एसआईआर पुनरीक्षण में लापरवाही उजागर, अलीगढ़ प्रशासन की बड़ी कार्रवाई, सात लेखपाल व अमीन निलंबित, 45 पर गिरी गाज
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संवाद 24, अलीगढ़। अलीगढ़ में चल रहे विशेष मतदाता पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान के दौरान मिली गंभीर अनियमितताओं पर जिला प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। लगातार मिल रही शिकायतों और निरीक्षण रिपोर्ट के बाद प्रशासन ने 45 कर्मचारियों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की है। इनमें सात लेखपाल और सात रहस्योद्घाटन अमीनों को निलंबित किया गया है, जबकि 14 कर्मचारियों का वेतन रोका गया है और 24 को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
जिलाधिकारी ने कहा कि निर्वाचन प्रक्रिया से जुड़ी किसी भी प्रकार की लापरवाही लोकतांत्रिक व्यवस्था के साथ समझौता है, इसलिए संबंधित कर्मचारियों पर तत्काल कार्रवाई की गई है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भविष्य में ऐसे मामलों पर “जीरो टॉलरेंस” नीति ही लागू होगी।
सबसे बड़ी कार्रवाई शहर विधानसभा क्षेत्र में
सबसे सख्त कार्रवाई शहर विधानसभा क्षेत्र में हुई, जहां लेखपाल मीनू गोयल और पंकज सिंह, संग्राहक अमीन राजपूत सिंह, तथा विजयन स्वरूप को निलंबित कर दिया गया। प्रशासन के अनुसार, निर्धारित समय में फील्ड सत्यापन न होने, घर-घर सर्वेक्षण में गंभीर त्रुटियां और डेटा एंट्री में लापरवाही की पुष्टि हुई थी।
इसके अलावा कोल विधानसभा क्षेत्र में संग्राहक अमीन अंकुर पांडेय और शिवकुमार सहित प्रमोद कुमार, प्रमोद अग्रवाल, जमीर सिंह, प्रमोद सक्सेना, धर्मवीर, खजान सिंह, और अनवर अहमद को नोटिस जारी किया गया है।
छर्रा और इगलास में भी कार्रवाई
छर्रा विधानसभा क्षेत्र में लेखपाल राजेंद्र सिंह, संतोष कुमार, सतीश कुमार, मंजू देवी, नितेश कुमार और अनिल कुमार को कारण बताओ नोटिस भेजा गया है। इगलास क्षेत्र में प्रगति धीमी पाए जाने पर लेखपाल प्रवीण कुमार, संतोष कुमार और संग्राहक अमीन अमित कुमार को निलंबित किया गया।
वहीं, गोंडा विधानसभा क्षेत्र में लेखपाल राष्ट्र गौरव, रामकुमार बघेल, गोपाल सिंह, और अजय कुमार पर नोटिस जारी हुआ है। टप्पल में भी निरीक्षण के दौरान कई गंभीर कमियां सामने आईं, जिन पर संबंधित कर्मचारियों से स्पष्टीकरण मांगा गया है।
प्रशासन ने चेताया, समय पर कार्य नहीं हुआ तो होगी और कार्रवाई
एसडीएम कोल महिमा राजपूत ने बताया कि बार-बार चेतावनी के बावजूद काम में ढिलाई बरती गई, इसलिए यह कार्रवाई अनिवार्य हुई। उन्होंने कहा कि निर्वाचन कार्य में देरी न केवल तकनीकी समस्या पैदा करती है, बल्कि मतदाता सूची की शुद्धता पर भी असर डालती है।
अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि फील्ड सत्यापन में मिली हर कमी की उच्च स्तर पर समीक्षा की जाएगी और रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
जिलाधिकारी का सख्त संदेश
जिलाधिकारी ने कहा कि “मतदाता सूची का पुनरीक्षण संवेदनशील कार्य है और इसमें किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। जिन्हें नोटिस भेजा गया है, वे निर्धारित समय में अपना स्पष्टीकरण प्रस्तुत करें, अन्यथा अगली कार्रवाई के लिए तैयार रहें।” उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि अब से प्रत्येक क्षेत्र में एसआईआर कार्य की दैनिक मॉनिटरिंग होगी और प्रगति रिपोर्ट सीधे जिला निर्वाचन कार्यालय को भेजी जाएगी।






