
संवाद 24 नई दिल्ली।
लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास हुए धमाके की जांच में पुलिस को आरोपी डॉ. उमर के सफर का पूरा विवरण सीसीटीवी कैमरों और डिजिटल रिकॉर्ड के आधार पर मिल गया है। अधिकारियों के अनुसार, उमर ने हरियाणा से दिल्ली पहुंचने तक की यात्रा बेहद सोच-समझकर की थी और हर कदम पर निगरानी से बचने की कोशिश करता दिखा।
जांच में सामने आया है कि सोमवार सुबह वह फरीदाबाद से निकला और दिल्ली–मुंबई एक्सप्रेसवे का रास्ता चुना। रास्ते में उसने एक ढाबे पर खाना खाया, नमाज़ अदा की और रात वही अपनी कार में सोकर बिताई। फुटेज से यह स्पष्ट है कि उमर भीड़भाड़ वाली जगहों से दूर रहने और छोटे ढाबों और सुनसान रास्तों का उपयोग करने की योजना पहले से बना चुका था।
धमाके से कुछ समय पहले वह हरियाणा के फिरोजपुर झिरका में भी रुका था। उसके बाद वह फिर एक्सप्रेसवे पर आया और धीमी गति से दिल्ली की ओर बढ़ता रहा। कैमरा रिकॉर्ड में यह देखा गया है कि रास्ते में वह दो बार रुका, एक बार चाय के लिए और दूसरी बार मोबाइल फोन देखने के लिए।
फरीदाबाद से बदरपुर बैरियर पार करने के बाद उमर दिल्ली में दाखिल हुआ। फिर वह शहर के कई इलाकों, ओखला, औद्योगिक एरिया, कनॉट प्लेस, पूर्वी दिल्ली में लगभग आधे दिन तक घूमता रहा। दोपहर तक वह अशोक विहार पहुंचा, जहां उसने एक ढाबे पर बैठकर खाना खाया और कुछ देर आराम किया। गवाहों के मुताबिक, उसका व्यवहार शांत और सामान्य था।
इसके बाद उमर केंद्रीय दिल्ली लौट आया और आसफ अली रोड की एक मस्जिद में गया। वहां नमाज़ पढ़ने के बाद वह तीन घंटे तक कार पार्किंग में बैठा रहा। जांच एजेंसियों को शक है कि इसी दौरान वह किसी के संपर्क में था या निर्देश प्राप्त कर रहा था।
सीसीटीवी रिकॉर्ड के अनुसार, लगभग 3:19 बजे उसकी सफेद ह्यूंडई i20 लाल किला परिसर की पार्किंग में दाखिल हुई। कार लगभग तीन घंटे यहीं खड़ी रही। शाम 6:22 बजे कार पार्किंग से बाहर आई और लाल किला मेट्रो की ओर बढ़ी। 6:52 बजे कार में जोरदार धमाका हुआ, जिसने पूरे इलाके को हिला दिया।
इस विस्फोट में 13 लोगों की मौत हो गई और कई लोग घायल हुए। ट्रैफिक कैमरों में कार का अचानक आग की लपटों में बदल जाना साफ दिखाई देता है। इसके बाद पुलिस और केंद्रीय एजेंसियों ने उमर की गतिविधियों की पूरी टाइमलाइन तैयार की, जिसमें सीसीटीवी फुटेज, टोल प्लाजा रिकॉर्ड, जीपीएस डेटा और मोबाइल लोकेशन शामिल हैं।
जांच में यह भी सामने आया है कि उमर, जो कभी एक स्थापित डॉक्टर माना जाता था, पिछले कुछ वर्षों में कट्टरपंथी विचारधाराओं की ओर झुक गया था और कई संदिग्ध ऑनलाइन समूहों से जुड़ा हुआ था। विस्फोट स्थल से मिले अवशेषों की डीएनए रिपोर्ट ने पुष्टि कर दी है कि धमाके के समय कार वही चला रहा था।
उसकी मां के डीएनए नमूने मंगलवार को लिए गए थे, जिन्हें दिल्ली भेजकर विस्फोट स्थल से मिले सैंपल से मिलाया गया। रिपोर्ट में दोनों का मेल पाया गया, जिससे यह साफ़ साबित हो गया कि कार में मौजूद व्यक्ति डॉ. उमर ही था।






