
संवाद 24 नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में सर्दी की दस्तक के साथ ही प्रदूषण का कहर अपने सबसे भयावह दौर में पहुंच चुका है। समूची दिल्ली इस समय स्मॉग और जहरीले धुएं की घनी चादर में लिपटी हुई है। ताजा आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली का समग्र वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 629 के खतरनाक स्तर पर पहुंच चुका है, जो सीधे तौर पर ‘गंभीर’ (Severe Plus) श्रेणी को दर्शाता है। शहर के अलग-अलग निगरानी केंद्रों से आ रहे आंकड़े यह साफ कर रहे हैं कि दिल्ली की हवा में सांस लेना अब कई दर्जन सिगरेट पीने के बराबर खतरनाक साबित हो रहा है।
आनंद विहार और विवेक विहार में हालात बेकाबू
प्रदूषण मापने वाले विभिन्न निगरानी केंद्रों के ताजा आंकड़ों ने प्रशासन और नागरिकों दोनों के होश उड़ा दिए हैं। दिल्ली के अधिकांश घनी आबादी वाले इलाकों में हवा की गुणवत्ता सामान्य से कई गुना अधिक जहरीली दर्ज की गई है:
1- आनंद विहार: 736
2- विवेक विहार: 734
3- पर्यटन विहार: 731
4- सोनिया विहार: 708
5- पूठ खुर्द: 698
6- रविंद्र नगर: 650
7- झंडेवालान: 628
8- नवजीवन विहार: 622
9- आरके पुरम: 588
10- खेड़ा डाबर: 496
पूर्वी और उत्तरी दिल्ली के कई क्षेत्रों में AQI का स्तर 700 का आंकड़ा पार कर चुका है, जिससे सुबह और शाम के समय दृश्यता बेहद कम हो गई है और लोगों को आंखों में जलन व सांस लेने में भारी तकलीफ का सामना करना पड़ रहा है।
मौसम की स्थिति: दिन में धूप, लेकिन हवा की रफ्तार धीमी
राजधानी में सुबह के समय हल्की ठंडक के साथ न्यूनतम तापमान 21 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, दिन चढ़ने के साथ धूप तेज होगी और आसमान साफ रहेगा।
1- अधिकतम तापमान: लगभग 30 डिग्री सेल्सियस
2- न्यूनतम तापमान: 17 डिग्री सेल्सियस
3- आर्द्रता (ह्यूमिडिटी): 73 प्रतिशत
4- हवा की गति: पश्चिम दिशा से लगभग 4 मील प्रति घंटा
विशेषज्ञों का कहना है कि हवा की गति बेहद धीमी होने और वातावरण में नमी का स्तर अधिक रहने के कारण धूल, धुआं और वाहनों से निकलने वाले जहरीले कण वातावरण की निचली सतह पर ही जमा हो गए हैं। यही वजह है कि तेज धूप निकलने के बावजूद स्मॉग का असर कम नहीं हो पा रहा है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने जारी की चेतावनी, मॉर्निंग वॉक बंद करने की सलाह
दिल्ली के बिगड़ते वायु गुणवत्ता सूचकांक को देखते हुए स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने आम जनता के लिए तत्काल प्रभाव से स्वास्थ्य संबंधी अलर्ट जारी किया है। डॉक्टरों की स्पष्ट सलाह है कि जब तक वायु गुणवत्ता में सुधार नहीं होता, तब तक लोग सुबह की सैर (मॉर्निंग वॉक) और खुले में भारी व्यायाम करने से पूरी तरह बचें। सुबह के समय प्रदूषक कण जमीन के सबसे करीब होते हैं, जो सीधे फेफड़ों में पहुंचकर गंभीर नुकसान पहुंचा सकते हैं। चिकित्सकों ने नागरिकों को घरों से बाहर निकलते समय उच्च गुणवत्ता वाले N-95 या एंटी-पॉल्यूशन मास्क पहनने की सख्त हिदायत दी है। इसके अलावा दमा, ब्रोंकाइटिस, हृदय रोग से ग्रसित मरीजों और बच्चों-बुजुर्गों को बिना जरूरी काम घर से बाहर न निकलने और इनहेलर व दवाएं हमेशा पास रखने की सलाह दी गई है।
जमीनी स्तर पर छिड़काव जारी, लेकिन नाकाफी साबित हो रहे प्रयास
बढ़ते वायु प्रदूषण से निपटने के लिए नगर निगम और संबंधित विभागों द्वारा प्रमुख मार्गों, जैसे राजा जी मार्ग और अन्य संवेदनशील चौराहों पर एंटी-स्मॉग गन और पानी के टैंकरों के जरिए लगातार पानी का छिड़काव किया जा रहा है। निर्माण स्थलों पर धूल नियंत्रण के नियमों को सख्ती से लागू करने के निर्देश दिए गए हैं। हालांकि, जानकारों का मानना है कि हवा की गति तेज हुए बिना या पश्चिमी विक्षोभ के चलते बारिश हुए बिना दिल्लीवासियों को इस जानलेवा स्मॉग से तत्काल राहत मिलना मुश्किल लग रहा है।






