जिला न्यायपालिका की क्षमता ही न्याय व्यवस्था की असली रीढ़, 70% मामलों का फैसला वहीं होता है – CJI सूर्यकांत

Share your love

संवाद 24 नई दिल्ली। देश के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत ने शनिवार को कहा कि भारतीय न्याय व्यवस्था की सबसे बड़ी चुनौती जिला स्तर पर है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि डिस्ट्रिक्ट ज्यूडिशियरी कितनी तेजी, इंसानियत और समझदारी से काम करती है और बिना किसी भय के स्वतंत्र रूप से न्याय दे पाती है, इसी पर पूरे न्यायिक ढांचे की मजबूती निर्भर करती है।

दिल्ली में बार काउंसिल ऑफ इंडिया द्वारा आयोजित सम्मान समारोह में शामिल हुए CJI ने कहा कि न्याय चाहने वाले नागरिकों का पहला संपर्क बिंदु जिला अदालतें ही होती हैं। देश में करीब 70% मामलों का निपटारा जिला स्तर पर ही होता है, इसलिए यह सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है कि वहां न्यायपूर्ण और प्रभावी निर्णय दिए जाएं।

उन्होंने कहा कि ऐसा नहीं होना चाहिए कि जिला अदालतें सही ढंग से न्याय न दे सकें, क्योंकि वहीं से किसी नागरिक की न्याय प्रणाली के प्रति विश्वास की नींव पड़ती है। उन्होंने मध्यस्थता (mediation) को न्याय व्यवस्था का मजबूत स्तंभ बताया और कहा कि इसका प्रभावी उपयोग न्यायिक बोझ कम करने में मदद करेगा।

CJI सूर्यकांत के हालिया बयान भी चर्चाओं में

उन्होंने 28 नवंबर को एक सुनवाई के दौरान कहा था कि गरीबों के लिए न्याय दिलाना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है, और यदि जरूरत पड़ी तो वे आधी रात तक अदालत में बैठ सकते हैं। CJI ने स्पष्ट किया था कि उनकी अदालत में लग्जरी मुकदमेबाजी की जगह अंतिम पंक्ति के व्यक्ति के अधिकारों की रक्षा अहम है।

CJI ने कहा “मैं यहां सबसे गरीब और कमजोर व्यक्ति के लिए हूं। आवश्यकता पड़ी तो उनके लिए आधी रात तक भी बैठूंगा।”

Samvad 24 Office
Samvad 24 Office

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Get regular updates on your mail from Samvad 24 News