मेसी के कोलकाता इवेंट में अव्यवस्था पर सियासी घमासान: हिमंता बिस्वा सरमा ने ममता बनर्जी की गिरफ्तारी की मांग की
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संवाद 24 डेस्क: फुटबॉल आइकन लियोनेल मेसी के कोलकाता कार्यक्रम के दौरान मची अव्यवस्था को लेकर पश्चिम बंगाल की राजनीति गरमा गई है। भाजपा नेताओं ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) सरकार और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर निशाना साधा है। इसी कड़ी में असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कड़ा बयान देते हुए ममता बनर्जी की गिरफ्तारी तक की मांग कर दी है।
हिमंत सरमा ने कहा कि कोलकाता में मेसी के कार्यक्रम के दौरान जिस तरह अफरा-तफरी मची, वह राज्य की चरमराई कानून-व्यवस्था को दर्शाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि टीएमसी नेताओं के वीआईपी कल्चर की वजह से एक अंतरराष्ट्रीय स्तर का आयोजन खराब हो गया। सरमा के मुताबिक, जवाबदेही तय होनी चाहिए और इसकी शुरुआत शीर्ष स्तर से की जानी चाहिए।

मुख्यमंत्री, गृहमंत्री और पुलिस आयुक्त जिम्मेदार: सरमा
हिमंत सरमा ने कहा, “इस मामले में राज्य के मुख्यमंत्री, गृहमंत्री और कोलकाता पुलिस आयुक्त की जिम्मेदारी बनती है। इन्हें गिरफ्तार किया जाना चाहिए।” जब उनसे यह पूछा गया कि क्या वह कार्यक्रम के आयोजकों की गिरफ्तारी के पक्ष या विपक्ष में हैं, तो उन्होंने स्पष्ट किया कि वह न तो इसका समर्थन कर रहे हैं और न ही विरोध। उनके अनुसार, पहली जिम्मेदारी राज्य के गृह विभाग और पुलिस प्रशासन की है।
अन्य राज्यों के आयोजनों से की तुलना
सरमा ने कोलकाता के आयोजन की तुलना देश के अन्य बड़े सार्वजनिक कार्यक्रमों से की। उन्होंने कहा कि भीड़ प्रबंधन में बंगाल की नाकामी साफ दिखाई दी। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि गायक जुबिन गर्ग के निधन के बाद गुवाहाटी में तीन दिनों तक करीब 10 लाख लोग सड़कों पर थे, लेकिन कोई बड़ी घटना नहीं हुई। इसी तरह गुवाहाटी में पोस्ट मालोन का कार्यक्रम और मुंबई में क्रिकेट विश्व कप फाइनल भी शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुए। सरमा ने कहा, “पश्चिम बंगाल ऐसा राज्य बन गया है, जहां कुछ भी अनुमानित नहीं होता, क्योंकि वहां वीआईपी कल्चर चरम पर है।”
मेसी के कार्यक्रम में क्या हुआ था
अर्जेंटीना के फुटबॉल दिग्गज लियोनेल मेसी के भारत दौरे का पहला कार्यक्रम कोलकाता के सॉल्ट लेक स्टेडियम में आयोजित किया गया था। इस कार्यक्रम के लिए प्रशंसकों ने हजारों रुपए के टिकट खरीदे थे और स्टेडियम पूरी तरह खचाखच भरा हुआ था। आयोजकों की ओर से दावा किया गया था कि मेसी करीब 45 मिनट तक कार्यक्रम में मौजूद रहेंगे।
हालांकि, कार्यक्रम शुरू होने के करीब 15 मिनट बाद ही मेसी स्टेडियम से रवाना हो गए। इसके बाद नाराज दर्शकों ने पानी की बोतलें फेंकनी शुरू कर दीं और हंगामा हो गया। प्रशंसकों का आरोप है कि मेसी के आसपास अधिकतर समय टीएमसी नेताओं और वीआईपी लोगों के परिवार के सदस्य ही मौजूद रहे, जबकि आम दर्शकों को निराशा हाथ लगी।
राजनीतिक बयानबाजी तेज
इस घटना के बाद भाजपा ने इसे राज्य सरकार की विफलता करार दिया है, जबकि टीएमसी की ओर से अब तक इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। मेसी के कार्यक्रम में अव्यवस्था अब केवल आयोजन से जुड़ा मामला नहीं रह गया है, बल्कि यह पश्चिम बंगाल की कानून-व्यवस्था और वीआईपी संस्कृति को लेकर बड़े राजनीतिक विवाद का रूप ले चुका है।






