60 वर्ष की आयु पर घर बैठे वृद्धावस्था पेंशन: फैमिली आईडी से स्वतः पंजीकरण को कैबिनेट की मंजूरी
Share your love

लखनऊ (संवाद 24 ब्यूरो): प्रदेश के बुजुर्गों को अब पेंशन प्राप्त करने के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने की आवश्यकता नहीं होगी। उत्तर प्रदेश कैबिनेट ने समाज कल्याण विभाग के उस महत्वपूर्ण प्रस्ताव को स्वीकृति दे दी है, जिसके तहत फैमिली आईडी (‘परिवार एक पहचान’) प्रणाली का उपयोग करते हुए 60 वर्ष या उससे अधिक आयु पूरी करने वाले पात्र नागरिकों का वृद्धावस्था पेंशन योजना में स्वतः पंजीकरण शुरू हो जाएगा।
प्रमुख विवरण एवं लाभ:
- आयु सीमा: 60 वर्ष की आयु पूरी होते ही योजना का लाभ मिलना शुरू हो जाएगा।
- स्वतः पंजीकरण प्रक्रिया: फैमिली आईडी डेटाबेस से जानकारी प्राप्त कर पात्र बुजुर्गों का डेटा समाज कल्याण विभाग के पेंशन पोर्टल पर ‘पुश’ (भेजा) किया जाएगा।
- सहमति एवं स्वीकृति: बुजुर्गों की सहमति मिलने पर, उनका फॉर्म 90 दिन के भीतर स्वीकृत कर दिया जाएगा। सहमति लेने के लिए विभाग पहले डिजिटल माध्यमों (SMS, WhatsApp, फोन कॉल) से संपर्क करेगा। यदि डिजिटल माध्यम से सहमति नहीं मिलती है, तो विभागीय कर्मचारी भौतिक रूप से संपर्क करेंगे।
- सरकारी व्यय: इस प्रणाली को लागू करने से राज्य सरकार की अन्य योजनाओं सहित वृद्धावस्था पेंशन पर सालाना ₹990 करोड़ का अतिरिक्त व्यय होगा।
कैबिनेट के अन्य महत्वपूर्ण निर्णय
कैबिनेट बैठक के बाद, समाज कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण ने बताया कि इस पहल से वर्तमान में योजना का लाभ ले रहे 67.50 लाख से अधिक वरिष्ठ नागरिकों के अलावा कई अन्य पात्र बुजुर्गों को लाभ मिलेगा, जो आवेदन प्रक्रिया पूरी न कर पाने के कारण वंचित रह जाते थे।
गन्ना किसानों के लिए रिकॉर्ड वृद्धि:
- गन्ना विकास एवं गन्ना मंत्री ने बताया कि कैबिनेट ने गन्ना किसानों को बड़ी राहत देते हुए पेराई सत्र 2025-26 के लिए गन्ना मूल्य (ESAP) में ₹30 रुपये की रिकॉर्ड वृद्धि को मंजूरी दी है।
- अब प्रति क्विंटल वितरण एवं सामान्य गन्ने का मूल्य ₹400 से बढ़ाकर ₹390 रुपये कर दिया गया है। अनुपूरक प्रस्तावों में यह मूल्य ₹355 रुपये प्रति क्विंटल रहेगा।
बायोमेट्रिक केंद्र:
- पंजीकरण और बायोमेट्रिक डेटा का कार्य ग्राम पंचायत सहायक या कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) के माध्यम से किया जा सकेगा।
- इन केंद्रों पर दो शिफ्टों में डिलीवरी की व्यवस्था की जाएगी।
- यह सुनिश्चित किया गया है कि किसी भी वृद्धजन की सहमति के बिना आवेदन की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ाई जाएगी।






