परीक्षा देने आए 800 से अधिक युवाओं को मिला घर जैसा माहौल, फर्रुखाबाद में मुफ्त ठहरने और भोजन की व्यवस्था बनी मिसाल

संवाद 24 फर्रुखाबाद। प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए दूसरे जिलों से आने वाले युवाओं को अक्सर ठहरने और भोजन की समस्या से जूझना पड़ता है, लेकिन फर्रुखाबाद में पीईटी परीक्षा के दौरान उन्हें ऐसी परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा। फर्रुखाबाद विकास मंच ने तीन दिनों तक परीक्षार्थियों और उनके साथ आए परिजनों के लिए निःशुल्क आवास, भोजन, चाय और नाश्ते की व्यवस्था की। मंच के अनुसार, इस दौरान 800 से अधिक अभ्यर्थियों को सुविधा उपलब्ध कराई गई।

उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से आयोजित पीईटी परीक्षा के लिए जिले में विभिन्न केंद्र बनाए गए थे। 25 और 30 अक्टूबर तथा 1 नवंबर को हुई परीक्षा में शामिल होने के लिए आजमगढ़, सीतापुर, हरदोई, लखनऊ, उन्नाव, कानपुर, कानपुर देहात और शाहजहांपुर सहित कई जिलों से बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं पहुंचे।

धर्मशाला और हिंदी भवन में उपलब्ध कराई सुविधा

फर्रुखाबाद विकास मंच के जिलाध्यक्ष भईयन मिश्रा ने बताया कि परीक्षार्थियों के ठहरने के लिए विशंभर दयाल धर्मशाला और हिंदी भवन में व्यवस्था की गई थी। यहां आने वाले अभ्यर्थियों को भोजन, चाय और नाश्ता भी निःशुल्क उपलब्ध कराया गया। छात्राओं के साथ आए अभिभावकों के ठहरने का भी इंतजाम किया गया। उन्होंने बताया कि बाहर से आने वाले लोगों को निर्धारित स्थान तक पहुंचने में परेशानी न हो, इसके लिए रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और शहर के प्रमुख स्थानों पर होर्डिंग और फ्लेक्स लगाए गए थे। इन पर टीम के सदस्यों के मोबाइल नंबर और जरूरी जानकारियां दी गई थीं, जिससे परीक्षार्थी आसानी से ठहरने के स्थान तक पहुंच सकें।

अभ्यर्थियों ने कहा- ऐसी व्यवस्था की उम्मीद नहीं थी

ठहरने और भोजन की सुविधा पाने वाले परीक्षार्थियों ने मंच के प्रयासों की सराहना की। उनका कहना था कि वे इससे पहले कई स्थानों पर परीक्षा देने जा चुके हैं, लेकिन वहां ठहरने के लिए पर्याप्त मदद नहीं मिली। कई बार रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड या खुले स्थानों पर रात बितानी पड़ी। फर्रुखाबाद में निःशुल्क और व्यवस्थित इंतजाम देखकर उन्हें सुखद अनुभव हुआ। कुछ अभ्यर्थियों ने कहा कि वे अपने गृह जनपद लौटकर वहां के सामाजिक संगठनों और समाजसेवियों से भी ऐसी व्यवस्था शुरू करने की अपील करेंगे, ताकि दूसरे जिलों से परीक्षा देने आने वाले युवाओं को परेशानी न हो।

11 परीक्षाओं से जारी है सेवा का सिलसिला

भईयन मिश्रा ने बताया कि बाहर से आने वाले परीक्षार्थियों के लिए यह मंच की ओर से आयोजित 11वीं परीक्षा है, जिसमें इस तरह की व्यवस्था की गई। उन्होंने कहा कि पहले परीक्षा देने आने वाले युवाओं को सड़कों, फुटपाथों, रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड पर रात गुजारते देख उन्हें उनकी कठिनाइयों का एहसास हुआ। इसके बाद साथियों के सहयोग से निःशुल्क ठहरने और भोजन की पहल शुरू की गई। उन्होंने कहा कि इस काम से जरूरतमंदों को सहायता मिलती है, यही टीम के लिए संतोष की बात है। मंच का प्रयास रहता है कि कोई भी परीक्षार्थी रहने या खाने की चिंता के कारण परीक्षा से पहले परेशान न हो।

बड़ी टीम ने संभाली व्यवस्था की जिम्मेदारी

इस सेवा अभियान में अंगद पांडे उर्फ कोमल, प्रिंस शुक्ला, श्यामेंद्र दुबे, ओमनिवास पाठक, निशित दुबे उर्फ निशु, आयुष सक्सेना, राजीव वर्मा, आशुतोष मिश्रा, सनी बाथम, शिवांक बाजपेई, रजत वर्मा, दिलीप टेंट वाले, सल्लू भारद्वाज, दीपक गुप्ता, विवेक वर्मा, मोनू भाटिया, बीनू गुप्ता, विनय दीक्षित, महिपाल सिंह राजपूत, योगेश वर्मा, राम सक्सेना, संजू तिवारी और अमित मिश्रा राम सहित बड़ी संख्या में लोगों ने सहयोग किया। तीन दिनों तक चली इस व्यवस्था से न केवल सैकड़ों परीक्षार्थियों को राहत मिली, बल्कि उन्हें फर्रुखाबाद की सामाजिक सहभागिता और अतिथि सत्कार का अनुभव भी हुआ।

Samvad 24 Office
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