
संवाद 24, नई दिल्ली। पिछले पांच दिनों से इंडिगो एयरलाइन की मनमानी और अव्यवस्था के बाद अब केंद्र सरकार ने कड़े कदम उठाए हैं। नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने एयरफेयर पर नियंत्रण करने के तहत घरेलू उड़ानों के किराए की एक अधिकतम सीमा तय कर दी है। इसके अलावा इंडिगो को आज शाम 8 बजे तक यात्रियों को रिफंड जारी करना होगा और कैंसिल फ्लाइट्स का सामान यात्रियों तक 48 घंटे के भीतर पहुंचाना अनिवार्य होगा।
सरकार ने तय किए किराए के नए स्लैब
अचानक बढ़ी हवाई टिकट की कीमतों पर लगाम लगाने के लिए सरकार ने दूरी के आधार पर अधिकतम किराया तय किया है—
| दूरी | अधिकतम किराया |
|---|---|
| 500 किमी तक | ₹7,500 |
| 501-1000 किमी | ₹12,000 |
| 1001-1500 किमी | ₹15,000 |
| 1500 किमी से अधिक | ₹18,000 |
सरकार की इस सीमा के बाद किसी भी एयरलाइन को इन दरों से ऊपर टिकट बेचने की अनुमति नहीं होगी।
इंडिगो पर कार्रवाई की तैयारी
इंडिगो की मनमानी के बाद मंत्रालय ने कई विकल्पों पर विचार किया है—
- इंडिगो पर भारी जुर्माना लगाया जा सकता है।
- जरूरत पड़ने पर कंपनी का लाइसेंस रद्द करने तक का फैसला लिया जा सकता है।
- कंपनी द्वारा हुई परेशानी के लिए यात्रियों को मुफ्त होटल, रिफंड और अगली फ्लाइट में सीट की गारंटी देना अनिवार्य होगा।
- नियम पालन न करने पर एयरलाइन दंडात्मक कार्रवाई झेल सकती है।
प्रधानमंत्री ने दिए थे सख्त निर्देश
सूत्रों के अनुसार, लगातार उड़ानें रद्द होने और यात्रियों के साथ बदसलूकी की शिकायतें बढ़ने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्थिति पर कड़ी नाराजगी जताई। प्रधानमंत्री कार्यालय ने अधिकारियों से तत्काल राहत उपाय लागू करने के निर्देश जारी किए।
टिकट कीमतों में 10 गुना उछाल
इंडिगो की उड़ानें रद्द होने के बाद अन्य एयरलाइंस ने टिकट कीमत में जबरदस्त बढ़ोतरी कर दी। मुंबई-चेन्नई और मुंबई-बेंगलुरु जैसे रूट पर टिकट ₹84,000 तक पहुंच गए। कई शहरों में एकतरफा किराया सामान्य से 10–12 गुना अधिक वसूला गया।
वाराणसी, लखनऊ और कई शहरों में हजारों फंसे
लखनऊ में 44 और वाराणसी में 18 उड़ानें रद्द होने से हजारों यात्री एयरपोर्ट पर फंसे रहे। काउंटर पर रिफंड, सामान और टिकट बदलाव के लिए लंबी कतारें लगीं और कई जगह यात्रियों और सुरक्षा कर्मियों में बहस की नौबत आ गई।






