
संवाद 24 संवाददाता। फिल्मी दुनिया की चमक-दमक के पीछे छिपी एक काली सच्चाई एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) की जांच में सामने आई है। हेरोइन तस्करी के आरोप में जेल भेजे गए फिल्म और वेबसीरीज के कलाकार मानसिंह से पूछताछ में खुलासा हुआ है कि वह मुंबई से हेरोइन लाकर आगरा और लखनऊ तक फैले ड्रग नेटवर्क को सप्लाई करता था। यह नेटवर्क शहरों की हाई-प्रोफाइल पार्टियों तक नशे की खेप पहुंचाता था।
पूछताछ में सामने आया कि मूल रूप से दिल्ली के राजौरी गार्डन का रहने वाला मानसिंह वर्तमान में आगरा के न्यू आगरा क्षेत्र स्थित इंद्रपुरी में किराए पर रह रहा था। वह वेबसीरीज और चर्चित फिल्म फर्जी सहित कुछ अन्य प्रोजेक्ट्स में छोटे-मोटे रोल कर चुका है। फिल्मों में करियर बनाने का सपना लेकर वह वर्ष 2008 में मुंबई गया था, लेकिन संघर्ष के इसी दौर में उसका संपर्क ड्रग तस्करों से हो गया।
एएनटीएफ के अनुसार, मुंबई में स्टूडियो और शूटिंग सेटों पर काम तलाशने के दौरान मानसिंह की मुलाकात तौहीद नामक व्यक्ति से हुई, जो शूटिंग के लिए सेट बनाने का काम करता था। यही तौहीद उसे हेरोइन तस्करी के धंधे में ले आया। तौहीद को मुंबई के अंधेरी इलाके में सक्रिय नाइजीरियन गिरोह हेरोइन सप्लाई करता था। इसके बाद मानसिंह के जरिए यह नशा आगरा और लखनऊ पहुंचाया जाता था, जहां नेटवर्क से जुड़े ड्रग पैडलर इसे आगे खपाते थे।
जांच में यह भी सामने आया कि नाइजीरियाई तस्कर बेहद सतर्क तरीके से काम करते थे। वे मोबाइल फोन का इस्तेमाल नहीं करते थे और केवल तय स्थानों पर सीमित समय के लिए ही मुलाकात करते थे। इसी वजह से लंबे समय तक वे कानून की पकड़ से बाहर रहे।
एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स इससे पहले इस गिरोह के सरगना फिरोजाबाद निवासी शैलेंद्र राणा और महोबा निवासी तौहीद को एक वर्ष पहले जेल भेज चुकी है। अब मानसिंह की गिरफ्तारी के बाद पूरे नेटवर्क की परतें खुलने लगी हैं। एएनटीएफ के सीओ उमेश पंवार ने बताया कि गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए जांच तेज कर दी गई है।
यह मामला न केवल ड्रग तस्करी के अंतरराज्यीय नेटवर्क को उजागर करता है, बल्कि यह भी दिखाता है कि कैसे फिल्मी दुनिया में संघर्ष कर रहे कुछ लोग गलत रास्तों में फंसकर अपराध का हिस्सा बन जाते हैं। पुलिस और एएनटीएफ का कहना है कि आने वाले दिनों में इस नेटवर्क से जुड़े और भी बड़े नाम सामने आ सकते हैं।






