लखनऊ में हिंदू देवी-देवताओं के अपमान के विरोध में मार्च
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बाबर के नाम पर मस्जिद न बनने की मांग, शहर का नाम बदलकर ‘लखनपुर’ करने की अपील**
संवाद 24, लखनऊ में राष्ट्रीय हिंदू रक्षा परिषद ने मंगलवार को हिंदू देवी-देवताओं के अपमान और मुर्शिदाबाद में प्रस्तावित ‘बाबरी मस्जिद’ निर्माण के विरोध में केडी सिंह बाबू स्टेडियम से जीपीओ तक मार्च निकाला। परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष मुकेश दुबे और महामंडलेश्वर बाबा महादेव के नेतृत्व में बड़ी संख्या में समर्थक भगवा ध्वज, तिरंगा और त्रिशूल के साथ शामिल हुए।
“बाबर के नाम पर देश में कोई मस्जिद नहीं बनेगी” – बाबा महादेव
मार्च के दौरान बाबा महादेव ने कहा कि भारत में बाबर या उसके नाम से जुड़ी किसी भी मस्जिद के निर्माण को स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने मुर्शिदाबाद में कथित बाबरी मस्जिद निर्माण को “हिंदू भावनाओं पर प्रहार” बताया और इसका कड़ा विरोध दर्ज किया।

देवी-देवताओं के अपमान पर कड़ी कार्रवाई की मांग
संगठन ने सोशल मीडिया पर हिंदू देवी-देवताओं के खिलाफ की जाने वाली आपत्तिजनक टिप्पणियों पर नाराजगी जताई।
मुकेश दुबे ने कहा—
“धार्मिक भावनाओं को आहत करने वालों पर रासुका (NSA) के तहत कार्रवाई होनी चाहिए। प्रशासन को स्वतः संज्ञान लेना चाहिए।”
उन्होंने जातिगत टिप्पणी करने वालों के खिलाफ भी कठोर कानूनी कदम उठाने की मांग की।
लखनऊ का नाम बदलकर ‘लखनपुर’ करने की मांग
परिषद ने लखनऊ का नाम बदलकर लखनपुर करने की भी मांग दोहराई। मुकेश दुबे ने कहा कि यह मांग लंबे समय से विचाराधीन है और अब सरकार को इस पर फैसला लेना चाहिए।
संगठन ने साथ ही देवी-देवताओं के नाम पर बेचे जाने वाले खाद्य पदार्थों पर प्रतिबंध लगाने की भी अपील की।
मुर्शिदाबाद में बाबरी मस्जिद निर्माण का विरोध
बाबा महादेव ने हुमायूं से जुड़े बयान देकर आरोप लगाया कि मुर्शिदाबाद में बाबरी मस्जिद नाम से निर्माण “उद्देश्यपूर्ण उकसावा” है। उन्होंने कहा—
“हम वहां जाकर विरोध करेंगे। मुस्लिम समाज दुनिया की सबसे बड़ी मस्जिद बनाए, हम सहयोग को तैयार हैं, पर बाबरी नाम स्वीकार नहीं।”
परिषद ने जल्द ही बंगाल कूच करने की घोषणा की और केंद्र सरकार से इस मामले में तुरंत हस्तक्षेप करने की मांग की।






