
वैदिक पंचांग
अंग्रेजी दिनांक – 04 नवंबर 2026, बुधवार
कालगणना
युगाब्द – 5128 (कलि संवत्)
विक्रम संवत् – 2083
शक संवत् – 1948 (पराभव)
सम्वत्सर – रौद्र
अयन – दक्षिणायन
ऋतु – हेमंत
मास, पक्ष एवं वार विवरण
मास – आश्विन (अमांत), कार्तिक (पूर्णिमांत)
पक्ष – कृष्ण
तिथि – दशमी प्रातः 11:05 AM तक, तत्पश्चात् एकादशी
वार – बुधवार
नक्षत्र, योग एवं करण
नक्षत्र – पूर्वा फाल्गुनी अगले दिन (05 नवंबर) प्रातः 03:30 AM तक, तत्पश्चात् उत्तरा फाल्गुनी
योग – ब्रह्म प्रातः 08:00 AM तक, तत्पश्चात् ऐन्द्र
करण – विष्टि (भद्रा) प्रातः 11:05 AM तक, तत्पश्चात् बव रात्रि 10:48 PM तक, तत्पश्चात् बालव
सूर्य, काल एवं मुहूर्त
सूर्योदय – 06:23 AM
सूर्यास्त – 05:26 PM
चन्द्रोदय – अगले दिन (05 नवंबर) 02:32 AM
चन्द्रास्त – दोपहर 02:24 PM
चन्द्र राशि – सिंह
अभिजित मुहूर्त – कोई नहीं
दिन काल – 11 घंटे 02 मिनट 42 सेकंड
अशुभ काल
राहुकाल – 11:55 AM से 01:18 PM तक
यमगण्ड – 07:46 AM से 09:09 AM तक
गुलिक काल – 10:32 AM से 11:55 AM तक
दुर्मुहूर्त – 11:33 AM से 12:17 PM तक
कुलिक – 11:33 AM से 12:17 PM तक
कालवेला / अर्द्धयाम – 07:07 AM से 07:52 AM तक
कंटक – 03:58 PM से 04:42 PM तक
यमघण्ट – 08:36 AM से 09:20 AM तक
शुभ चौघड़िया (दिन)
लाभ – 06:23 AM से 07:46 AM तक
अमृत – 07:46 AM से 09:09 AM तक
शुभ – 10:32 AM से 11:55 AM तक
चर – 02:41 PM से 04:03 PM तक
लाभ – 04:03 PM से 05:26 PM तक
दिशाशूल एवं यात्रा विचार
दिशाशूल – उत्तर
यात्रा उपाय – बुधवार को उत्तर दिशा की यात्रा टालने का प्रयास करें। यदि यात्रा अनिवार्य हो, तो तिल या धनिया खाकर अथवा भगवान श्री गणेश का स्मरण कर प्रस्थान करें।
व्रत-पर्व एवं विशेष योग
रमा एकादशी व्रत प्रारंभ
आज कार्तिक कृष्ण पक्ष की दशमी तिथि प्रातः 11:05 पर समाप्त होकर परम कल्याणकारी ‘रमा एकादशी’ तिथि प्रारंभ हो जाएगी। कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी को रमा एकादशी कहा जाता है, जो मां लक्ष्मी के नाम पर आधारित है। भगवान श्री हरि विष्णु एवं मां लक्ष्मी की आराधना से जीवन में दरिद्रता का नाश और सुख-समृद्धि का संचार होता है।
पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र का प्रभाव
दिन-रात शुक्र देव के आधिपत्य वाले ‘पूर्वा फाल्गुनी’ नक्षत्र का प्रभाव रहेगा। जिसके स्वामी भाग्य देवता ‘भग’ हैं। यह नक्षत्र कला, संगीत, सौंदर्य, सामाजिक संबंधों तथा सुख-सुविधाओं के विस्तार के लिए विशेष अनुकूल माना जाता है।
विशेष ज्योतिषीय विश्लेषण
आज प्रातः काल 11:05 तक भद्रा (विष्टि करण) का प्रभाव रहेगा, अतः इस समय तक कोई भी नया अथवा मांगलिक कार्य आरंभ न करें। इसके पश्चात् समय अत्यंत शुभ रहेगा। सूर्य की स्वराशि सिंह में चन्द्रमा का गोचर तथा बुधवार का संयोग बौद्धिक, व्यापारिक और वित्तीय योजनाओं के लिए लाभकारी योग बनाएगा।

आज का राशिफल – 04 नवंबर 2026 बुधवार
मेष (चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, अ)
पंचम भाव में चन्द्रमा के प्रभाव से ज्ञान और विवेक में वृद्धि होगी। विद्यार्थियों और कला जगत से जुड़े जातकों को विशेष सफलता मिलेगी। आर्थिक लाभ के योग हैं।
उपाय – भगवान गणेश को दूर्वा और मोदक अर्पित करें।
