40 हजार के लिए दोस्त ने कुल्हाड़ी से काटा सिर: गोरखपुर में युवक की हत्या, आरोपी का सनसनीखेज कबूलनामा
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संवाद 24 संवाददाता। गोरखपुर में 20 वर्षीय अंबुज त्रिपाठी की हत्या उसके जिगरी दोस्त आयुष सिंह ने सिर्फ 40 हजार रुपए के विवाद में कर दी। पुलिस पूछताछ में आयुष ने हत्या, शव के टुकड़े करने और महराजगंज में फेंकने की पूरी कहानी कबूल की। आयुष की निशानदेही पर पुलिस ने सिर और धड़ अलग-अलग स्थानों से बरामद किया। मंगलवार को पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपा गया, जहां एंबुलेंस में ही पिता ने पिंडदान किया।
कातिल आयुष का कबूलनामा: “कार में ही कुल्हाड़ी से सिर काटा, पहचान न हो इसलिए न्यूड किया”
पुलिस के मुताबिक आयुष ने बताया कि अंबुज ने उसे 40 हजार रुपए में एक अवैध पिस्टल दी थी, जो खराब थी। पैसे मांगने पर झगड़ा हुआ। 26 नवंबर को शराब के दौरान विवाद बढ़ा और आयुष तथा उसके दो साथियों ने बेसबॉल और डंडों से अंबुज को अधमरा कर दिया। आयुष ने गला दबाकर उसकी हत्या की।

इसके बाद उसने कार के भीतर ही कुल्हाड़ी से अंबुज का सिर धड़ से अलग कर दिया। पहचान मिटाने के लिए अंबुज के कपड़े उतार दिए, रक्षा सूत्र निकाल दिया और दाएं हाथ की एक अंगुली काट दी, जिस पर अंगूठी थी। बाद में शव के दोनों हिस्सों को 50 किमी दूर महराजगंज में फेंक दिया।
मिसिंग से लेकर हत्या उजागर होने तक की पूरी कहानी
26 नवंबर को अंबुज अपने घर से आयुष के साथ एक “कार्यक्रम” में जाने की बात कहकर निकला। रात तक न लौटने और मोबाइल बंद मिलने पर परिवार ने तलाश शुरू की। 28 नवंबर को पिता संतोष त्रिपाठी ने तिवारीपुर थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई।
पुलिस ने 50 से अधिक CCTV फुटेज, मोबाइल लोकेशन और आयुष के बयान की जांच की। आयुष ने पहले झगड़े की बात कही, लेकिन दबाव डालने पर सच उगल दिया और पुलिस को शव तक पहुंचाया।
लाश की हालत: आंखें और जीभ बाहर, धड़ सड़ा हुआ
पुलिस ने बताया कि शव पांच दिन पुराना था। सिर मिला तो आंखें और जीभ बाहर थीं। धड़ सड़ चुका था और शरीर पर मारपीट के गहरे निशान थे। जिस अर्टिगा कार से शव ले जाया गया, वह आयुष के दोस्त की थी।
घर में मातम: एंबुलेंस में पिंडदान, मां बोली “मेरे बेटे को अंदर लाओ”
शव घर पहुंचते ही अंबुज की मां रेखा और बहन राधा बेहोश हो गईं। मां रोते हुए कहती रहीं “रिशू को घर के अंदर लाओ, उसने कहा था अभी आ रहा हूं।” पिता संतोष ने एंबुलेंस के अंदर ही पिंडदान और गोदान किया। बाद में राजघाट पर अंतिम संस्कार किया गया, जहां भारी पुलिस मौजूद रही।
अंबुज परिवार का इकलौता बेटा था। वह पिछले साल इंटर में फेल हुआ था। बहन राधा 11वीं में पढ़ती है। पिता बीमा एजेंट और मां गृहिणी हैं।
हत्या, अपहरण, साक्ष्य नष्ट करने की धाराओं में केस दर्ज
एसपी सिटी अभिनव त्यागी के अनुसार आयुष सिंह को मुख्य आरोपी के रूप में गिरफ्तार किया गया है। एक अन्य आरोपी भी हिरासत में है, जबकि तीसरे की तलाश जारी है। पुलिस ने गुमशुदगी के मुकदमे को हत्या, अपहरण, सबूत नष्ट करने और आपराधिक साजिश की धाराओं में बदल दिया है।






