभीर खाद्यान्न संकट और आर्थिक दबाव से जूझ रहा है।
पाकिस्तान से भी खरीद, संकट की स्वीकारोक्ति
यहीं नहीं, सरकार ने पाकिस्तान से भी सरकार-से-सरकार समझौते के तहत 50,000 टन धूप में सुखाया गया चावल खरीदने को मंजूरी दी है, जिसकी कीमत 395 डॉलर प्रति टन तय की गई है। कुल मिलाकर 1 लाख टन चावल का यह सौदा साफ संकेत देता है कि देश के भीतर अनाज की हालत बेहद खराब हो चुकी है।
तेल भी बाहर से, आत्मनिर्भरता सिर्फ पोस्टरों में
चावल के साथ-साथ बांग्लादेश सरकार ने अमेरिका और नाइजीरिया से 3.75 करोड़ लीटर सोयाबीन तेल खरीदने का भी फैसला किया है। इसमें अमेरिका से 1.25 करोड़ लीटर तेल 132.69 टका प्रति लीटर और नाइजीरिया से 121.32 टका प्रति लीटर की दर से खरीदा जाएगा।
गैस कुएं भी चीन के हवाले
बैठक में एक और अहम फैसला लेते हुए चीनी कंपनी सिनोपेक इंटरनेशनल पेट्रोलियम सर्विस कॉर्पोरेशन को शाहबाजपुर और भोला गैस क्षेत्रों में चार कुओं की ड्रिलिंग और विकास का ठेका सौंप दिया गया।