वृषभ (ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो)
पारिवारिक सुख-साधनों पर ध्यान केंद्रित रहेगा। माता के स्वास्थ्य में सुधार होगा। कार्यक्षेत्र में मेहनत अधिक रहेगी, परंतु परिणाम आपके पक्ष में रहेंगे।
उपाय – गौ माता को हरी घास अथवा हरा चारा खिलाएं।
मिथुन (का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, ह)
तृतीय भाव में चन्द्रमा आपके आत्मविश्वास और पराक्रम में वृद्धि करेंगे। व्यापारिक यात्राएं लाभदायक रहेंगी। छोटे भाई-बहनों और मित्रों का सहयोग मिलेगा।
उपाय – ॐ बुं बुधाय नमः मंत्र का 108 बार जप करें।
कर्क (ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो)
धन भाव में चन्द्रमा का गोचर आर्थिक स्थिरता लाएगा। पैतृक संपत्ति से जुड़े मामलों में सकारात्मक समाचार मिल सकता है। वाणी में मधुरता बनाए रखें।
उपाय – भगवान शिव का जलाभिषेक करें।
सिंह (मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे)
आपकी ही राशि में चन्द्रमा का संचरण आत्मविश्वास और मान-प्रतिष्ठा में वृद्धि करेगा। सोची हुई योजनाओं को गति मिलेगी। नेतृत्व क्षमता की सराहना होगी।
उपाय – भगवान सूर्य को तांबे के पात्र से जल अर्पित करें।
कन्या (टो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो)
दिन के पूर्वार्ध में खर्चों की अधिकता और भागदौड़ रह सकती है। बाहरी संपर्कों से लाभ के नए अवसर मिलेंगे। कानूनी मामलों में सावधानी रखें।
उपाय – जरूरतमंदों को हरे मूंग की दाल का दान करें।
तुला (रा, री, रू, रे, रो, ता, टी, तू, ते)
एकादश भाव में चन्द्रमा आय के नए मार्ग खोलेंगे। पुराने निवेश से अच्छा मुनाफा हो सकता है। सामाजिक दायरे में आपकी प्रतिष्ठा बढ़ेगी।
उपाय – मां दुर्गा को लाल पुष्प या इत्र अर्पित करें।
वृश्चिक (तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू)
दशम भाव में चन्द्रमा कार्यक्षेत्र में उन्नति और पद-प्रभाव में वृद्धि करेंगे। उच्चाधिकारियों का मार्गदर्शन प्राप्त होगा। व्यापार में नई योजनाएं सफल होंगी।
उपाय – संकटमोचन हनुमानष्टक का पाठ करें।
धनु (ये, यो, भा, भी, भू, ध, फा, ढा, भे)
भाग्य पक्ष प्रबल रहेगा। धार्मिक व मांगलिक आयोजनों में भाग लेने का अवसर मिलेगा। उच्च शिक्षा के प्रयास सफल होंगे। यात्रा फलदायी रहेगी।
उपाय – मस्तक पर केसर अथवा पीले चंदन का तिलक लगाएं।
मकर (भो, जा, जी, खी, खू, खा, खो, गा, गी)
स्वास्थ्य और खानपान के प्रति सतर्कता बरतें। किसी पर भी आंख मूंदकर भरोसा न करें। शोध और तकनीकी कार्यों में लगे लोगों के लिए दिन उत्तम है।
उपाय – पक्षियों को दाना डालें और गणेश जी की पूजा करें।
कुंभ (गु, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा)
दांपत्य जीवन में मधुरता और सहयोग बढ़ेगा। व्यापार में नए अनुबंध और साझेदारी से लाभ होगा। दैनिक दिनचर्या व्यवस्थित रहेगी।
उपाय – गणपति अथर्वशीर्ष का पाठ करें।
मीन (दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची)
शत्रुओं और प्रतिस्पर्धियों पर आपका प्रभाव रहेगा। प्रतियोगी परीक्षाओं और नौकरी के प्रयासों में सफलता मिलेगी। ननिहाल पक्ष से सहयोग मिलेगा।
उपाय – भगवान श्री हरि विष्णु को तुलसी दल अर्पित करें।
॥ शुभम भवतु ॥

