
ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल पाइपलाइन बिछाने के लिए खोदी गई सड़कों की मरम्मत कराने के लिए जल निगम ग्रामीण ने विशेष अभियान शुरू किया है। प्रदेशव्यापी अभियान 1 अक्टूबर से 10 नवंबर तक चलाया जा रहा है। इसके तहत पाइपलाइन डालने के बाद क्षतिग्रस्त हुई सड़कों को दुरुस्त कराने पर जोर दिया जा रहा है। जिन गांवों में अब तक सड़कों की मरम्मत नहीं हुई है, वहां के लोग विभाग में शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
1641 किलोमीटर सड़क खोदी गई, 1617 किलोमीटर की मरम्मत पूरी
विभागीय जानकारी के अनुसार, जनपद में पेयजल पाइपलाइन बिछाने के लिए कुल 1641 किलोमीटर सड़क खोदी गई थी। इनमें से अब तक 1617 किलोमीटर सड़क की मरम्मत कराई जा चुकी है। शेष 24 किलोमीटर सड़क को दुरुस्त कराने के लिए कार्रवाई की जा रही है जल निगम ग्रामीण ने संबंधित अधिकारियों को अभियान के दौरान शेष सड़कों की मरम्मत जल्द पूरी कराने के निर्देश दिए हैं। सड़कें क्षतिग्रस्त रहने से ग्रामीणों को आवागमन में होने वाली परेशानी को देखते हुए विभाग ने शिकायतों के निस्तारण पर भी जोर दिया है।
आपके गांव में भी टूटी है सड़क? यहां करें शिकायत
यदि आपके गांव में पेयजल पाइपलाइन बिछाने के बाद सड़क की मरम्मत नहीं हुई है, तो इसकी सूचना जल निगम ग्रामीण को दी जा सकती है। विभाग ने शिकायत दर्ज कराने के लिए टोल फ्री नंबर 1800-121-2164 जारी किया है। इसके अलावा जल समाधान ऐप और आईजीआरएस पोर्टल के माध्यम से भी शिकायत दर्ज कराने की सुविधा बताई गई है शिकायत मिलने पर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश देकर सड़क की मरम्मत कराने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। ग्रामीणों से अपील की गई है कि वे अपने क्षेत्र में क्षतिग्रस्त सड़कों की जानकारी विभाग तक पहुंचाएं, ताकि समस्या का जल्द समाधान हो सके।
जलसारथी ऐप पर फोटो-वीडियो के साथ दर्ज करें शिकायत
सड़क मरम्मत अभियान के तहत जलसारथी ऐप पर भी शिकायत दर्ज कराने की व्यवस्था की गई है। ग्रामीण क्षेत्रों में पाइपलाइन डालने के बाद सड़क टूटी होने या उसकी मरम्मत नहीं होने पर नागरिक मौके की फोटो और वीडियो अपलोड कर सकते हैं। इससे संबंधित अधिकारियों तक समस्या की जानकारी पहुंचाने और कार्रवाई की निगरानी में मदद मिल सकती है।
जल्द सड़कें दुरुस्त कराना विभाग की प्राथमिकता
अधिशासी अभियंता मोहम्मद कासिम हाशमी ने कहा कि विभाग की प्राथमिकता पाइपलाइन बिछाने के बाद क्षतिग्रस्त हुई सड़कों को जल्द से जल्द दुरुस्त कराना है, ताकि ग्रामीणों को आवागमन में परेशानी न हो। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि यदि उनके गांव में सड़क की मरम्मत अब तक नहीं हुई है, तो विभाग को इसकी सूचना दें। शिकायत मिलने पर संबंधित अधिकारियों के माध्यम से आवश्यक कार्रवाई कराकर सड़क की मरम्मत सुनिश्चित कराई जाएगी।






